JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया को लेकर झारखंड की राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन जारी है. इस बीच JPSC-JSSC Reform Manch ने अपनी मांगों का विस्तृत चार्टर (प्रस्ताव) जारी किया है.मंच ने परीक्षाओं को रद्द करने, निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार की मांग की है.
जानकारी के मुताबिक मंच ने तत्काल प्रभाव से कई परीक्षाओं को रद्द करने, कथित परीक्षा घोटालों की CBI और ED से समयबद्ध जांच, दोषियों की जवाबदेही तय करने और JPSC-JSSC की पूरी परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और आउटसोर्सिंग बंद करने समेत कई प्रमुख मांगें रखी हैं.
मांगों को पांच प्रमुख हिस्सों में बांटा
मंच की ओर से जारी मांगों को पांच प्रमुख हिस्सों- रद्दीकरण, निष्पक्ष एवं व्यापक जांच, जवाबदेही, व्यापक सुधार और अन्य मांगें में बांटा गया है.
TDPL से जुड़ी JPSC परीक्षाएं तत्काल रद्द करने की मांग
Reform Manch ने मांग की है कि TDPL द्वारा आयोजित JPSC की सभी परीक्षाओं को तत्काल रद्द किया जाए. इनमें प्रमुख रूप से 14वीं JPSC, JPSC Backlog 2023, JPSC Backlog 2025, FRO, 11वीं से 13वीं JPSC, APP एवं अन्य सभी संबंधित परीक्षाएं शामिल हैं.
इसके अलावा मंच ने अभय तिवारी से जुड़ी अथवा जिन परीक्षाओं में उनके सफल, नियुक्त या किसी भी रूप में संलिप्त रहने का आरोप है, उन सभी परीक्षाओं को भी तत्काल रद्द करने की मांग की है। इस सूची में- JSSC CGL, JSSC PGT, ACF सहित अन्य परीक्षाएं शामिल हैं.
पेपर लीक और परीक्षा घोटालों की CBI-ED जांच
मंच ने परीक्षा घोटालों की CBI और ED से निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराने की मांग की है.मंच ने विशेष रूप से जनवरी 2023 की JSSC CGL परीक्षा के पेपर लीक और सितंबर 2023 की JSSC CGL री-एग्जाम में पेपर लीक और कथित व्यापक भ्रष्टाचार की जांच CBI और ED से कराने की मांग की है.
इसके अलावा JSSC PGT, माध्यमिक आचार्य, JSSC लैब असिस्टेंट, लेडी सुपरवाइजर और उत्पाद सिपाही जैसी परीक्षाओं में एजेंसियों की भूमिका, आयोग के अधिकारियों, संदिग्ध विश्वविद्यालयों द्वारा जारी प्रमाण-पत्रों और अन्य अनियमितताओं की भी जांच की मांग की गई है.
मंच का कहना है कि केवल परीक्षा एजेंसी तक जांच सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि एजेंसियों, आयोग के अधिकारियों और संदिग्ध विश्वविद्यालयों द्वारा जारी प्रमाणपत्रों तथा कथित अनियमितताओं की भी व्यापक जांच की जानी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए.
3 महीने के भीतर जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
Reform Manch ने मांग की है कि जांच की अंतिम रिपोर्ट अधिकतम तीन महीने के भीतर सार्वजनिक की जाए. साथ ही मंच ने कहा है कि परीक्षा प्रक्रिया में दोषी पाए जाने वाले एजेंसी, प्रशासनिक, राजनीतिक अथवा अन्य किसी भी पक्ष के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
मंच की मांग है कि JPSC और JSSC में केवल अध्यक्ष के इस्तीफे तक कार्रवाई सीमित न रहे. उसके मुताबिक, दोषी पाए जाने वाले सदस्यों और कर्मचारियों को पद से हटाकर उनकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए.
भर्ती प्रक्रिया में सुधारों की मांग
- मंच ने JPSC-JSSC की परीक्षाओं में आउटसोर्सिंग एजेंसी की व्यवस्था समाप्त करने और संबंधित आयोग द्वारा स्वयं परीक्षा आयोजित कराने की मांग की है.
