Car Care Tips: गाड़ी के सस्पेंशन में आई खराबी, 5 बातों को नजरअंदाज करना पड़ेगा भारी - Haribhoomi

Published on 27 जुल॰ 2026

Car Care Tips: किसी भी कार का सस्पेंशन सिस्टम सिर्फ आरामदायक ड्राइविंग ही नहीं, बल्कि आपकी सुरक्षा और बेहतर हैंडलिंग के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण होता है।

Car Suspension Care

5 बातों को नजरअंदाज करना पड़ेगा भारी

  • Published: 27 Jul 2026, 08:22 PM IST
  • Last Updated: 27 Jul 2026, 08:22 PM IST

Car Care Tips: कार का सस्पेंशन सिस्टम आपकी गाड़ी की सेफ्टी, कंफर्ट और बेहतर कंट्रोल की सबसे अहम कड़ी होता है। यही सिस्टम खराब सड़कों पर झटकों को कम करता है, टायरों की सड़क पर मजबूत पकड़ बनाए रखता है और मोड़ पर कार को संतुलित रखता है। लेकिन समय के साथ शॉक एब्जॉर्बर, स्ट्रट्स, स्प्रिंग्स और दूसरे सस्पेंशन पार्ट्स घिसने लगते हैं। यदि इन्हें समय पर रिपेयर या बदलवाया न जाए, तो इसका असर न केवल ड्राइविंग कम्फर्ट पर पड़ता है, बल्कि ब्रेकिंग, हैंडलिंग और टायरों की उम्र भी घट सकती है।

अक्सर लोग शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे बाद में बड़ी और महंगी मरम्मत की नौबत आ जाती है। ऐसे में जरूरी है कि आप उन संकेतों को समय रहते पहचान लें, जो बताते हैं कि आपकी कार के सस्पेंशन सिस्टम को जांच या रिपेयर की जरूरत है।

1. सड़क पर ज्यादा उछाल और झटके
अगर आपकी कार गड्ढों या खराब सड़क पर पहले की तुलना में ज्यादा उछलने लगी है या हर छोटे झटके का असर केबिन तक महसूस होने लगा है, तो यह खराब शॉक एब्जॉर्बर या स्ट्रट्स का संकेत हो सकता है। अच्छी स्थिति में सस्पेंशन सड़क की ऊंच-नीच को आसानी से संभाल लेता है। राइड क्वालिटी खराब होने पर तुरंत जांच करवानी चाहिए।

2. टायरों का असमान घिसना
अगर किसी एक टायर का किनारा ज्यादा घिस रहा है या टायर असमान तरीके से घिस रहे हैं, तो यह सस्पेंशन या व्हील अलाइनमेंट में गड़बड़ी का संकेत हो सकता है। खराब बुशिंग या सस्पेंशन मिसअलाइनमेंट के कारण कार का वजन बराबर नहीं बंटता, जिससे टायर जल्दी खराब होने लगते हैं।

3. गड्ढों पर अजीब आवाजें आना
स्पीड ब्रेकर या गड्ढों से गुजरते समय अगर कार से क्लंक, क्लैटर या स्क्वीक जैसी आवाजें सुनाई देती हैं, तो बॉल जॉइंट, कंट्रोल आर्म या स्वे बार लिंक जैसे सस्पेंशन पार्ट्स में खराबी हो सकती है। ऐसी आवाजों को नजरअंदाज करने पर पार्ट्स पूरी तरह खराब हो सकते हैं।

4. कार का एक तरफ खिंचना
यदि सीधी सड़क पर चलाते समय या ब्रेक लगाने पर कार बार-बार बाईं या दाईं ओर खिंचती है, तो यह कमजोर स्ट्रट, स्प्रिंग या असंतुलित सस्पेंशन का संकेत है। इससे गाड़ी की हैंडलिंग प्रभावित होती है और अचानक लेन बदलने के दौरान दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है।

5. ऑयल लीकेज या दिखाई देने वाला डैमेज
अगर शॉक एब्जॉर्बर से ऑयल रिसता हुआ दिखाई दे या सस्पेंशन के आसपास ग्रीस जमा हो, तो यह स्पष्ट संकेत है कि सिस्टम में खराबी आ चुकी है। इसके अलावा यदि कोई पार्ट मुड़ा हुआ, जंग लगा या फटा हुआ नजर आए, तो उसे तुरंत बदलवाना चाहिए।

समय पर कराएं जांच
इन संकेतों को समय रहते पहचानकर आप न केवल बड़ी खराबी और महंगे रिपेयर बिल से बच सकते हैं, बल्कि अपनी कार की सुरक्षा और परफॉर्मेंस भी लंबे समय तक बेहतर बनाए रख सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, हर 10,000 से 15,000 किलोमीटर पर सस्पेंशन सिस्टम की प्रोफेशनल जांच कराना एक अच्छी आदत है।

(मंजू कुमारी)