Published: Thursday, September 24, 2026, 17:26 [IST]
Gyanesh Kumar CEC Tenure: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर इन दिनों चुनाव आयोग के कामकाज और कुछ फैसलों पर बहस तेज है। इसी बीच एक अहम सवाल यह भी है कि ज्ञानेश कुमार का कार्यकाल कब खत्म होगा और उनके बाद देश का अगला मुख्य चुनाव आयुक्त कौन होगा।
ज्ञानेश कुमार ने 19 फरवरी 2025 को भारत के 26वें CEC के रूप में पद संभाला था। उनका कार्यकाल 26 जनवरी 2029 तक है। अगले CEC की नियुक्ति संसद द्वारा बनाए गए कानून के तहत तय प्रक्रिया से होगी।
ज्ञानेश कुमार के बाद कौन बनेगा CEC?
ज्ञानेश कुमार के बाद विवेक जोशी के मुख्य चुनाव आयुक्त बनने की स्थिति बनती है। विवेक जोशी ने ज्ञानेश कुमार के साथ ही 19 फरवरी 2025 को चुनाव आयोग में चुनाव आयुक्त के तौर पर जिम्मेदारी संभाली थी। वह हरियाणा कैडर के 1989 बैच के IAS अधिकारी हैं। चुनाव आयोग में आने से पहले वह हरियाणा के मुख्य सचिव के पद पर काम कर चुके हैं।
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हालांकि, CEC की नियुक्ति सीधे अपने आप नहीं होती। नए मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति संसद द्वारा बनाए गए कानून में तय चयन प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।
सुखबीर संधू कब होंगे रिटायर?
चुनाव आयोग में ज्ञानेश कुमार और विवेक जोशी से पहले सुखबीर सिंह संधू ने भी अहम भूमिका निभाई है। वह मार्च 2024 में चुनाव आयुक्त बने थे। सुखबीर सिंह संधू जुलाई 2028 में चुनाव आयोग से रिटायर होंगे। वह उत्तराखंड कैडर के 1988 बैच के IAS अधिकारी हैं। संधू उत्तराखंड के मुख्य सचिव, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के चेयरमैन और लोकपाल के सचिव जैसे पदों पर काम कर चुके हैं।
ज्ञानेश कुमार का प्रशासनिक करियर
CEC बनने से पहले ज्ञानेश कुमार केंद्र और राज्य सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं। वह उत्तराखंड कैडर के 1988 बैच के IAS अधिकारी हैं। उन्होंने IIT कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इसके अलावा ICFAI से बिजनेस फाइनेंस और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से एनवायर्नमेंटल इकोनॉमिक्स की पढ़ाई की है।
केंद्र सरकार में उन्होंने गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव और अतिरिक्त सचिव के तौर पर काम किया। वह रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव भी रहे। बाद में संसदीय कार्य मंत्रालय और सहकारिता मंत्रालय में सचिव की जिम्मेदारी संभाली।
अनुच्छेद 370 और राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़ी भूमिका
ज्ञानेश कुमार के प्रशासनिक करियर में अनुच्छेद 370 से जुड़े फैसलों और राम जन्मभूमि ट्रस्ट की स्थापना से जुड़े काम का भी जिक्र होता है। गृह मंत्रालय में रहते हुए उन्होंने अनुच्छेद 370 के प्रावधान हटाए जाने के बाद इससे जुड़े फैसलों पर काम किया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राम जन्मभूमि ट्रस्ट की स्थापना से जुड़े काम में भी उनकी भूमिका रही।
नियुक्ति को लेकर पहले भी उठे थे सवाल
फरवरी 2025 में ज्ञानेश कुमार की CEC के तौर पर नियुक्ति के समय भी विपक्ष ने सवाल उठाए थे। 2023 में CEC और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए बनाई गई चयन समिति की व्यवस्था में बदलाव किया गया था।
इस समिति में भारत के मुख्य न्यायाधीश की जगह केंद्रीय कैबिनेट मंत्री को शामिल किया गया। इससे तीन सदस्यीय पैनल में सरकार के दो सदस्य हो गए थे। विपक्ष की ओर से समिति के सदस्य राहुल गांधी ने चयन प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट में लंबित याचिकाओं पर सुनवाई तक रोकने की मांग की थी।
SIR को लेकर क्यों चर्चा में हैं CEC?
ज्ञानेश कुमार का नाम हाल में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को लेकर भी चर्चा में आया है। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार कुछ फैसलों और आदेशों पर आधिकारिक आपत्ति दर्ज कराई।
रिपोर्ट के मुताबिक, उनका कहना था कि कुछ आदेश उनकी जानकारी के बिना जारी किए गए। चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज किया है। दोनों चुनाव आयुक्तों की ओर से इस मामले पर अब तक सार्वजनिक बयान नहीं आया है।
राहुल गांधी के आरोप पर भी हुआ था विवाद
इससे पहले लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोपों पर भी CEC की प्रतिक्रिया चर्चा में रही थी। ज्ञानेश कुमार ने आरोपों को शपथ-पत्र के साथ साबित करने या माफी मांगने की बात कही थी। उनकी इस प्रतिक्रिया की विपक्ष ने आलोचना की थी।
फिलहाल CEC के पद को लेकर सबसे अहम तारीख 26 जनवरी 2029 है। इसी दिन ज्ञानेश कुमार का निर्धारित कार्यकाल खत्म होगा। इसके बाद मौजूदा व्यवस्था के अनुसार विवेक जोशी का नाम अगले मुख्य चुनाव आयुक्त के तौर पर सामने आता है, जबकि औपचारिक नियुक्ति संबंधित कानून के तहत तय प्रक्रिया से होगी।
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