Published: Friday, September 25, 2026, 19:54 [IST]
Brij Bhushan Sharan Singh News: भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह को यौन उत्पीड़न मामले में बरी किए जाने के फैसले को 4 महिला पहलवानों ने चुनौती दी है। शिकायतकर्ताओं ने दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में अपील दाखिल की है। अब इस याचिका पर 26 सितंबर 2026, शनिवार को सुनवाई होगी।
मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (MP-MLA मामलों) दिग्विनय सिंह (Dig Vinay Singh) की अदालत में होनी है। पहलवानों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रेबेका जॉन पैरवी कर रही हैं।
3 अगस्त के फैसले के खिलाफ अपील
चार महिला पहलवानों ने अपनी अपील में 3 अगस्त 2026 को सुनाए गए निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी है। उनका कहना है कि बृज भूषण और पूर्व WFI सहायक सचिव विनोद तोमर को बरी करने वाला फैसला कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं है। अपील में आरोप लगाया गया है कि निचली अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों का चयनात्मक तरीके से आकलन किया। शिकायतकर्ताओं का यह भी कहना है कि फैसले में यौन उत्पीड़न और ऐसे मामलों के पीड़ितों के व्यवहार को लेकर पुराने और रूढ़िवादी दृष्टिकोण का इस्तेमाल किया गया। पहलवानों ने दावा किया है कि फैसला अनुमानों और अटकलों पर आधारित था और मामले में लागू कानूनी सिद्धांतों का उचित तरीके से इस्तेमाल नहीं किया गया।
निचली अदालत ने दोनों आरोपियों को बरी किया था
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अश्विनी पंवार ने अभियोजन पक्ष, शिकायतकर्ताओं और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद बृज भूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को बरी कर दिया था। फैसला बंद कमरे में हुई कार्यवाही के बाद सुनाया गया था। विस्तृत फैसले में अदालत ने शिकायतकर्ताओं के बयानों में कथित विसंगतियों पर भी गौर किया था। मुकदमे के दौरान दो शिकायतकर्ताओं ने अभियोजन पक्ष के मामले का समर्थन नहीं किया था।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, यह मामला 2023 में सामने आया था। छह महिला पहलवानों ने तत्कालीन WFI अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह पर उनके कार्यकाल के दौरान यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। आरोपों के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहलवानों ने लंबे समय तक विरोध प्रदर्शन किया। इस आंदोलन में विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया समेत कई चर्चित पहलवान शामिल हुए थे। मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया और बृज भूषण के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हुई।
28 अप्रैल 2023 को FIR, 1,500 पन्नों की चार्जशीट
दिल्ली पुलिस ने 28 अप्रैल 2023 को बृज भूषण शरण सिंह और विनोद तोमर के खिलाफ FIR दर्ज की थी। इसके बाद पुलिस ने 15 जून 2023 को करीब 1,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। इसमें यौन उत्पीड़न, मारपीट और पीछा करने से जुड़े आरोपों का उल्लेख था। चार्जशीट में चार राज्यों के कम से कम 22 गवाहों के बयानों का हवाला दिया गया था।
मई 2024 में राउज एवेन्यू कोर्ट ने पांच शिकायतकर्ताओं से जुड़े आरोपों के संबंध में बृज भूषण के खिलाफ आरोप तय किए थे। एक अन्य शिकायत के मामले में उन्हें राहत मिली थी। वहीं, विनोद तोमर पर एक शिकायतकर्ता से जुड़े आपराधिक धमकी के आरोप तय किए गए थे।
127 सुनवाई के बाद आया था फैसला
मुकदमे की सुनवाई जून 2024 में शुरू हुई थी। 3 अगस्त 2026 को फैसला आने से पहले मामले में कुल 127 सुनवाई दर्ज हुईं। इस दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 32 गवाहों से पूछताछ की गई। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने बृज भूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को बरी कर दिया। अब चार महिला पहलवानों ने इसी फैसले के खिलाफ सत्र अदालत का रुख किया है।
26 सितंबर को क्या होगा?
अब अदालत यह देखेगी कि शिकायतकर्ताओं की ओर से दाखिल अपील सुनवाई योग्य है या नहीं और बरी किए जाने के फैसले को चुनौती देने के उनके आधारों पर आगे सुनवाई की जरूरत है या नहीं। शिकायतकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रेबेका जॉन पैरवी कर रही हैं। बृज भूषण शरण सिंह की ओर से अधिवक्ता राजीव मोहन, रेहान खान और ऋषभ भाटी पेश हो रहे हैं।
फिलहाल 26 सितंबर की सुनवाई इस मामले की आगे की कानूनी दिशा के लिहाज से अहम है। अदालत में अपील पर होने वाली सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगा कि निचली अदालत के 3 अगस्त के फैसले के खिलाफ चुनौती पर आगे किस तरह की न्यायिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी।