Updated: Tuesday, July 28, 2026, 15:05 [IST]
Bharatiya Janata Yuva Morcha Ex President Manika Rana: दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET Paper Leak और पीएम मोदी कैबिनेट में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन इन दिनों चर्चा का विषय रहा।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में उत्तराखंड की भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) की अध्यक्ष मणिका राणा भी शामिल होने की खबर सोशल मीडिया पर आग की तरह फैली। इसके बाद, दावे किए गए कि भाजपा ने उन्हें सजा देते हुए पद से हटा दिया और पार्टी से निकाल दिया। लेकिन मणिका राणा ने खुद इसकी सच्चाई बयां की है। आइए विस्तार से समझते हैं क्या है सच्चाई...
BJP Leader Manika Rana Fact Check: क्या मणिका राणा को पार्टी से निकाला गया?
मणिका राणा ने मीडिया से मुखातिब होकर अफवाहों को छूमंतर कर दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी से मेरे निष्कासन की खबरें गलत और फर्जी हैं। मुझे निष्कासित नहीं किया गया। मुझे मेरे पद से मुक्त किया गया था, यह प्रक्रिया अप्रैल या मई में हुई थी। मैं अभी भी पार्टी का हिस्सा हूं। जंतर-मंतर प्रदर्शन का इस फैसले से कोई लेना-देना नहीं है।
वे आगे कहती हैं कि NEET पेपर लीक के विरोध और छात्रों की मांगों के समर्थन में वे प्रदर्शन में शामिल हुई थीं। अब मांगें पूरी होने से वे खुश हैं। पद से मुक्त करने की वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि पढ़ाई और व्यस्तता के कारण संगठनात्मक कार्यों में समय नहीं दे पा रही थीं।
Who Is Manika Rana: मणिका राणा कौन हैं? उनका सफर

मणिका राणा उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले से ताल्लुक रखती हैं। वे एक सक्रिय युवा नेता और छात्र राजनीति की चेहरा हैं। 2022 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) में प्रदेश स्तर पर विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं। छात्र मुद्दों, शिक्षा सुधार और युवा अधिकारों पर काम किया। भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) में सक्रिय हुईं।
नई टिहरी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत उन्हें मंडल अध्यक्ष बनाया गया। करीब 19-20 वर्षीय मणिका शिक्षा के साथ-साथ राजनीतिक गतिविधियों में संतुलन बनाए रखती हैं। टिहरी जैसे पहाड़ी क्षेत्र में युवा पलायन, शिक्षा और रोजगार उनके फोकस एरिया रहे हैं। उनका सफर ABVP से BJYM तक का है, जहां उन्होंने स्थानीय स्तर पर पार्टी को मजबूत करने में योगदान दिया।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन क्यों?
आपको बता दें कि, NEET UG पेपर लीक और शिक्षा मंत्री रहे धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर Cockroach Janta Party (CJP) ने देशव्यापी मोर्चा खोला। सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके के नेतृत्व में इस प्रोटेस्ट से जुड़कर छात्रों ने राज्यों में प्रदर्शन किया। 20 जून से जंतर-मंतर पर डेरा डालकर बैठे। 28 जून से यह प्रोटेस्ट आंदोलन में तब बदला, जब एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक इससे जुड़े और भूख हड़ताल शुरू की। 20 जुलाई को संसद चलो मार्च ने इस आंदोलन में 'आग में घी' की तरह काम किया। 50 दिन से ज्यादा के इस प्रोटेस्ट के चलते धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही पड़ा।

Fact Check
दावा
दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक प्रोटेस्ट का हिस्सा बनने पर बीजेपी ने मणिका राणा को पार्टी से निष्कासित किया।
नतीजा
मणिका राणा के बीजेपी से निष्कासन के दावे झूठे। अप्रैल-मई के बीच हुईं थी पद मुक्त।
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