
उत्तराखंड सरकार में PWD मंत्री सतपाल महाराज
देश के सबसे बड़े न्यूज नेटवर्क TV9 भारतवर्ष के सत्ता सम्मेलन- उत्तराखंड के महामंच पर उत्तराखंड सरकार के PWD मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि हमारे यहां मुख्यमंत्री पद के लिए कोई रेस नहीं है. यहां पर जो आदेश होगा, उसका पालन किया जाएगा. इससे पहले इसी मंच पर राज्य के 2 पूर्व मुख्यमंत्रियों से सीएम की रेस से जुड़ा सवाल किया गया तो एक ने कहा कि हम समुंदर में हैं और तालाब में क्यों आएंगे तो एक अन्य पूर्व सीएम ने कहा कि वह तो हमेशा दौड़ते ही रहते हैं.
सत्ता सम्मेलन- उत्तराखंड के मंच पर ‘तीसरी बार, बीजेपी सरकार?’ नाम से सत्र में जब सतपाल महाराज से पूछा गया कि बीजेपी के तीसरी बार सत्ता में आने के बाद क्या वह मुख्यमंत्री पद की रेस में हैं, इस पर उन्होंने कहा, “हमारे यहां सीएम पद की कोई रेस नहीं है. जो आदेश होता है उसका पालन किया जाता है.”
सभी अपना-अपना योगदान दे रहेः सतपाल महाराज
क्या पुष्कर सिंह धामी 2027 में होने वाले अगले चुनाव में पार्टी का चेहरा होंगे, इस पर सतपाल महाराज ने कहा, “वो चेहरा हैं ही, हम सभी के चेहरे हैं. सभी अपना-अपना योगदान दे रहे हैं, इनपुट दे रहे हैं. निश्चित तौर पर हमारी जो पार्टी है वो बहुत ही अहम काम कर रही है.”
उन्होंने आगे कहा, “हमने विकास किया है और आगे भी विकास करेंगे. हमारा जो मूल मंत्र है कि अगर हमने बूथ जीता तो चुनाव भी जीता.” उन्होंने राज्य की बीजेपी सरकार के बारे में बताते हुए कहा कि यूसीसी लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना. धर्मांतरण में 10 साल की सजा का प्रावधान किया गया. 12 हजार एकड़ से अधिक की जमीन को हमारी सरकार ने अतिक्रमण से मुक्त कराया. हमारी सरकार ऐसे ही लगातार काम कर रही है
CM रेस पर क्या बोले राज्य के 2 पूर्व मुख्यमंत्री
इससे पहले टीवी9 के इसी मंच पर राज्य के 2 अन्य मुख्यमंत्री भी अलग-अलग सत्र में उपस्थित हुए. पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत से जब राज्य के मुख्यमंत्री पद की रेस से जुड़ा सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जब यहां की जनता ने मुझे दिल्ली भेज दिया तो फिर मैं यहां देहरादून में क्यों आऊंगा. समुंदर छोड़कर मैं तालाब में क्यों रहूंगा. मैं सीएम पद की रेस में नहीं हूं.
वहीं एक अन्य पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक से जब यही सवाल पूछा गया तो उन्होंने बेबाकी से कहा, “मैं तो हमेशा दौड़ता ही रहता हूं. सुबह हो या शाम हो, दौड़ता ही रहता हूं. हर किसी को दौड़ते रहना चाहिए.”
राजनीतिक और आध्यात्मिक दोनों क्षेत्रों में समान पकड़ रखने वाले सतपाल महाराज के लिए दोनों में से मुश्किल दुनिया कौन सी है, से जुड़े सवाल पर पीडब्ल्यू मंत्री सतपाल ने कहा, “हम सभी का यही लक्ष्य है कि हम कर्म को भी करें और धर्म भी करें और सही लक्ष्य भी हासिल करें. इसके लिए जनसेवा और राजनीति. जनसेवा यानी की जनता की सेवा कर रहे हैं. साथ में अपने मोक्ष के लिए, आत्मिक प्रसन्नता के लिए हम आध्यात्मिक का काम कर रहे हैं.”
उन्होंने आगे कहा, “प्रभु राम और भगवान कृष्ण की तरह जैसा कि उनमें दोनों चीजों का समन्वय था, उसी समन्वय को हासिल करते हुए अपने जीवन में आगे बढ़ रहे हैं. शुरुआती दौर में पदयात्रा के दौरान इस क्षेत्र को काला पानी (चमोली-पिथौरागढ़) माना जाता था. किसी नेता या अफसर को दंड देने के लिए यहीं पर भेजा जाता था. लेकिन आज स्थिति बदल गई है. यह सब पर्यटन के क्षेत्र में आ गए हैं. पीएम नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में यह सब क्षेत्र पर्यटन के नक्शे पर हैं और लोग घूमने भी आ रहे हैं.”

सुरेन्द्र कुमार वर्मा
पत्रकारिता जगत में पिछले डेढ़ दशक से भी लंबे समय से सक्रिय हूं. अखबारों की दुनिया से होते हुए मैं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आया. अभी टीवी9 भारतवर्ष के साथ जुड़ा हुआ हूं. शुरुआत हरिभूमि के साथ की. फिर दैनिक जागरण गया और इसके बाद जागरण.कॉम के जरिए डिजिटल की दुनिया में आया. यहां से मैं अमर उजाला की डिजिटल टीम के साथ जुड़ा रहा. फिर इंडिया टुडे ग्रुप से नाता जुड़ा. न्यूजफ्लिक्स में रहने के बाद आजतक डॉट इन में आया. इंडिया टुडे ग्रुप में 5 साल तक रहने के बाद इसे अलविदा कहा. फिर अपना कारवां टीवी9 के साथ जुड़ गया. अभी टीवी9 के साथ पत्रकारिता के लिए अपनी सेवाएं दे रहा हूं. मैं राजनीति, खेल और मनोरंजन समेत लगभग हर विधा में लिखता हूं. सोशल मीडिया पर 50-50 का नाता है. फेसबुक पर ज्यादा जाना नहीं हो पाता है, लेकिन पहले ट्विटर और अब X पर सक्रिय रहता हूं. परवरिश गोरखपुर में हुई, लेकिन कर्मस्थली अभी नोएडा बना हुआ है.
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