By Oneindia Staff
Published: Sunday, October 18, 2026, 21:27 [IST]
Maharashtra CM Devendra Fadnavis News: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को वर्धा स्थित अदाणी उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (AIHER) के 17वें दीक्षांत समारोह में मानद डॉक्टर ऑफ लेटर्स (D.Litt.) की उपाधि से सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के अध्यक्ष डॉ. अभिजात शेठ को मानद डॉक्टर ऑफ साइंस (D.Sc.) की उपाधि दी गई। समारोह में 10 संकायों के कुल 2,320 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं, जिनमें 123 पीएचडी उपाधियां शामिल हैं।
महाराष्ट्र के वर्धा में शनिवार को आयोजित इस समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलाधिपति और अदाणी फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉ. प्रीति अदाणी ने की। दत्ता मेघे उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (DMIHER) का नाम बदलकर AIHER किए जाने के बाद यह संस्थान का पहला दीक्षांत समारोह था।
देवेंद्र फडणवीस को मानद D.Litt. क्यों दी गई?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को मानद डॉक्टर ऑफ लेटर्स की उपाधि से सम्मानित किया गया। यह सम्मान शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण जैसे क्षेत्रों में उनके योगदान को मान्यता देने के उद्देश्य से दिया गया।
दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए फडणवीस ने कहा कि सफलता को केवल कमाई या आर्थिक उपलब्धियों से नहीं मापना चाहिए। उनके मुताबिक, व्यक्ति की सफलता इस बात से भी तय होती है कि वह समाज को कितना वापस देता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की अपील की। फडणवीस ने कहा कि समाज के सहयोग से ही संस्थान और शिक्षा के अवसर विकसित होते हैं, इसलिए पढ़ाई पूरी करने के बाद समाज के प्रति योगदान देना भी जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज में डॉक्टरेट की उपाधि हासिल करने के लिए किए जाने वाले प्रयासों का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि उन्हें पीएचडी के लिए किए जाने वाले व्यापक शोध की प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ा।
डॉ. अभिजात शेठ को भी मानद उपाधि
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के अध्यक्ष डॉ. अभिजात शेठ को मानद डॉक्टर ऑफ साइंस (D.Sc.) की उपाधि प्रदान की गई। उन्हें चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा प्रशासन और जन स्वास्थ्य के क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। समारोह में राज्य मंत्री डॉ. पंकज राजेश भोयर सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे।
2,320 डिग्रियां, 123 पीएचडी और 123 गोल्ड मेडल
इस दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय के 10 संकायों के विद्यार्थियों को कुल 2,320 उपाधियां प्रदान की गईं। इनमें 123 पीएचडी डिग्रियां शामिल थीं। शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक, रजत पदक और अन्य पुरस्कार भी दिए गए।
- कुल डिग्रियां: 2,320
- पीएचडी उपाधियां: 123
- स्वर्ण पदक: 123
- रजत पदक: 7
- अन्य पुरस्कार: 13
- पदक और पुरस्कार पाने वाले विद्यार्थी: 83
दत्ता मेघे मेडिकल कॉलेज के पूजल देवीदास मपारी ने उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन किया। उन्हें कुल 23 पदक मिले।
डॉ. प्रीति अदाणी ने क्या कहा?
