'CJP को 10 लाख डॉलर देने का ऐलान!' खालिस्तानी आतंकी का वायरल वीडियो शेयर कर BJP सांसद ने पूछे 4 सवाल

Published on 22 जुल॰ 2026

Jul 22, 2026 08:52 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

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Nishikant Dubey on khalistani terrorist pannun viral video: भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया पर खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू का एक वायरल वीडियो साझा कर CJP आंदोलन को लेकर कई सवाल उठाए हैं। वीडियो में पन्नू कथित तौर पर CJP को 10 लाख डॉलर की आर्थिक सहायता देने का दावा करता नजर आता है।

'CJP को 10 लाख डॉलर देने का ऐलान!' खालिस्तानी आतंकी का वायरल वीडियो शेयर कर BJP सांसद ने पूछे 4 सवाल

Nishikant Dubey on khalistani terrorist pannun viral video: जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रोटेस्ट पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे मुखर होकर बयान दे रहे हैं। ताजा ट्वीट में उन्होंने एक वायरल वीडियो साझा किया है। शेयर किए गए वीडियो में खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू बोलता दिख रहा है। वीडियो में वह CJP को 10 लाख डॉलर देने का ऐलान करता हुआ दिखाई-सुनाई देता है। हालांकि, लाइव हिन्दुस्तान इस वीडियो में किए गए दावों की पुष्टि नहीं करता है। लेकिन, सांसद ने इसे शेयर करते हुए 4 सवाल उठाए हैं।

  • पैसे कहां से आ रहे हैं?
  • साजिश क्या है?
  • पिछले 20 दिनों में राहुल गांधी जी विदेश यात्रा में किन-किन लोगों से मिले?
  • असली खिलाड़ी कौन?"

वायरल वीडियो में खालिस्तानी आतंकी ने क्या कहा?

वायरल वीडियो में पन्नू दिल्ली और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के पतन की बात करता है। वह दावा करता है कि भारत के छोटे-छोटे हिस्सों में बंटने (बाल्कनाइजेशन) को ही समाधान बताया गया है। जूम मीटिंग में किए गए अपने कथित वादे के मुताबिक ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ की ओर से CJP के आंदोलन को जारी रखने के लिए 10 लाख डॉलर की आर्थिक सहायता देने की बात कही है। इसके साथ ही वह समर्थकों से 15 अगस्त तक आंदोलन जारी रखने और अपने-अपने राज्यों में अलगाववादी झंडे फहराने की अपील करता सुनाई देता है।

‘जंतर-मंतर पर खालिस्तान समर्थक नारे लगे’, निशिकांत

इससे पहले भी निशिकांत दुबे ने जंतर-मंतर प्रदर्शन का एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें कुछ निहंग सिख नीले वस्त्रों में तलवार लिए दिखाई दे रहे थे। वीडियो पोस्ट करते हुए उन्होंने आरोप लगाया था कि जंतर-मंतर पर खालिस्तान समर्थक नारे लगाए गए, तलवारों का प्रदर्शन हुआ और ऐसे लोगों को पाकिस्तान तथा बांग्लादेश से समर्थन मिल रहा है। उन्होंने दावा किया था कि विद्यार्थी आंदोलन की आड़ में देश को बांटने की साजिश रची जा रही है।

जंतर-मंतर प्रदर्शन को मिल रहा इस्लामिक देशों और बांग्लादेश से समर्थन

इससे पहले मीडिया से बातचीत में भी निशिकांत दुबे ने जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के एक डीसीपी घायल हुए और उनका पैर टूट गया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में तलवारें लहराई गईं, कुछ लोगों को इस्लामिक देशों और बांग्लादेश से समर्थन मिल रहा है तथा कांग्रेस ऐसे तत्वों के साथ खड़ी है। उन्होंने राहुल गांधी की विदेश यात्राओं का जिक्र करते हुए सवाल उठाए कि वह किन-किन लोगों से मिले और भारत सरकार से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की।

नोट: इस खबर में पन्नू के वीडियो और निशिकांत दुबे के बयानों का उल्लेख उनके सार्वजनिक दावों और सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर किया गया है। लाइव हिन्दुस्तान वीडियो में किए गए दावों की पुष्टि नहीं करता है।

लेखक के बारे में

Ratan Gupta

रतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।

रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।

लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।

रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।

इसके साथ ही आईआईएमसी की एकेडमिक पढ़ाई ने उन्हें रिपोर्टिंग, न्यूज प्रोडक्शन, मीडिया एथिक्स और पब्लिक अफेयर्स की गहरी समझ दी है। इसका सीधा असर उनके लेखन की विश्वसनीयता और संतुलन में दिखाई देता है।

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