- मंच ने मांग की है कि प्रत्येक चरण PT, Mains आदि के परिणाम के साथ कटऑफ मार्क्स भी जारी किए जाएं. मंच ने मांग की कि रिजल्ट के साथ कटऑफ और पूरी मार्किंग पारदर्शी हो.
- अंतिम परिणाम के साथ अभ्यर्थियों को Original Marks, Normalised Marks, Score Card उपलब्ध कराया जाए.
- इसके साथ ही Normalization की पूरी प्रक्रिया और Formula सार्वजनिक करने की मांग की गई है.
- मंच ने यह भी कहा है कि JPSC प्रारंभिक परीक्षा की OMR शीट और मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिका ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाए.
राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले लोगों की नियुक्ति पर रोक
Reform Manch ने JPSC और JSSC में राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों या उनके संबंधियों को अध्यक्ष अथवा सदस्य के पद पर नियुक्त नहीं करने की मांग की है. मंच के मुताबिक इन पदों पर केवल गैर-राजनीतिक और बेदाग छवि वाले व्यक्तियों की नियुक्ति होनी चाहिए.
पेपर लीक मामलों में 90 दिन के भीतर निपटारा
मंच ने पेपर लीक, परीक्षा घोटाले और अन्य अनियमितताओं के मामलों में त्वरित एवं पारदर्शी जांच के साथ Fast Track Court के माध्यम से मामलों का निपटारा 90 दिनों के भीतर सुनिश्चित करने की मांग की है.
उत्पाद सिपाही के मृतकों के परिवारों को ₹1 करोड़
मंच ने उत्पाद सिपाही भर्ती के दौरान मृत अभ्यर्थियों के परिवारों को ₹1 करोड़ की सहायता राशि देने की मांग की है.
अभ्यर्थियों के लिए हेल्प डेस्क
JPSC और JSSC में अभ्यर्थियों के लिए तत्पर और संवेदनशील Help Desk System विकसित करने की मांग की गई है. साथ ही परीक्षा से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण सूचनाओं को प्रेस ब्रीफिंग अथवा प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सार्वजनिक करने की मांग है.
परीक्षा कैलेंडर जारी हो
मंच ने JSSC की विभिन्न परीक्षाओं, जिनमें- उत्पाद सिपाही, LDC, पुलिस, दरोगा आदि शामिल हैं, का परीक्षा कैलेंडर जारी करने और उसके अनुसार परीक्षाएं कराने की मांग की है.
दरोगा-सिपाही भर्ती की दौड़ के समय में बदलाव
मंच ने 1.6 किलोमीटर दौड़ के लिए पुरुष अभ्यर्थी- 7 मिनट, महिला अभ्यर्थी- 11 मिनट का समय निर्धारित करने की मांग की है.
JPSC और JSSC में आयु सीमा में बदलाव
मंच ने JPSC में आयु कट-ऑफ वर्ष 2018 के आधार पर निर्धारित करने की मांग की है. वहीं JSSC में अधिकतम आयु सीमा 42 वर्ष निर्धारित करने की मांग की गई है.
पारदर्शिता के लिए कानून, नियम और SOP
JPSC और JSSC की परीक्षाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कड़े कानून, नियम और SOP तैयार कर लागू करने की मांग की गई है.
व्हिसलब्लोअर संतोष मस्ताना को लेकर भी मांग
मंच ने राज्य के अभ्यर्थियों के हित में परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष करने वाले व्हिसलब्लोअर संतोष मस्ताना का निलंबन समाप्त कर उनकी Rejoining सुनिश्चित करने की मांग की है. इसके साथ ही CID केस संख्या 02/25 को शीघ्र वापस लेने की मांग भी प्रेस विज्ञप्ति में की गई है.
सभी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा
Reform Manch ने कहा है कि उसकी सभी मांगों को तत्काल पूरा किया जाए.मंच ने स्पष्ट किया है कि जब तक उसकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा.

शिवांग माथुर
शिवांग माथुर टीवी 9 भारतवर्ष में एसोसियेट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं.
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