मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में अतिवृष्टि और बारिश से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए अधिकारियों को कड़ी हिदायत दी है। आगामी त्योहारों को देखते हुए उन्होंने सभी संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर सड़कों को तत्काल मोटरेबल बनाने और बारिश रुकते ही उनका स्थायी नवीनीकरण करने का आदेश दिया है।
सीएम योगी ने निर्देश दिया कि गणेश चतुर्थी, नवरात्रि, दीपावली और छठ जैसे पर्वों से पहले आम जनता को आवागमन में कोई असुविधा न हो।
- Published: 11 Sep 2026, 01:01 PM IST
- Last Updated: 11 Sep 2026, 01:01 PM IST
उत्तर प्रदेश में जारी मूसलाधार बारिश और आगामी त्योहारों के सीजन को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की सड़क संरचना को दुरुस्त करने के लिए उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई। लोक निर्माण विभाग सहित 9 प्रमुख विभागों के अधिकारियों के साथ हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ किया कि सड़कों की बदहाली को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने निर्देश दिया कि गणेश चतुर्थी, नवरात्रि, दीपावली और छठ जैसे प्रमुख पर्वों से पहले आम जनता को आवागमन में कोई असुविधा न हो, इसके लिए चिन्हित 681 प्रमुख मार्गों पर युद्धस्तर पर काम शुरू किया जाए।
पर्वों को देखते हुए 681 प्रमुख मार्ग चिन्हित, केवल पैचवर्क से काम नहीं चलेगा
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि गड्ढामुक्ति का काम महज खानापूर्ति या 'पैचवर्क' तक सीमित नहीं रहना चाहिए। जहां सड़क तत्काल खराब है, उसे अभी मोटरेबल बनाया जाए और बरसात के तुरंत बाद उसका स्थायी नवीनीकरण कराया जाए।
सरकार ने त्योहारों में श्रद्धालुओं और आम नागरिकों की भारी आवाजाही को ध्यान में रखते हुए 681 अति-महत्वपूर्ण मार्गों को चिन्हित किया है, जहाँ प्राथमिकता पर काम होगा। इसके अलावा अस्पताल, स्कूल, बाजार और सरकारी दफ्तरों से जुड़ने वाले रास्तों को तुरंत दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
50 हजार किलोमीटर गड्ढामुक्ति का लक्ष्य, 9 विभागों की हुई समीक्षा
प्रस्तुतिकरण के दौरान बताया गया कि प्रदेश में लोक निर्माण, मंडी परिषद, पंचायती राज, सिंचाई, ग्राम्य विकास और नगर विकास सहित 9 विभागों के अधीन लगभग 4.36 लाख किलोमीटर सड़कें आती हैं। वर्तमान अभियान में 50 हजार किलोमीटर सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 5,751 किलोमीटर पर काम पूरा हो चुका है।
इसके अतिरिक्त, नवीनीकरण के तय 30 हजार किलोमीटर लक्ष्य में से करीब 14 हजार किलोमीटर और विशेष मरम्मत के 5 हजार किलोमीटर लक्ष्य में से 700 किलोमीटर का कार्य संपन्न कर लिया गया है।
अंतर्विभागीय समन्वय और गुणवत्ता पर जोर
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों और राज्य के विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन एक्सप्रेस-वे, रेलवे परियोजनाओं और भारी वाहनों की आवाजाही से क्षतिग्रस्त हुए मार्गों का फिर से सर्वे कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी कि काम में तेजी के साथ-साथ गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। बैठक में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' और पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर समेत कई वरिष्ठ मंत्री मौजूद रहे।