मुख्यमंत्री मोहन यादव ने NICDIT एपेक्स निगरानी प्राधिकरण की बैठक में मध्य प्रदेश के तीव्र औद्योगिक विकास, निवेशक-अनुकूल सुधारों और बुनियादी ढांचा योजनाओं की रूपरेखा बताई। राज्य व्यवसाय करने में आसानी, पीएम मित्र पार्क की प्रगति और कपड़ा, फार्मा, ऑटो और लॉजिस्टिक्स में रोजगार सृजित करने के लिए GIS-समर्थित प्रस्तावों का उपयोग करने पर जोर देता है।
By Oneindia Staff
Published: Tuesday, August 18, 2026, 0:01 [IST]
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को नई दिल्ली में राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास एवं कार्यान्वयन ट्रस्ट (NICDIT) की एपेक्स मॉनिटरिंग अथॉरिटी की तीसरी बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री तथा एपेक्स मॉनिटरिंग अथॉरिटी की अध्यक्ष निर्मला सीतारमण, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिरी सहित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, उद्योग मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के बाद मीडिया से चर्चा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में औद्योगिक विकास को नई दिशा मिली है और मध्यप्रदेश भी तेजी से इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य ने उद्योग और निवेश के क्षेत्र में बेहतर काम किया है तथा निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने में सफलता हासिल की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेशकों का मध्यप्रदेश पर बढ़ता विश्वास ही वजह है कि बड़ी संख्या में निवेशक प्रदेश का रुख कर रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि निवेशकों को बेहतर अधोसंरचना, सुगम प्रक्रियाएं और अनुकूल कारोबारी वातावरण उपलब्ध कराया जाए, ताकि निवेश प्रस्तावों को तेजी से धरातल पर उतारा जा सके।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए प्रस्तावित विभिन्न परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए पीएम मित्र पार्क को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर 17 सितंबर 2025 को पीएम मित्र पार्क का भूमि पूजन किया गया था।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना मध्यप्रदेश के लिए महत्वपूर्ण है। इससे प्रदेश के टेक्सटाइल क्षेत्र को नई गति मिलने के साथ किसानों, युवाओं और उद्योगों के लिए रोजगार एवं अन्य अवसरों का विस्तार होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों के लिए आवश्यक अधोसंरचना, बेहतर कनेक्टिविटी, भूमि की उपलब्धता, कुशल मानव संसाधन और निवेश-अनुकूल नीतियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त बड़े निवेश प्रस्तावों को समयबद्ध तरीके से जमीन पर उतारने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।
GIS के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने पर जोर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) में प्राप्त निवेश प्रस्तावों में से लगभग 30 प्रतिशत प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की दिशा में मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इसे प्रदेश की नीतियों और सरकार की कार्यप्रणाली में निवेशकों के बढ़ते विश्वास का प्रमाण बताया।
उन्होंने कहा कि सरकार निवेशकों के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाने, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मजबूत करने और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर लगातार काम कर रही है। राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं प्रदेश में औद्योगिक अधोसंरचना मजबूत करने, निवेश आकर्षित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
टेक्सटाइल से लेकर फार्मा और ऑटोमोबाइल तक निवेश की संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल, ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, कृषि आधारित उद्योग और एमएसएमई समेत कई क्षेत्रों में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल पूंजी निवेश बढ़ाना नहीं है, बल्कि निवेश के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार, कौशल विकास और आर्थिक गतिविधियों का भी विस्तार करना है। प्रदेश निवेश, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी भूमिका को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से मध्यप्रदेश आने वाले समय में देश के औद्योगिक विकास में और महत्वपूर्ण योगदान देगा।
Read more about: