Aug 22, 2026 02:46 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान
पूनम ढिल्लों को लेकर बताया जा रहा है कि उन्हें डेंगू होने की वजह से अस्पताल में एडमिट कराया गया।

पूनम ढिल्लों को हुआ डेंगू, अस्पताल में भर्ती
बॉलीवुड की जानी मानी एक्ट्रेस और सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) की अध्यक्ष पूनम ढिल्लों इन दिनों संस्था में चल रहे विवादों की वजह से सुर्खियों में बनी हुई हैं। ऐसे में अब पूनम को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। एक्ट्रेस अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें डेंगू हो गया है, इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने की वजह से उन्हें मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
एक्ट्रेस ने खुद दिया हेल्थ अपडेट
पूनम ढिल्लों को लेकर बताया जा रहा है कि उन्हें डेंगू होने की वजह से अस्पताल में एडमिट कराया गया। पिछले कुछ दिनों से अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। विक्की लालवानी ने अपने पोस्ट में पूनम ढिल्लों का हेल्थ अपडेट देते हुए बताया कि उन्होंने सुबह पूनम ढिल्लों से मैसेज के जरिए उनकी तबीयत पूछी थी। एक्ट्रेस ने अपनी हेल्थ अपडेट देते हुए विक्की को बताया कि अब वो पहले से बेहतर हैं और रिकवर कर ही हैं। फिलहाल वो अस्पताल में हैं और डॉक्टर्स उनका इलाज कर रहे हैं। इस खबर के सामने आने के बाद से ही उनके फैंस और चाहने वालों ने सोशल मीडिया पर उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
CINTAA विवाद के बीच सामने आया हेल्थ अपडेट
पूनम ढिल्लों की अस्पताल में भर्ती होने की खबर उस वक्त सामने आई है, जब CINTAA के भीतर नेतृत्व (लीडरशिप) को लेकर विवाद चल रहा है। CINTAA में हुए चुनाव के दौरान 11 सदस्यों को उनके पद सौंपे गए थे। लेकिन अब 8 लोगों ने अपना इस्तीफा दे दिया है। अपने पदों छोड़ने वालों की लिस्ट में एक्टर मुकेश ऋषि, हेमंत पांडे, साहिल चड्ढा, हेतल, परमार, पुनीत इस्सर, विंदु दारा सिंह, दीपक पराशर, विकाश वर्मा शामिल हैं।
8 सदस्यों ने लिखा लेटर
इन 8 सदस्यों ने एक लेटर लिखकर दिया है जिसमें बताया गया है कि एसोसिएशन का कामकाज CINTAA की प्रेसिडेंट पूनम ढिल्लों और सीनियर वाइस प्रेसिडेंट पद्मिनी कोल्हापुरे और साथ ही एग्जीक्यूटिव कमिटी के कुछ अन्य सदस्यों के इर्द-गिर्द सिमटकर रह गया था।
पूनम ढिल्लन पर लगे ये आरोप
CINTAA के जिन सदस्यों ने इस्तीफा दिया है उन्होंने प्रेसिडेंट पूनम ढिल्लन पर ये आरोप लगाया है कि उन्होंने बिना किसी सलाह-मशविरा के कई बड़े फैसले लिए। उन्होंने अपनी निजी ईमेल आईडीई से ऑफिसियल मैसेज भेजे। इन फैसलों को लेने के दौरान उन्होंने संस्था के सदस्यों से बातचीत नहीं की।
