मरीन ड्राइव पर रामविलास पासवान की प्रतिमा लगाने की मांग, CM सम्राट चौधरी से मिले अरुण भारती

Published on 10 सित॰ 2026

PATNA: पटना के जेपी गंगा पथ के मरीन ड्राइव गोलंबर का नामकरण पद्म भूषण रामविलास पासवान के नाम पर करने और वहां उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की मांग तेज हो गई है। इस मांग को लेकर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेताओं ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की।

लोजपा (रामविलास) के सांसद सह बिहार प्रभारी अरुण भारती, प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र विवेक और राष्ट्रीय महासचिव एवं राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी धीरेंद्र कुमार मुन्ना ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर मरीन ड्राइव गोलंबर का नाम ‘पद्म भूषण श्रद्धेय रामविलास पासवान गोलंबर’ रखने का आग्रह किया।

मरीन ड्राइव पर लगे रामविलास पासवान की आदमकद प्रतिमा

 चिराग की पार्टी के नेताओं ने मुख्यमंत्री से मरीन ड्राइव गोलंबर पर रामविलास पासवान की भव्य आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की मांग भी रखी। उनका कहना है कि पटना का मरीन ड्राइव बिहार की बदलती तस्वीर, विकास और आधुनिकता का प्रतीक बन चुका है। ऐसे महत्वपूर्ण स्थल का नाम रामविलास पासवान के नाम पर रखना और वहां उनकी प्रतिमा स्थापित करना उनके सार्वजनिक जीवन और योगदान को स्थायी सम्मान देने की दिशा में सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

अरुण भारती ने एक्स पर शेयर की तस्वीरें

अरुण भारती ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की तस्वीरें अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर शेयर की हैं। उन्होंने पोस्ट में लिखा कि मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान उन्होंने बिहार प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र विवेक और राष्ट्रीय महासचिव एवं राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी धीरेंद्र कुमार मुन्ना के साथ यह भावनात्मक आग्रह रखा।

उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय के पुरोधा और वंचितों की आवाज रामविलास पासवान ने करीब पांच दशकों तक गरीबों, दलितों और पिछड़ों के अधिकार और सम्मान की लड़ाई लड़ी। मरीन ड्राइव आज बिहार की बदलती तस्वीर का प्रतीक है। ऐसे स्थल पर उनकी स्मृति को स्थायी रूप देना उनके योगदान के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। अरुण भारती के मुताबिक, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस विषय को गंभीरता से सुना। उन्होंने उम्मीद जताई कि बिहार सरकार इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लेगी।

चिराग पासवान भी CM को लिख चुके हैं पत्र

इससे पहले लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी 31 अगस्त को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर मरीन ड्राइव स्थित गोलंबर का नाम ‘पद्म भूषण श्रद्धेय रामविलास पासवान गोलंबर’ करने और वहां उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की मांग की थी।

अपने पत्र में चिराग पासवान ने कहा था कि रामविलास पासवान सामाजिक न्याय के पुरोधा और वंचितों एवं शोषितों की आवाज थे। उन्होंने करीब पांच दशकों तक सार्वजनिक जीवन में रहते हुए गरीबों, दलितों और पिछड़ों के अधिकार एवं सम्मान के लिए काम किया।

बता दें कि रामविलास पासवान 9 बार लोकसभा और 2 बार राज्यसभा के सदस्य रहे। उन्होंने 6 प्रधानमंत्रियों के मंत्रिमंडल में केंद्रीय मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। राष्ट्र के प्रति उनकी सेवाओं को देखते हुए उन्हें मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।