समारोह की अध्यक्षता करते हुए डॉ. प्रीति अदाणी ने स्नातक विद्यार्थियों, पदक विजेताओं, उनके परिवारों और शिक्षकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की उपलब्धि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है।
उन्होंने संस्थान के संस्थापक स्वर्गीय दत्ता मेघे को भी याद किया। डॉ. अदाणी ने कहा कि उनकी सोच ने खासकर ग्रामीण और वंचित समुदायों तक शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में भूमिका निभाई।
अपने संबोधन में उन्होंने "सेवा ही साधना है" के सिद्धांत पर जोर दिया। उनके मुताबिक, यह सोच विद्यार्थियों की शिक्षा, मरीजों के प्रति व्यवहार, शोध और समाजसेवा में दिखाई देनी चाहिए।
उन्होंने स्नातकों से पेशेवर नैतिकता अपनाने, मानवीय गरिमा का सम्मान करने और अपने काम में संवेदनशीलता बनाए रखने की अपील की। साथ ही, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और नई तकनीकों का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने तथा लगातार सीखते रहने की सलाह दी।
अगले दो साल में अस्पतालों का विस्तार करने की योजना
डॉ. प्रीति अदाणी ने बताया कि संस्थान अगले दो वर्षों में वर्धा और नागपुर परिसरों में अस्पतालों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की योजना बना रहा है।
इस योजना के तहत आधुनिक चिकित्सा उपकरण, उन्नत नैदानिक और शोध सुविधाएं तथा सुपर-स्पेशियलिटी सेवाओं को बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
संस्थान अनुसंधान के लिए एक रोडमैप भी तैयार करेगा। इसके तहत बीमारी की रोकथाम, शुरुआती चरण में निदान, किफायती इलाज और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर काम करने की योजना है। विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
विश्वविद्यालय का लक्ष्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध और किफायती स्वास्थ्य सेवाओं को ज्यादा लोगों तक पहुंचाना है। वर्धा और नागपुर इस विस्तार योजना के प्रमुख केंद्र होंगे।
संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों पर जोर
संस्थान ने शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, लैंगिक समानता और समावेशन से जुड़ी योजनाओं के लिए संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को मार्गदर्शक ढांचे के तौर पर रेखांकित किया।
डॉ. अदाणी ने निवारक स्वास्थ्य सेवाओं, सामुदायिक सहभागिता, वंचित विद्यार्थियों को सहयोग और संसाधनों के जिम्मेदार इस्तेमाल की जरूरत बताई।
इन प्राथमिकताओं का उद्देश्य केवल शैक्षणिक उपलब्धियां हासिल करना नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं और शोध के जरिए समाज की वास्तविक समस्याओं का समाधान करना भी है।
क्या है अदाणी उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान?
अदाणी उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (AIHER) महाराष्ट्र के वर्धा जिले के सावंगी मेघे में स्थित एक बहुविषयक डीम्ड यूनिवर्सिटी है। यह नागपुर से करीब 80 किलोमीटर दूर है।
संस्थान के अनुसार, इसकी शुरुआत 100 मेडिकल विद्यार्थियों वाले संस्थान के रूप में हुई थी। अब यहां 260 से अधिक बहुविषयक कार्यक्रमों में 14,000 से ज्यादा विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं।
विश्वविद्यालय के 10 संकायों में चिकित्सा विज्ञान, दंत विज्ञान, आयुर्वेद, फिजियोथेरेपी, नर्सिंग, संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान, फार्मेसी, इंजीनियरिंग और अन्य संबद्ध विषय शामिल हैं।
इसके प्रमुख संस्थानों में जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, दत्ता मेघे मेडिकल कॉलेज, शरद पवार डेंटल कॉलेज, महात्मा गांधी आयुर्वेद कॉलेज एवं अनुसंधान केंद्र, रवि नायर फिजियोथेरेपी कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, फार्मेसी कॉलेज और इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय शामिल हैं। AIHER को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) से A++ ग्रेड प्राप्त है। संस्थान का उद्देश्य शिक्षा के साथ शोध, नवाचार और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना है।
दीक्षांत समारोह का संदेश क्या रहा?
AIHER के 17वें दीक्षांत समारोह में जहां देवेंद्र फडणवीस और डॉ. अभिजात शेठ को मानद उपाधियां दी गईं, वहीं 2,320 विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। समारोह में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, शोध को बढ़ावा देने तथा समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने पर जोर दिया गया। संस्थान ने अगले दो वर्षों में अस्पतालों और अनुसंधान सुविधाओं को मजबूत करने की योजना भी सामने रखी।