Dehradun HIV Case : 'नशे की आदी, गैर मर्दों से संबंध...' HIV पीड़ित पति ने खोली पत्नी की पोल - Doon Horizon

Published on 13 जुल॰ 2026

देहरादून के प्रेमनगर में एक एचआईवी संक्रमित व्यक्ति की बीमारी की जानकारी रिश्तेदारों और ग्राहकों में फैलाकर उसका रेस्टोरेंट बंद कराने के आरोप में पुलिस ने केस दर्ज किया है। पीड़ित पति ने अपनी पत्नी, ससुर और साली पर ब्लैकमेल करने, अवैध संबंध रखने और घर की रजिस्ट्री चोरी करने का आरोप लगाते हुए कोर्ट की शरण ली थी।

देहरादून, 13 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।

Dehradun HIV Case : राजधानी देहरादून के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में एक बेहद संवेदनशील और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक एचआईवी संक्रमित व्यक्ति की बीमारी की जानकारी को उसकी ही पत्नी और ससुराल वालों ने सार्वजनिक कर दिया। इस वजह से पीड़ित युवक का पूरा व्यवसाय ठप हो गया और समाज में उसका बहिष्कार कर दिया गया।

पीड़ित युवक ने पुलिस द्वारा सुनवाई न किए जाने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट के सख्त आदेश के बाद प्रेमनगर थाना पुलिस ने पीड़ित की पत्नी, ससुर और साली के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।

सहसपुर के रहने वाले 36 वर्षीय पीड़ित व्यक्ति ने अदालत में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसका विवाह वर्ष 2019 में संपन्न हुआ था। वैवाहिक जीवन के दौरान उनके दो बच्चे भी हुए। पीड़ित का आरोप है कि उसकी पत्नी के कई अन्य युवकों के साथ अवैध संबंध थे और वह नशे की भी बेहद आदी हो चुकी है।

मार्च 2024 में एक मेडिकल जांच के दौरान पीड़ित युवक को खुद के एचआईवी संक्रमित होने की जानकारी मिली थी। इस गंभीर बीमारी का उसका लगातार इलाज चल रहा है। पीड़ित ने जब अपनी पत्नी के गैर मर्दों से संबंधों का विरोध किया और इसकी शिकायत अपने ससुराल वालों से की, तो उन्होंने इसका बदला लेने की साजिश रची।

ससुराल पक्ष के लोगों ने पीड़ित को प्रताड़ित करने के लिए उसकी एचआईवी संक्रमण की रिपोर्ट और बीमारी की बात को उसके तमाम रिश्तेदारों, किरायेदारों के बीच फैला दिया। इतना ही नहीं, आरोपियों ने इस संवेदनशील जानकारी को पीड़ित के फास्ट फूड रेस्टोरेंट में आने वाले नियमित ग्राहकों को भी बता दी।

बीमारी की बात बाजार और समाज में फैलने के कारण पीड़ित के फास्ट फूड रेस्टोरेंट में ग्राहकों ने आना बंद कर दिया। इसके चलते उसका चलता हुआ रेस्टोरेंट पूरी तरह से बंद हो गया और उसके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया। पीड़ित को हर तरफ भारी सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ रहा है।

पीड़ित व्यक्ति ने जब इन हालातों से तंग आकर अपनी पत्नी से तलाक की मांग की, तो उसकी साली ने इस बात के बदले उससे 20 लाख रुपये की मोटी रकम की मांग की। रुपये न देने पर पीड़ित को लगातार कई अज्ञात फोन नंबरों से धमकियां दिलाई जाने लगीं ताकि वह डर जाए।

अप्रैल 2026 में पीड़ित की पत्नी ने घर के अंदर रखी मकान की असली रजिस्ट्री (दस्तावेज) भी चोरी कर ली। पीड़ित का आरोप है कि इस पूरे मामले को लेकर उसने पहले पुलिस से गुहार लगाई थी, लेकिन स्थानीय पुलिस ने उसकी कोई सुनवाई नहीं की। इसके बाद उसे मजबूरन सीजेएम कोर्ट की शरण लेनी पड़ी।

इंस्पेक्टर प्रेमनगर नरेश राठौर ने बताया कि अदालत के आदेश पर पीड़ित की पत्नी, ससुर और साली के विरुद्ध मानव इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस और एक्वायर्ड इम्यूनो डेफिशिएंसी सिंड्रोम (निवारण और नियंत्रण) अधिनियम यानी एचआईवी एंड एड्स एक्ट की सुसंगत धाराओं और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है।