सद्गुरु की नई किताब 'Disappearing Faces' लॉन्च, हिमालय के लोगों की बयां करती कहानी

Published on 11 अग॰ 2026

सद्गुरु की नई किताब 'Disappearing Faces' लॉन्च, हिमालय के लोगों की बयां करती कहानी

सद्गुरु की नई किताब लॉन्च

ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु की नई फोटोग्राफी बुक ‘डिसअपीयरिंग फेसेस’ (Disappearing Faces) को सोमवार को नई दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (IIC) में लॉन्च की गई. इस किताब में नेपाल और तिब्बत के दूर-दराज के हिमालयी इलाकों की यात्राओं के दौरान मिले लोगों की तस्वीरें शामिल हैं. पेंगुइन इंडिया द्वारा प्रकाशित इस किताब को केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया की मौजूदगी में लॉन्च किया गया. दरअसल, ‘डिसअपीयरिंग फेसेस’ उन लोगों की तस्वीरों का एक बेहतरीन संग्रह है, जिनसे सद्गुरु हिमालय के सबसे दुर्गम इलाकों की यात्रा के दौरान मिले थे.

अपनी यात्रा के दौरान सद्गुरु ने ऐसे चेहरों की तस्वीरें खींची, जो प्रकृति के करीब रहने और आधुनिक जीवन की भागदौड़ से दूर रहने के कारण खास तरह से ढल गए थे. किताब की लॉन्चिंग के बाद सद्गुरु और लेखक-कमेंटेटर आनंद रंगनाथन के बीच बातचीत हुई, जिसमें तस्वीरों के पीछे की कहानियों और अनुभवों पर चर्चा की गई. बातचीत के दौरान किताब के बारे में बताते हुए सद्गुरु ने कहा, ‘ये चेहरे एक ऐसे दौर की झलक दिखाते हैं जो जल्द ही गायब हो जाएगा. ऐसे चेहरे जिन पर सिर्फ रोशनी और अंधेरे, गर्मी और ठंड, वसंत और सर्दियों के अहसास की छाप है और सबसे बड़ी बात, ये चेहरे ऐसी जानकारी से अछूते हैं, जिनका हमारी इंद्रियों से कोई लेना-देना नहीं है. हमारी इंद्रियां हमें जीवन के एक ऐसे अहसास तक ले जाती हैं, जिसमें कोई फालतू या बेमतलब की बात नहीं होती.

सद्गुरु ने बयां किया हिमालय यात्रा का अनुभव

उन्होंने कहा कि ‘ये चेहरे ऐसे जीवन को दर्शाते हैं जो भले ही सादा या बुनियादी लगे, लेकिन जमीन, हवा, पानी और लोगों के गहरे अनुभवों से समृद्ध है. पिछले पांच दशकों में साल-दर-साल, पहाड़ों की सुंदरता और अद्भुत प्रकृति से परे इन चेहरों ने मुझे हिमालय की गहरी घाटियों और वादियों की ओर खींचा है’.

इस साल भी बाइक से जाएंगे हिमालय

दरअसल, सद्गुरु ने पहली बार साल 2006 में मानसरोवर और माउंट कैलाश की यात्रा की थी और तब से वो बार-बार वहां जाते रहे हैं. साथ ही हिमालय की तीर्थयात्रा पर जाने वाले साधकों का मार्गदर्शन भी करते रहे हैं. साल 2025 में कैलाश की अपनी पहली मोटरसाइकिल यात्रा के बाद सद्गुरु इस साल एक बार फिर मोटरसाइकिल से वहां जाने वाले हैं, जिससे हिमालय के पवित्र इलाकों के साथ उनका अनोखा जुड़ाव जारी रहेगा. हिमालय बरसों से सद्गुरु के जीवन का एक अहम हिस्सा रहा है, साथ ही उनके मानवीय कल्याण, मानवीय चेतना को ऊपर उठाने और पर्यावरण को फिर से बेहतर बनाने के प्रयासों में भी इसकी बड़ी भूमिका रही है.

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सोनू शर्मा

सोनू शर्मा

TV9 भारतवर्ष डिजिटल में बतौर सीनियर सब एडिटर कार्यरत हैं. यहां ट्रेंडिंग डेस्क पर काम करते हैं. न्यूज चैनल और डिजिटल मीडिया में 8 साल से अधिक का अनुभव है. पश्चिम बंगाल राज्य के कोलकाता स्थित NSHM कॉलेज से जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. उसके बाद IBN7 (अब न्यूज18 इंडिया) में इंटर्नशिप की. फिर बतौर असिस्टेंट प्रोड्यूसर सुदर्शन न्यूज चैनल से जुड़े. यहां स्पोर्ट्स टीम के साथ काम किया. फिर बिहार के पटना स्थित आर्यन न्यूज (बतौर प्रोड्यूसर), दिल्ली स्थित नेड्रिक न्यूज (बतौर सब एडिटर) और अमर उजाला जैसे संस्थानों में काम किया. अमर उजाला डिजिटल में बतौर सब एडिटर नेशनल और इंटरनेशनल बीट के साथ-साथ ट्रेंडिंग, ऑड, स्पोर्ट्स, लाइफस्टाइल और हेल्थ बीट पर काम किया. यहां शिफ्ट हेड की भूमिका भी निभाई. उसके बाद TV9 भारतवर्ष से जुड़ा. ट्रेंडिंग के साथ-साथ ऑड न्यूज, हेल्‍थ, साइंस और रिसर्च में बेहतरीन पकड़ है. किताबें पढ़ने का शौक है

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