CJP के 'चलो संसद' मार्च में छात्रों पर हुई कार्रवाई से भड़के नसीरुद्दीन शाह। वीडियो शेयर कर सरकार पर साधा निशाना, युवाओं से कहा- हिम्मत मत हारो।
CJP प्रदर्शन पर फूटा नसीरुद्दीन शाह का गुस्सा
- Published: 22 Jul 2026, 10:10 AM IST
- Last Updated: 22 Jul 2026, 10:22 AM IST
Naseeruddin Shah Recation On CJP Protest: NEET पेपर लीक मामले को लेकर शुरू हुआ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन अब देशभर में चर्चा में है। 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए 'चलो संसद' मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के बाद कई फिल्मी हस्तियां उनके समर्थन में सामने आई हैं। अब अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने भी इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
वीडियो में जताया गुस्सा
76 वर्षीय नसीरुद्दीन शाह ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया। वीडियो में वह भावुक भी नजर आए और छात्रों के साथ हुए व्यवहार पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि युवाओं के साथ जिस तरह का बर्ताव किया गया, उसे देखकर उनका दिल दुखी है और उन्हें गुस्सा भी आ रहा है। उन्होंने कहा, "अगर कोई अज्ञानी व्यक्ति देश का नेतृत्व करेगा, तो वह चाहेगा कि पूरा देश भी उसकी तरह अज्ञानी, नासमझ और बेरहम बन जाए।"
छात्रों के लिए कही बड़ी बात
नसीरुद्दीन शाह ने बताया कि उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) और फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) से अभिनय की पढ़ाई की, लेकिन सबसे ज्यादा सीख उन्हें उन छात्रों से मिली, जिन्हें उन्होंने सिखाया। उन्होंने कहा, "मैं हर सांस के साथ उन बच्चों के लिए दुआ करता हूं और हर शिक्षक दिवस पर उन्हें सलाम करता हूं।"
'गुंडों' से की तुलना
अभिनेता ने प्रदर्शन के दौरान कार्रवाई करने वालों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह बेहद दुखद है। उन्होंने कहा, "इन बच्चों के साथ जिस तरह बेरहमी हुई, उसे देखकर मेरा दिल भर आया। जो लोग ऐसा कर रहे थे, वे मुझे अमेरिका के ICE एजेंटों की याद दिलाते हैं। उनके चेहरों पर मास्क थे और हाथों में डंडे।"
युवाओं से हार न मानने की अपील
नसीरुद्दीन शाह ने छात्रों से हिम्मत बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश में बहुत से लोग उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा, "उम्मीद मत छोड़िए। अपनी लड़ाई जारी रखिए। मुझे हमेशा देश के युवाओं पर भरोसा रहा है और अब यह भरोसा पहले से भी ज्यादा बढ़ गया है।" साथ ही उन्होंने सरकार से भी कहा कि जो कुछ हुआ है, उसे याद रखना चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों और NEET पेपर लीक जैसे मामलों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें और परीक्षा व्यवस्था में सुधार किया जाए। 18 जुलाई को 21 दिन की भूख हड़ताल के बाद पुलिस ने उनकी बिगड़ती तबीयत का हवाला देते हुए उन्हें अस्पताल पहुंचाया था। इसके बाद 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसमें लाठीचार्ज भी किया गया।
यह भी पढ़े- 'NEET अखबार लीक...' बोलकर बुरे फंसे रवि किशन, लोग बोले- ये है BJP सांसद का IQ लेवल!