आजम की जौहर यूनिवर्सिटी अभी तोड़ी नहीं जाएगी: मुरादाबाद कमिश्नर ने रोक लगाई; पूर्व सांसद तंजीन बोलीं- आखिरी सांस तक लड़ूंगी - Rampur News

Published on 27 जुल॰ 2026

आजम की जौहर यूनिवर्सिटी अभी तोड़ी नहीं जाएगी:मुरादाबाद कमिश्नर ने रोक लगाई; पूर्व सांसद तंजीन बोलीं- आखिरी सांस तक लड़ूंगी

ओमपाल | रामपुर8 घंटे पहले

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सपा के सीनियर लीडर आजम खान को सोमवार को फौरी तौर पर बड़ी राहत मिली है। रामपुर में मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी अभी तोड़ी नहीं जाएगी। मुरादाबाद के कमिश्नर आन्जनेय सिंह ने रामपुर डीएम अजय कुमार द्विवेदी के फैसले पर रोक लगा दी। शाम करीब 5 बजे कमिश्नर ने इसकी पुष्टि की।

रामपुर डीएम ने 15 जुलाई को यूनिवर्सिटी की 40 में से 38 इमारतों को ढहाने का आदेश दिया था। वे रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) के उपाध्यक्ष हैं। उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर बिना नक्शा पास कराए निर्माण का आरोप लगाया था। इमारतों को ढहाने के लिए 15 दिन का समय दिया था।

RDA के इस फैसले के खिलाफ आजम की बहन और यूनिवर्सिटी की ट्रस्टी निखत अफलाक खान ने मुरादाबाद कमिश्नर के यहां अपील की थी। कमिश्नर ही RDA के अध्यक्ष और प्रथम अपीलीय अधिकारी हैं। अब मामले की अगली सुनवाई में यह तय होगा कि विकास प्राधिकरण का ध्वस्तीकरण आदेश बरकरार रहेगा या उसमें कोई बदलाव किया जाएगा।

आजम की पत्नी तंजीन फातिमा ने कहा,

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रामपुर डीएम का आदेश मनमाना है। छात्र-छात्राएं भी इस कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। हम उनके भविष्य की रक्षा के लिए आखिरी सांस तक यह लड़ाई लड़ेंगे।

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रामपुर डीएम के आदेश के खिलाफ जौहर यूनिवर्सिटी में छात्र 10 दिनों से धरने पर बैठे हैं।

रामपुर डीएम के आदेश के खिलाफ जौहर यूनिवर्सिटी में छात्र 10 दिनों से धरने पर बैठे हैं।

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जौहर ट्रस्ट की अर्जी पर एक दिन पहले हुई सुनवाई

जौहर यूनिवर्सिटी प्रकरण की सुनवाई 28 जुलाई को तय थी। लेकिन, जौहर ट्रस्ट के अधिवक्ता ने एक वकील के निधन के कारण 28 जुलाई को शोकसभा (कंडोलेंस) होने का हवाला देते हुए अनुरोध किया कि मामले की सुनवाई 27 जुलाई को ही कर ली जाए।

अधिवक्ता ने कोर्ट में कहा था कि यदि उसी दिन सुनवाई नहीं हुई तो रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) यूनिवर्सिटी की इमारतों को ध्वस्त करना शुरू कर देगा। इस पर सुनवाई करते हुए मुरादाबाद कमिश्नर ने रामपुर विकास प्राधिकरण के ध्वस्तीकरण आदेश पर अंतरिम रोक (स्टे) लगा दी।

यह पूरी तरह सामान्य कानूनी प्रक्रिया है। जब कोई मामला किसी अदालत में सुनवाई के लिए आ जाता है, तो अंतिम सुनवाई पूरी होने तक संबंधित प्राधिकरण का आदेश प्रभावी नहीं रहता। इसी प्रक्रिया के तहत जौहर यूनिवर्सिटी की कथित अवैध इमारतों को ध्वस्त करने के रामपुर विकास प्राधिकरण के आदेश पर फिलहाल रोक लगाई गई है।

