CJP नेता अभिजीत दीपके, सौरव, रांका और रत्ना के खिलाफ FIR, हाई कोर्ट में सुनवाई, महिला ने लगाए गंभीर आरोप

Published on 25 सित॰ 2026

Time Published: Friday, September 25, 2026, 17:23 [IST]

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़े चार नेताओं के खिलाफ दर्ज FIR और एक महिला की दिल्ली हाई कोर्ट में दाखिल याचिका ने नया मोड़ ले लिया है। एक पीड़ित महिला ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए आरोप लगाया है कि
अभिजीत दीपके, सौरव दास, आशुतोष रांका और रत्ना सिंह ने AI टूल्स का इस्तेमाल करके उसकी तस्वीर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ आपत्तिजनक ढंग से जोड़ा और उसे सार्वजनिक रूप से फैलाया।

महिला ने अदालत से मांग की है कि इंटरनेट पर मौजूद इन सभी तस्वीरों और वीडियो को तुरंत ब्लॉक करके हटाया जाए। महिला की याचिका के मुताबिक, उसकी निजी तस्वीर कथित तौर पर बिना अनुमति हासिल की गई। इसके बाद AI आधारित फेस-स्वैपिंग और दूसरी डिजिटल तकनीकों का इस्तेमाल कर उसका चेहरा एक आपत्तिजनक तस्वीर में लगाया गया।

Abhijit Dipke FIR Saurav Das FIR

आरोप है कि तस्वीर में पीएम नरेंद्र मोदी की तस्वीर भी जोड़ी गई थी। महिला का कहना है कि वह CJP या उसके जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़ी नहीं है और उसकी तस्वीर का इस्तेमाल उसकी सहमति के बिना किया गया।

जंतर-मंतर के प्रदर्शन से कैसे जुड़ा मामला?

याचिका में दावा किया गया है कि कथित रूप से तैयार तस्वीर को जंतर-मंतर पर हुए CJP के प्रदर्शन के दौरान बैनर और पोस्टर पर लगाया गया। महिला ने आरोप लगाया कि इन तस्वीरों को लोगों के सामने प्रदर्शित किया गया और उनके साथ आपत्तिजनक नारे व टिप्पणियां भी की गईं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि प्रदर्शन के दौरान बनाए गए वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए। इन आरोपों की जांच पुलिस कर रही है।

महिला ने अपनी याचिका में अदालत से मांग की है कि कथित रूप से आपत्तिजनक और एआई से तैयार सामग्री को सोशल मीडिया समेत दूसरे ऑनलाइन मंचों से हटाने और संबंधित लिंक को ब्लॉक करने के निर्देश दिए जाएं। याचिका में कहा गया है कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद कथित सामग्री को तत्काल हटाने के लिए ठोस कदम उठाए जाने की जरूरत है।

FIR में चारों नेताओं के नाम, जांच किस दिशा में?

दिल्ली में इस मामले को लेकर एफआईआर दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इसमें सौरव दास, अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और रत्ना सिंह के नाम बताए गए हैं। मामला सूचना प्रौद्योगिकी कानून और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज होने की बात सामने आई है। हालांकि, सटीक धाराओं और आरोपों का अंतिम स्वरूप पुलिस की जांच और दर्ज एफआईआर से तय होगा।

महिला की याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग की गई थी। मामले को मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ के सामने रखा गया। अदालत ने याचिका को शुक्रवार को ही सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने की अनुमति दी। याचिका में कथित डीपफेक तस्वीरों को ऑनलाइन मंचों से हटाने की मांग की गई है।

CJP के चारों नाम क्यों चर्चा में हैं?

चारों नाम CJP के जंतर-मंतर आंदोलन से जुड़े प्रमुख चेहरों के तौर पर सामने आए हैं। अभिजीत दीपके को संगठन के संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक के तौर पर पेश किया गया है। सौरव दास और आशुतोष रांका सह-संयोजक की भूमिका में हैं, जबकि रत्ना सिंह को कानूनी मामलों की जिम्मेदारी दी गई है।

इन चारों को लेकर पहले भी कानूनी मामले सामने आ चुके हैं। सितंबर में दिल्ली हाई कोर्ट में सौरव दास और आशुतोष रांका से जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट का मामला सामने आया था। उस मामले में दोनों ने संबंधित पोस्ट हटाने की बात कही थी।