Commonwealth Games: कौन हैं सूबेदार सोमन राणा? पुंछ ब्लास्ट में गंवाया पैर, अब कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए जीतेंगे मेडल

Published on 21 जुल॰ 2026

Commonwealth Games: कौन हैं सूबेदार सोमन राणा? पुंछ ब्लास्ट में गंवाया पैर, अब कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए जीतेंगे मेडल

कॉमनवेल्थ गेम्स में नजर आएंगे सोमन राणा. (फोटो- PTI)

Commonwealth Games: जिंदगी में जब भी मुश्किलें और मुसीबतें रास्ता रोकने की कोशिश करती हैं, तब कुछ ही लोग ऐसे होते हैं जो अपनी इच्छाशक्ति और साहस से इतिहास रच डालते हैं. ऐसी ही एक मिसाल हैं 44 साल के सोमन राणा, जो भारतीय सेना में सूबेदार के पद पर कार्यरत हैं. देश की रक्षा करते हुए अपना एक पैर गंवाने के बाद भी उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी और आज वह एक बेहतरीन पैरा शॉट पुट खिलाड़ी के रूप में देश का नाम रोशन कर रहे हैं.

कॉमनवेल्थ गेम्स में नजर आएंगे सोमन राणा

सोमन राणा का सेलेक्शन स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए हुआ है. वह उन दो पैरा खिलाड़ियों में से एक हैं, जो बिहार का मान बढ़ाते हुए इस मेगा मल्टी-स्पोर्ट्स इवेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे.

देशसेवा में गंवाया पैर, पर बुलंद रहे हौसले

सोमन राणा की यह यात्रा संघर्ष और वीरता की अनोखी कहानी है. साल 2006 में जम्मू-कश्मीर के पुंछ इलाके में आतंकियों के खिलाफ एक सर्च ऑपरेशन के दौरान वह लैंडमाइन ब्लास्ट की चपेट में आ गए थे. इस भयानक हादसे में उन्हें अपना दाहिना पैर गंवाना पड़ा था. इतनी बड़ी शारीरिक और मानसिक त्रासदी के बावजूद उन्होंने हार स्वीकार नहीं की. अस्पताल से ठीक होने के बाद वह एक बार फिर देश की सेवा के लिए अपनी यूनिट और कैंप लौट आए.

बता दें, साल 2012 में उनकी मुलाकात सेना के कुछ पैरा एथलीटों से हुई, जिन्होंने उनके अंदर छिपे जज्बे और जुनून को पहचाना. इन खिलाड़ियों की प्रेरणा से सोमन ने पैरा स्पोर्ट्स में कदम रखने का मन बनाया. अपनी बटालियन के वरिष्ठ अधिकारियों और हेडक्वार्टर के मार्गदर्शन व सहयोग से वह पुणे स्थित आर्मी पैरालंपिक नोड पहुंचे, जहां उन्होंने पेशेवर ट्रेनिंग की शुरुआत की. सेना की अनुशासित ट्रेनिंग और अपनी कड़ी मेहनत के बल पर उन्होंने काफी कम समय में नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर अपनी अलग पहचान बना ली.

सोमन राणा की अब तक की बड़ी उपलब्धियां

एशियन पैरालंपिक गेम्स 2023 में उन्होंने सिल्वर मेडल जीतकर देश को गौरवान्वित किया था. इसके बाद पेरिस पैरालंपिक 2024 में दुनिया के सबसे बड़े खेल मंच पर शानदार प्रदर्शन करते हुए वह 5वें स्थान पर रहे थे. वहीं, पिछले साल खेलो इंडिया गेम्स 2025 में उन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर गोल्ड मेडल अपने नाम किया था.

किसान परिवार से है ताल्लुक

बिहार के गयाजी जिले के लक्खीबाग मोहल्ले के रहने वाले सोमन राणा का जन्म एक साधारण किसान परिवार में हुआ था. उनके पिता सोन बहादुर राणा खेती-बाड़ी करके परिवार का भरण-पोषण करते थे. पिता की इच्छा थी कि बेटा पढ़-लिखकर एक सरकारी नौकरी हासिल करे. सोमन ने अपनी शुरुआती पढ़ाई गया से ही पूरी की और अपनी मेहनत के दम पर भारतीय सेना में बतौर सिपाही भर्ती होकर पिता का सपना पूरा किया.

मोहिद खान

मोहिद खान

मोहिद खान TV9 Hindi में बतौर सीनियर सब-एडिटर स्पोर्ट्स डेस्क पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. वह जर्नलिज्म में 4 साल का अनुभव रखते हैं. वह मूल रूप से राजस्थान के ब्यावर शहर के रहने वाले हैं. मोहिद ने जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से हासिल की है. वह पढ़ने, लिखने और खेलने का शौक रखते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत इंडिया न्यूज के साथ की थी. इसके बाद उन्होंने वनइंडिया हिंदी, ज़ी न्यूज और इंडिया टीवी जैसी संस्थानों में काम किया. वह किसी भी क्रिकेट मैच का बारीकी से विश्‍लेषण करने में माहिर हैं और उन्हें अन्य खेलों से जुड़ी खबरें बनाने में भी रुचि है.

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