Updated On: Aug 08, 2026 | 05:49 PM IST
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सार
CMIA NITI Aayog Meeting: छत्रपति संभाजीनगर को 'ग्रोथ हब' बनाने के लिए CMIA प्रतिनिधिमंडल ने नीति आयोग के उपाध्यक्ष से मुलाकात की। ₹1 लाख करोड़ के निवेश और औद्योगिक विकास को लेकर अहम चर्चा हुई।

मराडवाड़ा CMIA की नीति आयोग के उपाध्यक्ष से मुलाकात (सोर्स: नवभारत फोटो)
विस्तार
Chhatrapati Sambhajinagar Growth Hub: छत्रपति संभाजीनगर शहर को देश के प्रमुख औद्योगिक और आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में गतिविधियां तेज हो गई हैं। शहर को ग्रोथ हब के रूप में विकसित करने की योजना को गति देने के लिए चेंबर ऑफ मराठवाड़ा इंडस्ट्रीज एंड एग्रीकल्चर (सीएमआईए) के प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में नई दिल्ली में नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार लाहिरी से मुलाकात की।
बैठक में मराठवाड़ा के औद्योगिक विकास, एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की प्रस्तावित निवेश संभावनाओं और उद्योग-सरकार के बीच बेहतर समन्वय को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
इस अवसर पर सीएमआईए के अध्यक्ष अथर्वेशराज नंदावत, मानद सचिव अजिंक्य सावे, उपाध्यक्ष मिहीर सौंदलगेकर, सहसचिव सौरभ छलानी, मानद कोषाध्यक्ष सीए सोहम कोटक तथा सीएमआईए ऑरिक क्षेत्र प्रमुख विक्रांत भाले उपस्थित थे।
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नीति आयोग के मार्गदर्शन में परिषद बनाने का प्रस्ताव
सीएमआईए ने नीति आयोग के समक्ष प्रस्ताव रखा कि ग्रोथ हब की प्रभावी क्रियान्विति के लिए स्थानीय स्तर पर एक संरचित परिषद गठित की जाए। इसमें केंद्र और राज्य सरकार, उद्योग, शिक्षण संस्थान, स्थानीय निकाय तथा आधारभूत सुविधाओं से जुड़े संस्थानों को शामिल किया जाए। सीएमआईए ने इस परिषद में संस्थागत उद्योग एवं ज्ञान भागीदार के रूप में भूमिका निभाने की तैयारी जताई।
सीएमआईए के अनुसार, ऐसी व्यवस्था बनने से बड़े निवेश प्रस्तावों की नियमित समीक्षा, नीतिगत और आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी बाधाओं का समाधान तथा उद्योगों और सरकारी विभागों के बीच बेहतर संवाद संभव होगा। इसके साथ ही छोटे और मध्यम उद्योगों को बड़े उद्योगों की आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ने में भी मदद मिलेगी।
एक लाख करोड़ से अधिक निवेश की संभावनाएं
सीएमआईए ने बैठक में प्रस्तुत रणनीतिक दस्तावेज में बताया कि छत्रपति संभाजीनगर और पूरे मराठवाड़ा क्षेत्र में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की प्रस्तावित निवेश परियोजनाओं की संभावनाएं हैं। टोयोटा समूह, अथर एनर्जी और जेएसडब्ल्यू जैसे बड़े उद्योग समूहों के निवेश तथा उनके साथ विकसित हो रहे आपूर्ति तंत्र से क्षेत्र को वैश्विक स्तर के विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने का अवसर मिला है।
सीएमआईए ने कहा कि बड़े उद्योगों के साथ स्थानीय छोटे और मध्यम उद्योगों को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ना जरूरी है। इसके लिए स्थानीय उद्योगों की क्षमता बढ़ाने, उन्हें बड़े उद्योगों की आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ने और आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देना होगा।
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वाहन उद्योग से चिकित्सा उपकरण क्षेत्र तक चर्चा
बैठक में वाहन उद्योग, विद्युत वाहन, चिकित्सा उपकरण, निर्यात, चीन से जुड़े निर्यात अवसर, वस्तु एवं सेवा कर, भारत में बीटी कपास क्षेत्र का विकास तथा परामर्श, लेखा और व्यावसायिक सेवाओं सहित कई महत्वपूर्ण आर्थिक विषयों पर चर्चा हुई।
डॉ. अशोक कुमार लाहिरी ने प्रतिनिधिमंडल के प्रत्येक सदस्य के व्यवसाय और कार्यक्षेत्र की जानकारी ली। मराठवाड़ा के युवा उद्यमियों द्वारा स्थापित किए जा रहे लाभकारी और तेजी से बढ़ते व्यवसायों को लेकर उन्होंने विशेष रुचि दिखाई। उद्यमियों के अनुभवों के माध्यम से उन्होंने क्षेत्र में मौजूद कारोबारी और उद्यमिता क्षमता को समझने का प्रयास किया।
टोयोटा और अथर के निवेश में सीएमआईए के प्रयासों की सराहना
सीएमआईए ने छत्रपति संभाजीनगर में औद्योगिक विकास, निवेश को सुगम बनाने और उद्योग-सरकार के बीच संवाद मजबूत करने के लिए किए जा रहे विभिन्न प्रयासों की जानकारी नीति आयोग के उपाध्यक्ष को दी। टोयोटा और अथर एनर्जी के निवेश को आकर्षित करने में सीएमआईए की भूमिका की भी डॉ. लाहिरी ने सराहना की।
बैठक के दौरान सीएमआईए प्रतिनिधिमंडल ने डॉ। लाहिरी को छत्रपति संभाजीनगर आने का निमंत्रण दिया। उन्होंने निमंत्रण को सकारात्मक रूप से स्वीकार करते हुए निकट भविष्य में शहर का दौरा करने का आश्वासन दिया।
ग्रोथ हब का मतलब केवल औद्योगिक निवेश नहीं
सीएमआईए अध्यक्ष अथर्वेशराज नंदावत ने कहा कि छत्रपति संभाजीनगर का ग्रोथ हब के रूप में विकास केवल औद्योगिक निवेश तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसके तहत उत्पादन, कौशल विकास, छोटे और मध्यम उद्योग, माल परिवहन, शहरी आधारभूत सुविधाएं और नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार को एकीकृत रूप से आगे बढ़ाना होगा। इससे छत्रपति संभाजीनगर पूरे क्षेत्र के लिए आर्थिक विकास का मॉडल बन सकता है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बड़े निवेश को धरातल पर उतारने के साथ ही कुशल मानव संसाधन, मजबूत आपूर्ति श्रृंखला, बेहतर परिवहन व्यवस्था और आधुनिक आधारभूत सुविधाएं विकसित करना जरूरी होगा।
2023 में शुरू हुई थी ग्रोथ हब पहल
नीति आयोग ने वर्ष 2023 में ग्रोथ हब पहल शुरू की थी। इसका उद्देश्य शहर की पारंपरिक सीमाओं से आगे बढ़कर पूरे शहर-प्रदेश के लिए एकीकृत आर्थिक और निवेश नियोजन करना है। इसके तहत जीवन स्तर में सुधार, समावेशी विकास और टिकाऊ विकास को भी प्राथमिकता दी जाती है।
इस पहल के शुरुआती चरण में मुंबई, सूरत, काशी-विंध्य और विशाखापट्टनम को पायलट शहर-प्रदेश के रूप में चुना गया था। महाराष्ट्र में इस अवधारणा का विस्तार करते हुए छत्रपति संभाजीनगर और नासिक को भी शामिल करने की घोषणा 2026-27 की बजट प्रक्रिया में की गई है।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट
