Dhanbad News : IIT (ISM)  में SECL अधिकारियों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण शुरू

Published on 27 जुल॰ 2026

Dhanbad : आईआईटी (आईएसएम) के प्रबंधन अध्ययन व औद्योगिक अभियांत्रिकी विभाग (DMSIE) द्वारा साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL), बिलासपुर के अधिकारियों के लिए प्रोजेक्ट एंड फाइनेंशियल मैनेजमेंट विद प्रोजेक्ट मैनेजमेंट एंड सिमुलेशन सॉफ्टवेयर विषय पर पांच दिवसीय कार्यकारी विकास कार्यक्रम (EDP) की शुरुआत सोमवार को हुई. 

झारखंड के 16 व छत्तीसगढ़ के 8 माओवादी 11 हथियार व 1562 कारतूस के साथ मुख्यधारा में लौटेंगे, देखें कौन-कौन करेंगे सरेंडर
गुस्से में क्यों है युवा-एक :  11 साल, 1.45 लाख आत्महत्या

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 27 से 31 जुलाई तक आयोजित किया जाएगा.कार्यक्रम का उद्घाटन आईआईटी (आईएसएम) के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा ने किया. इस अवसर पर प्रो. केका ओझा (डीन, कंटीन्यूइंग एजुकेशन एंड आउटरीच), प्रो. धीरज कुमार (एचएजी प्रोफेसर, खनन अभियांत्रिकी विभाग) तथा प्रो. जे.के. पटनायक (एमेरिटस प्रोफेसर, प्रबंधन अध्ययन एवं औद्योगिक अभियांत्रिकी विभाग) सहित कई वरिष्ठ शिक्षाविद उपस्थित रहे.

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रो. सुकुमार मिश्रा ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में खनन परियोजनाओं की सफलता के लिए बेहतर प्रोजेक्ट प्लानिंग, मजबूत वित्तीय प्रबंधन और आधुनिक तकनीकों का उपयोग अत्यंत आवश्यक है. 

Uploaded Image

उन्होंने कहा कि सिमुलेशन सॉफ्टवेयर और डेटा आधारित निर्णय प्रणाली परियोजनाओं को अधिक प्रभावी, सुरक्षित और टिकाऊ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान को अपने कार्यक्षेत्र में प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया.

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य एसईसीएल के अधिकारियों को परियोजना योजना, वित्तीय प्रबंधन, प्रोजेक्ट शेड्यूलिंग, रिस्क एनालिसिस, सिमुलेशन मॉडलिंग तथा सतत परियोजना प्रबंधन से जुड़ी नवीनतम तकनीकों से अवगत कराना है. 

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ व्याख्यान, केस स्टडी और सॉफ्टवेयर आधारित व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किए जाएंगे.पांच दिवसीय कार्यक्रम में 18 तकनीकी सत्र आयोजित होंगे. इनमें सतत खनन परियोजना विकास, स्ट्रेटेजिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट, नेटवर्क तकनीक आधारित प्रोजेक्ट शेड्यूलिंग, रिस्क एनालिसिस एवं सिमुलेशन मॉडलिंग, फाइनेंशियल स्टेटमेंट एनालिसिस, कैपिटल बजटिंग, सोशल कॉस्ट-बेनेफिट एनालिसिस, कोयला उद्योग में मानव संसाधन प्रबंधन तथा परियोजनाओं की स्टार रेटिंग जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं.

कार्यक्रम में एसईसीएल, बिलासपुर के 20 अधिकारी भाग ले रहे हैं जिनमें जनरल मैनेजर, चीफ मैनेजर, सीनियर मैनेजर, मैनेजर, डिप्टी मैनेजर और असिस्टेंट मैनेजर शामिल हैं.ये अधिकारी माइनिंग, एक्सकेवेशन, इलेक्ट्रिकल व मैकेनिकल, प्रोजेक्ट प्लानिंग, पर्यावरण, वित्त, कॉन्ट्रैक्ट मैनेजमेंट, मटेरियल मैनेजमेंट और परचेज जैसे विभिन्न विभागों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं.

इस कार्यक्रम का समन्वय प्रो. रश्मि सिंह (सहायक प्रोफेसर) और प्रो. नीलाद्रि दास (प्रोफेसर), प्रबंधन अध्ययन एवं औद्योगिक अभियांत्रिकी विभाग द्वारा किया जा रहा है. वहीं कार्यक्रम के सफल आयोजन में एसईसीएल, बिलासपुर के निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास का विशेष सहयोग और मार्गदर्शन रहा.

आईआईटी (आईएसएम) धनबाद की यह पहल उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करने के साथ-साथ खनन क्षेत्र में आधुनिक, तकनीक आधारित और कुशल प्रबंधन प्रणाली को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें