Updated: Tuesday, July 21, 2026, 20:47 [IST]
Delhi CJP Protest Rahul Gandhi Akhilesh Yadav Detained: NEET पेपर लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन अब राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक तूफान बन गया है। 20 जुलाई को 'संसद चलो' मार्च के दौरान पुलिस लाठीचार्ज और आंसू गैस की कार्रवाई के बाद 21 जुलाई को विपक्षी दलों ने PM आवास के बाहर प्रदर्शन किया।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी अपनी बहन प्रियंका गांधी के साथ लोक कल्याण मार्ग पर PM मोदी के आवास के बाहर धरने पर बैठे। इसमें यूपी के पूर्व सीएम व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत अन्य विपक्षी नेता शामिल हुए। कुछ घंटों बाद राहुल, प्रियंका और अखिलेश को दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
सामने आई फोटो और वीडियो में साफ नजर आया कि राहुल गांधी को पुलिसकर्मी टांगकर ले जाते दिखी, जिसने पूरे देश में सनसनी फैला दी। यह घटना CJP आंदोलन को नए आयाम दे रही है और विपक्ष-सरकार के बीच तीखी बहस छेड़ गई है।

21 जुलाई को राहुल गांधी को टांग ले गई पुलिस
राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य कांग्रेस नेताओं ने PM आवास के बाहर NEET मामले पर प्रदर्शन किया। अखिलेश यादव भी शामिल हुए। उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और छात्रों पर 'पुलिस अत्याचार' की निंदा की। लगभग 20 मिनट बाद PMO से राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह पहुंचे और धरना समाप्त करने की अपील की, लेकिन विपक्षी नेताओं ने इनकार कर दिया।

इसके बाद दिल्ली पुलिस ने हस्तक्षेप किया और नेताओं को हिरासत में ले लिया। वायरल वीडियो में राहुल गांधी को पुलिसकर्मी टांगकर ले जाते दिख रहे हैं, जो सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा का विषय बना। अखिलेश यादव को भी हिरासत में लिया और छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया।
20 जून से जंतर-मंतर पर डेरा डालकर अपने समर्थकों के साथ बैठ गए। 29 जून को लद्दाख के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद् हैं सोनम वांगचुक भी उनके इस आंदोलन से जुड़कर भूख हडताल की। 20 जुलाई को CJP ने जंतर-मंतर से सुबह 9 बजे 'संसद कूच' किया। इस दौरान, पुलिस से नोकझोंक हुई। आंसू गैस, लाठीचार्ज, जमकर हड्डियां टूटीं। कई छात्र घायल हुए और तनावपूर्ण माहौल बना।

6 जून से 21 जुलाई तक, कैसे CJP का आंदोलन रंग लाया?
आपको बता दें कि, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके के नेतृत्व में 6 जून 2026 को जंतर मंतर पर पहला प्रदर्शन हुआ। इसके बाद दीपके ने लखनऊ, पुणे, बेंगलुरु समेत कई राज्यों में हल्ला बोला। इसके बाद, 20 जून से जंतर-मंतर पर सीजेपी के लोग और समर्थक, छात्र सभी नीट पेपर लीक, पेपर में धांधली और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर डेरा डाले हुए हैं। 28 जून को सोनम वांगचुक इस प्रदर्शन से जुड़े और 20 दिनों तक भूख हड़ताल पर बैठे। 20 जुलाई को 'संसद कूच' जंतर-मंजर सुबह 9 बजे से शुरू होते ही पुलिस का लाठीचार्ज और आंसू गैस का हमला देखने को मिला।
AAP का तंज: 'BJP-Congress जुगलबंदी?'
AAP ने कांग्रेस के इस प्रदर्शन पर तीखा हमला बोला। आतिशी, संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि CJP के एक महीने के आंदोलन को नजरअंदाज करने वाली मोदी सरकार, राहुल गांधी के धरने के बाद तुरंत बातचीत के लिए तैयार हो गई। आतिशी ने अपने एक्स पर लिखा कि एक और दिलचस्प बात- वही दिल्ली पुलिस जो CJP को संसद की ओर 100 मीटर भी नहीं बढ़ने दे रही थी, उसने राहुल गांधी को PM आवास के ठीक बाहर तक पहुंचने दिया।
जो गोदी मीडिया एक महीने से चल रहे CJP प्रोटेस्ट को एक मिनट भी TV चैनल पर नहीं चला रही थी, अब राहुल गांधी के एक घंटे के प्रोटेस्ट को लाइव चला रही है? इसका मतलब साफ है कि राहुल गांधी को TV पर दिखाने का निर्देश बीजेपी से आया है। यह बीजेपी-कांग्रेस की मिलीभगत का राज खोल ही दिया।
सोनम वांगचुक मेदांता शिफ्ट
उधर, दिल्ली हाई कोर्ट ने सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल, गुरुग्राम शिफ्ट करने का आदेश दिया। उनकी पत्नी गीतांजलि अंग्मो की याचिका पर CJI बेंच ने यह फैसला सुनाया। वांगचुक 28 जून से भूख हड़ताल पर हैं। कोर्ट ने मेदांता में स्पेशलिस्ट टीम गठित करने और प्रोटोकॉल फॉलो करने के निर्देश दिए।