BRICS के 18वें शिखर सम्मेलन में शनिवार को 140-बिंदुओं वाला New Delhi Declaration अपनाया गया। दस्तावेज़ ने 22 अप्रैल, 2025 के पहलगाम हमले की निंदा की, गाज़ा में संघर्षविराम की मांग की, एकतरफा टैरिफ/प्रतिबंध और कार्बन बॉर्डर टैक्स का विरोध किया, स्थानीय-मुद्रा व्यापार, BRICS Risk Lab, AI शासन और Big Cats Alliance को समर्थन दिया।
BRICS New Delhi Declaration: राजधानी में आयोजित BRICS के 18वें शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों ने शनिवार को 140 बिंदुओं वाले नई दिल्ली घोषणा-पत्र को अपनाया। “New Delhi Declaration — Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” नाम से जारी इस दस्तावेज में वैश्विक संघर्ष, आतंकवाद, व्यापार, जलवायु परिवर्तन, तकनीक और सतत विकास जैसे अहम मुद्दों पर समूह की प्राथमिकताएं सामने रखी गईं।
घोषणा-पत्र में चीन और रूस ने संयुक्त राष्ट्र में भारत और ब्राजील की बड़ी भूमिका की आकांक्षाओं का समर्थन किया। इसके अलावा स्थानीय मुद्राओं में व्यापार, वित्तीय जोखिम से निपटने, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और बड़े बिल्लियों के संरक्षण जैसे मुद्दों पर भी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।
व्यापार और टैरिफ पर BRICS का सख्त रुख
BRICS देशों ने एकतरफा टैरिफ और गैर-टैरिफ उपायों में बढ़ोतरी पर गंभीर चिंता जताई। समूह का कहना है कि ऐसे कदम वैश्विक व्यापार को प्रभावित करते हैं और विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों के अनुरूप नहीं हैं।
घोषणा-पत्र में पर्यावरण नीतियों की आड़ में संरक्षणवादी कदम उठाने का भी विरोध किया गया। BRICS ने ऐसे कार्बन बॉर्डर समायोजन उपायों पर आपत्ति जताई, जो अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप नहीं हैं।
सदस्य देशों ने WTO में सुधार के प्रति समर्थन दोहराते हुए खुली, पारदर्शी, निष्पक्ष, समावेशी और नियम आधारित वैश्विक व्यापार व्यवस्था की वकालत की। विकासशील और अल्प-विकसित देशों के हितों को ध्यान में रखते हुए विशेष एवं भेदभावपूर्ण व्यवहार के सिद्धांतों को भी दोहराया गया।
स्थानीय मुद्रा में व्यापार को बढ़ावा
BRICS ने सीमा-पार भुगतान और वित्तीय संदेश प्रणालियों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत पर जोर दिया। सदस्य देशों ने राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए BRICS की स्थानीय मुद्राओं में व्यापार और निवेश के निपटान को बढ़ावा देने का समर्थन किया।
भारत के प्रस्तावित BRICS Risk Lab को गुजरात के GIFT City स्थित International Financial Services Centre में स्थापित करने में भी सदस्यों ने रुचि दिखाई। यह पहल स्वैच्छिक BRICS Insurance Resilience Centre के तहत साझा जोखिम मॉडल, बेहतर प्रक्रियाओं और नई क्षमताओं के विकास पर केंद्रित होगी।
गाजा और फिलिस्तीन पर क्या कहा?
BRICS ने गाजा में तत्काल इजरायली संघर्षविराम और मानवीय सहायता की निर्बाध पहुंच की मांग की। समूह ने फिलिस्तीनियों के किसी भी बहाने से अस्थायी या स्थायी जबरन विस्थापन का विरोध किया।
घोषणा-पत्र में फिलिस्तीन की पूर्ण संयुक्त राष्ट्र सदस्यता का समर्थन किया गया। साथ ही 1967 की सीमाओं पर आधारित दो-राष्ट्र समाधान का आह्वान किया गया, जिसमें पूर्वी येरूशलम को फिलिस्तीन की राजधानी बनाने की बात शामिल है।
लेबनान को लेकर भी BRICS ने इजरायल से लेबनानी सरकार के साथ हुए समझौतों का सम्मान करने और लेबनानी क्षेत्र से कब्जे वाली सेनाओं की वापसी की अपील की।
पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा
BRICS ने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे।
समूह ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए इस तरह की हिंसा के खिलाफ सख्त रुख का संदेश दिया। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र के UNIFIL मिशन में तैनात इंडोनेशियाई शांति सैनिकों और अन्य कर्मियों की मौत पर भी शोक जताया गया।
परमाणु प्रतिष्ठानों और AI को लेकर भी अहम बातें
BRICS ने नागरिक ढांचे और IAEA के सुरक्षा तंत्र के तहत आने वाली शांतिपूर्ण परमाणु सुविधाओं पर हमलों को लेकर गंभीर चिंता जताई। समूह ने ऐसे हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून और IAEA के प्रस्तावों के विपरीत बताया।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता के वैश्विक शासन को लेकर भी BRICS नेताओं के वक्तव्य को लागू करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। समूह ने AI के क्षेत्र में सहयोग और वैश्विक स्तर पर बेहतर शासन व्यवस्था की जरूरत पर जोर दिया।
Big Cats संरक्षण में भी बढ़ेगा सहयोग
घोषणा-पत्र में भारत की International Big Cats Alliance पहल को भी समर्थन दिया गया। BRICS देशों ने बड़े बिल्लियों के संरक्षण और उनसे जुड़े प्रयासों में आपसी सहयोग बढ़ाने की बात कही।
इस तरह नई दिल्ली घोषणा-पत्र में व्यापार और वित्त से लेकर वैश्विक संघर्ष, आतंकवाद, AI, परमाणु सुरक्षा और पर्यावरण तक कई अहम मुद्दों को शामिल किया गया। 140 बिंदुओं वाला यह दस्तावेज BRICS देशों के बीच सहयोग के व्यापक एजेंडे को सामने रखता है।