आजम की पत्नी बोलीं- मामला केवल इमारतों का नहीं, छात्रों के भविष्य का है

तंजनी फातिमा ने सोमवार को रामपुर डीएम के आदेश पर मीडिया से बात की।

तंजनी फातिमा ने सोमवार को रामपुर डीएम के आदेश पर मीडिया से बात की।

सपा नेता आजम खान की पत्नी और पूर्व सांसद तंजीन फातिमा ने सोमवार को जौहर यूनिवर्सिटी पर हो रही कार्रवाई का विरोध किया। उन्होंने कहा- यूनिवर्सिटी की इमारतों को लेकर जिलाधिकारी की ओर से जारी नोटिस और ध्वस्तीकरण का आदेश मनमाना, गलत और गैर-लोकतांत्रिक है।

तंजीन फातिमा ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ इमारतों की नहीं, बल्कि हजारों छात्र-छात्राओं के भविष्य की है। उन्होंने दावा किया कि छात्र भी इस कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं और उनका भविष्य सुरक्षित रखने के लिए वे आखिरी सांस तक कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से लड़ाई लड़ेंगी।

सोमवार देर शाम अजय राय जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचे।

सोमवार देर शाम अजय राय जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचे।

अजय राय जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचे, छात्रों को लड्डू खिलाए

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय सोमवार रात रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचे। उन्होंने धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं से मुलाकात की, उन्हें लड्डू खिलाए और धरना समाप्त करने की अपील की। हालांकि, देर रात तक छात्रों ने धरना समाप्त करने की औपचारिक घोषणा नहीं की थी।

अजय राय ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी की इमारतों पर कार्रवाई पर रोक लगना इस बात का संकेत है कि सरकार घबरा गई है। उन्होंने कहा कि दिल्ली से लेकर पूरे देश में चल रहे आंदोलन की आंच जौहर विश्वविद्यालय तक पहुंचने के डर से सरकार और प्रशासन ने जल्दबाजी में ध्वस्तीकरण के आदेश पर स्टे कराया है।

अजय राय ने कहा,

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हम जौहर विश्वविद्यालय की एक ईंट भी नहीं हिलने देंगे। कांग्रेस छात्रों और विश्वविद्यालय के साथ चट्टान की तरह खड़ी है और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हर लड़ाई लड़ेगी।

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डीएम से मिला था सपा सांसद-विधायकों का डेलीगेशन

23 जुलाई को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे के नेतृत्व में सपा के 20 विधायकों समेत 45 नेताओं का डेलीगेशन डीएम अजय कुमार द्विवेदी से मिला था। यूनिवर्सिटी पर होने वाले बुलडोजर एक्शन को रोकने की मांग की थी।

इसके दो दिन बाद 25 जुलाई को 10 सांसदों का डेलीगेशन भी रामपुर पहुंचा। इनमें कैराना सांसद इकरा हसन, संभल सांसद जियाउर्रहमान बर्क और मुरादाबाद सांसद रुचि वीरा भी शामिल थीं। सभी पहले यूनिवर्सिटी गए। वहां धरने पर बैठे छात्रों से मुलाकात की। इसके बाद डीएम से मिलकर कार्रवाई को रोकने की मांग की थी।

सांसद इकरा हसन ने कहा था कि यूनिवर्सिटी को किसी भी तरह से नुकसान पहुंचाने का हम विरोध करेंगे।

सांसद इकरा हसन ने कहा था कि यूनिवर्सिटी को किसी भी तरह से नुकसान पहुंचाने का हम विरोध करेंगे।

इकरा ने कहा था- ईंट की जगह अपना सिर लगा देंगे

सांसद इकरा हसन ने कहा था- हमसे पहले हमारे विधायक भी डीएम से मिलने आए थे। मैं रामपुर और आजम खान को ये विश्वास दिलाती हूं कि जौहर यूनिवर्सिटी को गिरने नहीं देंगे। जरूरत पड़ी, तो एक-एक ईंट की जगह अपना सिर लगा देंगे, लेकिन इसे कुछ नहीं होने देंगे।

जौहर यूनिविर्सिटी आजम साहब ने बनाई है। उसे किसी कीमत पर टूटने नहीं देंगे। हम डीएम से मांग करेंगे कि इसे बने रहने दें। उनसे कहेंगे कि ये सुनिश्वित होना चाहिए कि यूनिवर्सिटी को कोई नुकसान न पहुंचे।

मुरादाबाद सांसद रुचि वीरा ने कहा- हम लोग जौहर यूनिवर्सिटी को किसी कीमत पर गिरने नहीं देंगे। ये शिक्षा का मंदिर है। इसे गिराने का आदेश गलत है। डीएम अगर हमारी बात नहीं मानेंगे, तो हम और बड़े अफसरों के पास जाएंगे। जरूरत पड़ी, तो कोर्ट भी जाएंगे।

