सिरसा में सीडीएलयू के बाहर धरने पर बैठे छात्रों से बातचीत करते हुए वीसी प्रो. विजय कुमार
सिरसा की चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी (CDLU) के गेट पर धरनारत छात्र-छात्राओं एवं वीसी के बीच मांगों को लेकर आखिर 5 दिन के बाद सहमति बन गई है। शनिवार रात्रि को यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. विजय कुमार छात्रों से मिलने के लिए उनके धरने पर पहुंचे। उनके बीच करी
.
इस पर वीसी ने छात्रों से 10 में से सभी मांगों को 10 दिन में पूरा करने के लिए आश्वासन दिया है। एक मांग, गर्ल्स हॉस्टल के बाहर सुरक्षा व ई-रिक्शा के लिए वीसी ने तत्काल समाधान का आश्वासन दिया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रों से धरना समाप्त करने का आग्रह किया, जिस पर छात्रों ने रात को ही धरना समाप्त कर दिया और सभी छात्रों ने वीडियो जारी कर मैसेज दिया।
छात्र नेताओं ने कहा कि उनकी जीत हुई है और यूनिवर्सिटी प्रशासन ने उनकी मांग को मान लिया है। वीसी ने मांगों को पूरा करने का 10 दिन का समय दिया है। अगर 10 दिन में यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मांगों को पूरा नहीं किया तो एबीवीपी छात्रों के बीच मांगों को पूरा करने का काम करेगा और जरूरत पड़ने पर धरना प्रदर्शन भी किया जाएगा।

छात्र नेता साहिल शास्त्री बोले, 10 दिन बाद जरूरत पड़ी तो फिर से धरना प्रदर्शन करेंगे
रात डेढ़ बजे वीसी छात्रों के पास पहुंचे
शनिवार रात को भी यूनिवर्सिटी के मेन गेट के बाहर छात्र काफी संख्या में धरने पर बैठे थे। रात करीब डेढ़ बजे वीसी उनसे बातचीत के लिए पहुंचे और उनको आश्वासन देकर मना दिया। उनके साथ यूनिवर्सिटी से कमेटी भी मौजूद थी। अब देखना होगा कि इन मांगों को कब तक पूरा किया जाएगा। प्रोटेस्ट के पहले दिन भी वीसी ने उनकी मांगों को सुना और पूरा करने का आश्वासन दिया था, पर एक को भी पूरा नहीं किया था।


वीसी ने पहले भी दिया आश्वासन, पर लेटर नहीं निकाला तो धरना लगाया
इन फीस बढ़ोतरी व हॉस्टल समस्या को लेकर एबीवीपी के नेतृत्व में छात्र-छात्राएं एकत्रित हुए और सोमवार को वीसी ऑफिस का घेराव करते हुए प्रदर्शन किया था। उस समय वीसी स्वयं उनकी मांगों को सुनने आए और 6 में से तीन मांग (ई-रिक्शा सुविधा एवं मैस के खाने को लेकर) पर सहमति बन गई थी और उसे पूरा करने का आश्वासन दिया था।
मगर इन मांगों पर सहमति के बावजूद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने एक मांग भी पूरी नहीं की और न ही कोई लेटर निकाला। इसके विरोध में बुधवार से यूनिवर्सिटी के मेन गेट पर अनिश्चितकालीन धरना लगा दिया। तब से धरने पर बैठे थे। शनिवार से मेन गेट पर रास्ता भी बंद कर दिया था। इससे पहले वार्डन बातचीत के लिए आए, पर कोई आश्वासन देकर धरना समाप्त नहीं करवा सके।