
गुरिंदरवीर को क्यों नहीं मिला सेमीफाइनल का टिकट? (फोटो- PTI)
Gurindervir Singh, Commonwealth Games 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के सबसे तेज स्प्रिंटर गुरिंदरवीर सिंह से बड़ी उम्मीदें थीं. लेकिन इस साल की शुरुआत में नया नेशनल रिकॉर्ड बनाने वाले पंजाब के इस 25 साल के एथलीट का सफर पुरुषों की 100 मीटर रेस के हीट स्टेज में ही खत्म हो गया. फैंस इस बात से हैरान हैं कि अपनी हीट में दूसरा स्थान हासिल करने के बावजूद गुरिंदरवीर सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई क्यों नहीं कर सके. दरअसल, इसके पीछे की वजह कॉमनवेल्थ गेम्स का वो नियम है जिसके बारे में काफी कम फैंस जानते हैं.
गुरिंदरवीर को क्यों नहीं मिला सेमीफाइनल का टिकट?
कॉमनवेल्थ गेम्स में 100 मीटर रेस के अगले दौर यानी सेमीफाइनल में पहुंचने का नियम सिर्फ हीट में टॉप पर रहना नहीं, बल्कि समय भी मायने रखता है. दरअसल, इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में 100 मीटर रेस के लिए 11 अलग-अलग हीट में कुल 73 स्प्रिंटर्स ने हिस्सा लिया था. नियमों के मुताबिक, सभी हीट को मिलाकर सबसे तेज टाइमिंग निकालने वाले टॉप 17 एथलीटों को ही सेमीफाइनल में जगह मिलनी थी.
गुरिंदरवीर की टाइमिंग की बात करें तो उन्होंने 10.39 सेकेंड का समय निकाला दूसरा स्थान हासिल किया था. लेकिन 10.39 सेकेंड की टाइमिंग के कारण वह ओवरऑल 73 स्प्रिंटर्स में 28वें स्थान पर रहे, वहीं सेमीफाइनल में एंट्री के लिए कम से कम 10.24 सेकेंड की टाइमिंग की जरूरत थी. इसी वजह से अपनी हीट में दूसरे नंबर पर आने के बाद भी वह टॉप-17 समय सीमा में जगह बनाने में नाकाम रहे और बाहर हो गए.
कोच ने किया हैमस्ट्रिंग इंजरी का खुलासा
दौड़ के बाद गुरिंदरवीर के कोच जेम्स हिलियर ने उनकी इस निराशाजनक टाइमिंग के पीछे की वजह का खुलासा भी किया. कोच ने बताया कि गुरिंदरवीर पिछले एक महीने से हैमस्ट्रिंग की चोट से जूझ रहे थे, जिसे टीम ने जानबूझकर मीडिया और जनता से छिपाकर रखा था. बता दें, मई 2026 में रांची में आयोजित फेडरेशन कप के दौरान गुरिंदरवीर सिंह ने इतिहास रचा था. उन्होंने सिर्फ 10.09 सेकंड में रेस पूरी करके देश के सबसे तेज स्प्रिंटर बनने का गौरव हासिल किया था. इसके साथ ही वह 10.10 सेकंड से कम समय में यह दूरी तय करने वाले भारत के पहले एथलीट बन गए थे. लेकिन कॉमनवेल्थ गेम्स में वो अपने इस कारनामे को दोहरा नहीं सके.

मोहिद खान
मोहिद खान TV9 Hindi में बतौर सीनियर सब-एडिटर स्पोर्ट्स डेस्क पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. वह जर्नलिज्म में 4 साल का अनुभव रखते हैं. वह मूल रूप से राजस्थान के ब्यावर शहर के रहने वाले हैं. मोहिद ने जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से हासिल की है. वह पढ़ने, लिखने और खेलने का शौक रखते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत इंडिया न्यूज के साथ की थी. इसके बाद उन्होंने वनइंडिया हिंदी, ज़ी न्यूज और इंडिया टीवी जैसी संस्थानों में काम किया. वह किसी भी क्रिकेट मैच का बारीकी से विश्लेषण करने में माहिर हैं और उन्हें अन्य खेलों से जुड़ी खबरें बनाने में भी रुचि है.
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