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दिवाली पर म्यूचुअल फंड और शेयर्स करें गिफ्ट
भारतीय माता-पिता अपने बच्चों की खुशी के लिए खूब पैसा खर्च करते हैं। त्योहारों पर महंगे कपड़े, साइकिल, बाइक और दिवाली पर हजारों रुपये के पटाखे और मिठाइयां लाते हैं। उन्हें लगता है कि इससे बच्चे खुश रहेंगे। लेकिन वे बच्चों के भविष्य के लिए बचत और संपत्ति बनाने के बारे में कम ही सोचते हैं। इस दिवाली, अपने बच्चों और प्रियजनों को सोना, चांदी, महंगे कपड़े या मिठाई के डिब्बे देने के बजाय शेयर्स या म्यूचुअल फंड यूनिट्स गिफ्ट करें। मिठाइयां खत्म हो जाएंगी, कपड़े फट जाएंगे और पटाखे पल भर में राख हो जाएंगे, लेकिन आपका यह गिफ्ट उनके भविष्य के लिए संपत्ति बनाने का पहला कदम साबित होगा!
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पटाखे और मिठाई नहीं, शेयर्स दें
शेयर्स या म्यूचुअल फंड्स को दूसरों को गिफ्ट करने से पहले यह जानना बहुत जरूरी है कि इन्हें कैसे ट्रांसफर किया जाता है। इसके साथ ही, इन पर लगने वाले टैक्स के नियमों को समझना भी बेहद अहम है। यहां हम आपको इसके बारे में विस्तार से बता रहे हैं।
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दूसरों को शेयर्स गिफ्ट में कैसे दें?
भारत में शेयर्स और म्यूचुअल फंड्स गिफ्ट करने के अपने कुछ नियम हैं। टैक्स के नियम इस बात पर निर्भर करते हैं कि आप यह गिफ्ट परिवार के सदस्यों को दे रहे हैं या फिर दोस्तों और गैर-रिश्तेदारों को। अगर आप अपने पोर्टफोलियो के शेयर्स अपने माता-पिता, भाई-बहन, जीवनसाथी या किसी अन्य व्यक्ति को गिफ्ट करना चाहते हैं, तो आप उन्हें बेचने के बजाय सीधे ट्रांसफर कर सकते हैं। इसके लिए गिफ्ट देने और पाने वाले, दोनों के पास डीमैट (Demat) अकाउंट होना चाहिए। शेयरधारक अपने ब्रोकर या डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट (Depository Participant) के जरिए 'ऑफ-मार्केट ट्रांसफर' (off-market transfer) कर सकते हैं। इसके लिए शेयर्स पाने वाले के डीमैट अकाउंट की सही जानकारी और जरूरी ट्रांसफर निर्देश देने होते हैं।
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क्या म्यूचुअल फंड्स को गिफ्ट किया जा सकता है?
हां, आप म्यूचुअल फंड यूनिट्स को भी दूसरों को गिफ्ट कर सकते हैं। लेकिन इसका ट्रांसफर प्रोसेस इस बात पर निर्भर करता है कि यूनिट्स डीमैट अकाउंट में हैं या 'स्टेटमेंट ऑफ अकाउंट' (SoA) के रूप में हैं। अगर यूनिट्स डीमैट अकाउंट में हैं, तो आप इन्हें डिपॉजिटरी (Depository) के जरिए ट्रांसफर कर सकते हैं। वहीं, SoA के मामले में आपको म्यूचुअल फंड कंपनी, रजिस्ट्रार एंड ट्रांसफर एजेंट (RTA) और 'MF सेंट्रल' (MF Central) के नियमों को देखना होगा। ध्यान रहे कि सभी म्यूचुअल फंड योजनाओं में ट्रांसफर की सुविधा नहीं होती है।
₹50,000 से ज्यादा के गिफ्ट पर टैक्स कब लगता है?
आयकर अधिनियम, 2025 के सेक्शन 92 के तहत, अगर आप किसी गैर-रिश्तेदार से शेयर्स या सिक्योरिटीज जैसी संपत्ति बिना पैसे दिए गिफ्ट में लेते हैं और एक वित्त वर्ष में इनकी कुल फेयर मार्केट वैल्यू (fair market value) ₹50,000 से ज्यादा हो जाती है, तो पूरी रकम पर टैक्स लग सकता है। हालांकि, जीवनसाथी, भाई-बहन, माता-पिता और बच्चों जैसे खास रिश्तेदारों से मिलने वाले गिफ्ट्स पर इस नियम से छूट मिलती है।
शेयर्स बेचने पर टैक्स कौन भरेगा?
आमतौर पर किसी व्यक्ति या HUF द्वारा कैपिटल एसेट गिफ्ट करने को 'बिक्री' नहीं माना जाता है। लेकिन जब गिफ्ट पाने वाला व्यक्ति इन शेयर्स या म्यूचुअल फंड यूनिट्स को बेचता है, तब उसे टैक्स देना पड़ सकता है। ऐसे मामलों में मूल मालिक की खरीद लागत को ही ध्यान में रखा जाता है। इसके अलावा, अगर संपत्ति जीवनसाथी या नाबालिग बच्चे को गिफ्ट की गई है, तो 'क्लबिंग ऑफ इनकम' (आय को जोड़ने) के नियम लागू हो सकते हैं।
नोट: एशियानेट सुवर्णा न्यूज शेयर्स, म्यूचुअल फंड्स, आईपीओ (IPOs) या कमोडिटीज (commodities) को लेकर कोई निवेश सलाह नहीं देता है। यहां दी गई जानकारी सिर्फ आपकी समझ के लिए है। कोई भी निवेश करने से पहले कृपया अपने आर्थिक सलाहकार से बात जरूर करें।
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