25 जुलाई को मुरादाबाद सांसद रुचिवीरा यूनिविर्सटी के गेट पर धरना दे रहे छात्रों से मिली थीं।

25 जुलाई को मुरादाबाद सांसद रुचिवीरा यूनिविर्सटी के गेट पर धरना दे रहे छात्रों से मिली थीं।

आजम खान कैसे नक्शा पास कराने में चूके, पढ़िए

रामपुर विकास प्राधिकरण ने मार्च, 2026 में ही सींगनखेड़ी गांव को RDA की सीमा में शामिल किया है, जहां जौहर यूनिवर्सिटी बनी है। इसके पहले यह गांव जिला पंचायत में आता था। रामपुर जिला पंचायत का विकास शुल्क सिर्फ 100 रुपए प्रति वर्ग मीटर से 300 रुपए प्रति वर्ग मीटर तक है। अगर आजम ने मार्च, 2026 से पहले ये नक्शे पास कराए होते, तो बमुश्किल 5-6 करोड़ रुपए में उनकी यूनिवर्सिटी की सभी बिल्डिंगों के नक्शे पास हो गए होते। लेकिन, ऐसा करने से वो चूक गए।

एक सीनियर आर्किटेक्ट ने बताया- बेशक आजम खान बड़ी से बड़ी अदालत में क्यों न चले जाएं, लेकिन यूनिवर्सिटी की बिल्डिंगों का नक्शा पास कराने के लिए उन्हें रामपुर विकास प्राधिकरण के पास ही आना होगा। प्राधिकरण के ऑर्डर को स्टे करने के लिए वह प्राधिकरण के अध्यक्ष मुरादाबाद के कमिश्नर के पास अपील भी दाखिल कर सकते हैं। इसी के तहत अपील दाखिल की गई है।

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आजम ने 2003 में जौहर ट्रस्ट बनाया, मुलायम सिंह कैबिनेट के साथ पहुंचे थे

2003 की बात है, आजम खान मुलायम सरकार में संसदीय मामलों, शहरी विकास, रोजगार, जल आपूर्ति और गरीबी उन्मूलन के मंत्री बनाए गए। ये वो दौर था, जब असल मायने में रामपुर में आजम के दबदबे की शुरुआत हुई। इसी साल सपा नेता ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट बनाया। इस ट्रस्ट में आजम खान समेत उनके परिवार के लोग भी सदस्य बनाए गए।

2005 में आजम खान ने जौहर ट्रस्ट के अधीन मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी बनाने का फैसला किया। आजम इसे यूपी का सबसे बड़ा शिक्षण संस्थान बनाना चाहते थे। इसे ऐसे देखा जा सकता है कि तब CM रहे मुलायम सिंह यादव पूरी कैबिनेट के साथ 18 सितंबर, 2005 को रामपुर आए और जौहर यूनिवर्सिटी की नींव रखी गई।

ये सब पहले मुलायम सरकार में 2005 से 2007 तक और फिर अखिलेश सरकार में 2012 से 2015 के बीच हुआ। जब लोगों ने विरोध किया तो उन पर यूनिवर्सिटी में सरिया-सीमेंट चोरी और दीवार तोड़ने जैसे झूठे केस लगाकर जेल में डाल दिया गया।

2017 तक यूनिवर्सिटी में बीए, बीएससी, बीटेक, बी फार्मा समेत 25 कोर्स की पढ़ाई शुरू हो गई। इन कोर्सेज के लिए यूनिवर्सिटी में 58 अलग-अलग आलीशान इमारतें बनाई गईं। सपा शासनकाल में श्रम विभाग ने इनकी लागत लगभग 2000 करोड़ बताई थी।

मार्च 2017 में अखिलेश सरकार की विदाई हो गई। योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने। BJP की सरकार बनते ही आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी के बुरे दिन शुरू हो गए। हालत ये हो गई कि रामपुर में आजम पर दर्ज किए गए 90 मामलों में अकेले 30 जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े केस हैं। यूनिवर्सिटी करीब 1500 बीघे में बनी है। इसके लिए जो जमीनें खरीदी गईं, उसे लेकर आज तक मुकदमेबाजी चल रही है। जौहर यूनिवर्सिटी पर बीते 7 साल से लगातार कार्रवाई हो रही है।

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