BRICS समिट में योग ने दुनिया को जोड़ा: हेल्थ सेक्रेटरी बोलीं- भारत के प्रयासों से योग बना ग्लोबल ब्रांड, बीमारियों से बचाएगा - Chandigarh News

Published on 22 जुल॰ 2026

चंडीगढ़ में चल रही BRICS स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक के दौरान भारतीय योग का प्रभाव देखने को मिला। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव और इथियोपिया की ट्रेडिशनल मेडिसिन विशेषज्ञ फ्रेहिवोत असामो ने योग के वैश्विक प्रभाव पर विचार साझा किए।

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स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि भारत की पहल से योग आज वैश्विक स्तर पर पहचान बना चुका है और यह जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यह समिट 24 जुलाई तक चलेगी, जिसमें 21 देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।

स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने कहा कि BRICS का मुख्य एजेंडा स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना और पारंपरिक व एकीकृत चिकित्सा पद्धतियों को आगे बढ़ाना है। इसी उद्देश्य से विशेष योग सत्र का आयोजन किया गया।

देश की स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव योग के बारे में जानकारी देते हुए।

देश की स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव योग के बारे में जानकारी देते हुए।

3 पॉइंट में जानिए स्वास्थ्य सचिव ने क्या कहा:-

  • भारत की पहल से योग को वैश्विक पहचान मिली: स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने कहा कि भारत के निरंतर प्रयासों के कारण संयुक्त राष्ट्र ने ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ घोषित किया है। आज योग पूरी दुनिया में एक वैश्विक ब्रांड के रूप में पहचाना जा रहा है।
  • सभी देशों में योग के प्रति बढ़ रहा रुझान: स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि 21 देशों के प्रतिनिधियों ने जिस उत्साह के साथ योग सत्र में हिस्सा लिया, वह दिखाता है कि दुनिया तेजी से योग की ओर आकर्षित हो रही है।
  • लाइफस्टाइल बीमारियों से बचाव में मददगार: उन्होंने कहा कि नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज (NCDs) और लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों की बढ़ती चुनौती से निपटने में योग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

3 पॉइंट में जानिए योग का सफर:-

  • योग की शुरुआत भारत में करीब 5,000 वर्ष पहले मानी जाती है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, योग का इतिहास 2700 ईसा पूर्व से भी पहले का बताया जाता है।
  • संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 11 दिसंबर 2014 को 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में घोषित किया। इसके बाद पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2015 को दुनिया भर में मनाया गया।
  • तनाव, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम में योग को प्रभावी माना जा रहा है। आयुष मंत्रालय योग के वैज्ञानिक पहलुओं पर शोध और इसके वैश्विक प्रचार-प्रसार के लिए लगातार काम कर रहा है।