CWG 2026: पिता ने उधार लेकर बनाया बेटी को वेटलिफ्टर, अब बेटी ने CWG में जीता सिल्वर मेडल, ज्ञानेश्वरी यादव की गजब कहानी

Published on 27 जुल॰ 2026

CWG 2026: पिता ने उधार लेकर बनाया बेटी को वेटलिफ्टर, अब बेटी ने CWG में जीता सिल्वर मेडल, ज्ञानेश्वरी यादव की गजब कहानी

ज्ञानेश्वरी यादव का कमाल (फोटो-एक्स स्क्रीनशॉट)

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की ज्ञानेश्वरी यादव ने कमाल कर दिया है. 53 किलो वर्ग में ज्ञानेश्वरी यादव ने सिल्वर मेडल जीता. छत्तीसगढ़ की रहने वाली इस एथलीट को पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स की टीम में जगह मिली और उन्होंने अपने डेब्यू में ही कमाल प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया. ज्ञानेश्वरी यादव ने कुल 199 किलो वजन उठाकर सिल्वर मेडल जीता. ज्ञानेश्वरी ने स्नैच में 88 किलो वजन उठाया और क्लीन एंड जर्क में उन्होंने 111 किलो वजन उठाकर कमाल दिखाया. आइए अब आपको बताते हैं कौन हैं ज्ञानेश्वरी यादव और कैसे उनके लिए ये मेडल जीतना कभी भी आसान नहीं था.

ज्ञानेश्वरी यादव की कहानी

ज्ञानेश्वरी यादव छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में स्थिति भोंडिया गांव की हैं. वो छत्तीसगढ़ पुलिस में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर हैं. उनके पिता खुद बॉडीबिल्डर थे लेकिन परिवार पालने के लिए उन्हें ये खेल छोड़ना पड़ा. वो बिजली का काम करते हैं और उन्होंने अपनी बेटी को वेटलिफ्टर बनाने के लिए कड़ी मेहनत की. एक इंटरव्यू में ज्ञानेश्वरी के पिता दीपक यादव ने बताया था कि उन्होंने बच्चों को एथलीट बनाने के लिए 20-20 घंटे काम किया.

पिता ने उधार तक लिया

ज्ञानेश्वरी यादव के करियर को कोविड में बड़ा झटका लगा था जब उनके पिता के पास उनके लिए सप्लीमेंट्स खरीदने के लिए पैसे तक नहीं थे. लेकिन दीपक यादव ने अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से उधार लेकर बेटी के लिए सप्लीमेंट्स खरीदे. किसी तरह ज्ञानेश्वरी ने ट्रेनिंग और डाइट जारी रखी.

मेले ने बदली ज्ञानेश्वरी की जिंदगी

ज्ञानेश्वरी यादव जब 7वीं क्लास में थी तो वो एक मेले में गई थीं, जहां उन्होंने बच्चों को वेटलिफ्टिंग करते हुए देखा. पहले उन्होंने पावरलिफ्टिंग शुरू की. महज एक साल में उन्होंने महज 37 किलो बॉडी वेट में, 65 किलो स्क्वाड और 95 किलो डेडलिफ्ट करना शुरू कर दिया. सब-जूनियर नेशनल में उन्होंने पावरलिफ्टिंग में गोल्ड जीता और उसके बाद उनके पिता दीपक यादव ने उन्हें वेटलिफ्टर बनाने का फैसला किया. ज्ञानेश्वरी ने कोच अजय लोहार विश्वकर्मा के अंडर ट्रेनिंग शुरू की और उसके बाद ज्ञानेशवरी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.

𝐆𝐘𝐀𝐍𝐄𝐒𝐇𝐖𝐀𝐑𝐈 𝐘𝐀𝐃𝐀𝐕 𝐖𝐈𝐍𝐒 𝐒𝐈𝐋𝐕𝐄𝐑 𝐌𝐄𝐃𝐀𝐋 𝐈𝐍 𝐖𝐄𝐈𝐆𝐇𝐓𝐋𝐈𝐅𝐓𝐈𝐍𝐆 (𝟓𝟑𝐤𝐠) 🔥

She lifted tital 199 KG.

5th Medal for India! #Glasgow2026 #Glasgow2026withIAS pic.twitter.com/6ZZfZYLGRt

— Adv Jayram Sharma🇮🇳 (@advJayram) July 27, 2026

ज्ञानेश्वरी की उपलब्धियां

  • ज्ञानेश्वरी ने साल 2022 में ग्रीस में जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता.
  • 2023 में उन्होंने कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में जूनियर, सीनियर गोल्ड और बेस्ट जूनियर लिफ्टर का अवॉर्ड जीता.
  • 2025 में हुए नेशनल गेम्स में उन्होंने गोल्ड मेडल हासिल किया.
  • 2026 में एशियन चैंपियनशिप में उन्होंने सिल्वर मेडल अपने नाम किया और अब वो कॉमनवेल्थ गेम्स में भी सिल्वर मेडल जीतने में कामयाब रही हैं.

अनूप देव सिंह

अनूप देव सिंह

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले का रहने वाला हूं. बचपन से ही खेलों से बेहद प्यार है. खासतौर पर क्रिकेट से जो इस देश का धर्म भी कहा जाता है. स्कूली पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय से हुई. साल  2006 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की और उसके बाद मीडिया के मैदान में उतर गए और खेल की खबरों को ही अपना कर्म भी बना लिया. करियर की पहली नौकरी नेटवर्क 18 ग्रुप में मिली. शुरुआत IBN7 न्यूज चैनल से हुई जहां मैंने पांच सालों की लंबी पारी खेली. इसके बाद इंडिया टीवी, न्यूज नेशन जैसे बड़े नेशनल चैनल्स के साथ काम किया. 2016 में डिजिटल मीडिया में कदम रखा और ये मौका जी नेटवर्क ने दिया. एक साल तक क्रिकेट कंट्री के साथ काम किया और फिर हुई नेटवर्क 18 में वापसी. न्यूज 18 हिंदी की वेबसाइट में 4 सालों तक स्पोर्ट्स की हर खबर पाठकों तक पहुंचाई. अब टीवी9 के साथ हूं. क्रिकेट ही नहीं खेल की हर खबर आपतक एक नए अंदाज और नए कलेवर में पहुंचाता हूं.

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