Published: Monday, August 17, 2026, 12:04 [IST]
Shehzad Poonawalla Resigns Again: भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एक बार फिर पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने की घोषणा की है। उन्होंने सोमवार, 17 अगस्त को बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन को अपना इस्तीफा भेजते हुए इसे स्वीकार करने की अपील की। इससे पहले 30 जुलाई 2026 को भी उन्होंने पार्टी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की पेशकश की थी, लेकिन पार्टी ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया था। अब पूनावाला ने कहा है कि काफी सोच-विचार के बाद उन्होंने अपने फैसले को अंतिम रूप दिया है।
शहजाद ने अपने वित्तीय और निजी परिस्थितियों को इस्तीफे का मुख्य कारण बताया है। साथ ही उन्होंने साफ किया कि पार्टी से संगठनात्मक रूप से अलग होने के बाद भी बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों का समर्थन जारी रखेंगे। शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया पर अपनी इस्तीफे की चिट्ठी शेयर की।
शहजाद ने बताया कि उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन को एक बार फिर इस्तीफा भेजा है और इसे स्वीकार करने का अनुरोध किया है। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का आभार जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, जेपी नड्डा और बीएल संतोष का नाम लिया। पूनावाला ने कहा कि बीजेपी ने उन्हें काम करने का मौका और एक बड़ा मंच दिया, जिसके लिए वह हमेशा आभारी रहेंगे।
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बोले- पार्टी नहीं, सिर्फ संगठन छोड़ रहा हूं
अपने इस्तीफे में पूनावाला ने कहा कि वह अब राष्ट्रीय प्रवक्ता की जिम्मेदारी और बीजेपी की सक्रिय प्राथमिक सदस्यता से मुक्त होना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि हाल की कुछ घटनाओं ने उनके पहले लिए गए फैसले को और मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि निजी और आर्थिक कारणों के चलते अब वह निजी क्षेत्र में जाने का फैसला कर रहे हैं। हालांकि, जहां भी संभव होगा, वह बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का समर्थन करते रहेंगे। पूनावाला ने अपने फैसले को एक लाइन में बताते हुए कहा कि वह "व्यवस्था छोड़ रहे हैं, व्यक्ति या विचार नहीं।"
'मेरी जैसी कहानी बीजेपी में ही संभव'
शहजाद पूनावाला ने अपने मैसेज में अपनी राजनीतिक यात्रा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि किसी दूसरे देश या किसी दूसरी पार्टी में उनके जैसे युवा, गैर-राजनीतिक परिवार से आने वाले मुस्लिम व्यक्ति की कहानी शायद संभव नहीं होती। उन्होंने खुद को एक युवा पसमांदा मुस्लिम और गैर-वंशवादी नेता बताते हुए बीजेपी से मिले अवसरों के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि पार्टी के साथ बिताया समय उनके लिए हमेशा खास रहेगा।
कांग्रेस से शुरू हुआ था राजनीतिक सफर
38 वर्षीय शहजाद पूनावाला पेशे से वकील हैं। उन्होंने राजनीति की शुरुआत कांग्रेस से की थी। कांग्रेस में रहते हुए उन्होंने राहुल गांधी के पार्टी अध्यक्ष बनने के खिलाफ आवाज उठाई थी। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थामा। बीजेपी में आने के बाद वह पार्टी के प्रमुख राष्ट्रीय प्रवक्ताओं में शामिल हो गए। टीवी डिबेट, प्रेस कॉन्फ्रेंस और सोशल मीडिया पर वह अक्सर पार्टी का पक्ष रखते नजर आए।
साल 2021 में पूनावाला को बीजेपी के दिल्ली आईटी और सोशल मीडिया विभाग की जिम्मेदारी भी दी गई थी। पार्टी के प्रमुख मुस्लिम चेहरों में शामिल होने के कारण उन्हें कई बड़े और विवादित राजनीतिक मुद्दों पर बीजेपी का पक्ष रखने के लिए सामने किया जाता रहा। अब उन्होंने राष्ट्रीय प्रवक्ता समेत पार्टी के संगठनात्मक पदों से खुद को अलग करने का फैसला किया है। हालांकि, उन्होंने साफ किया है कि बीजेपी और नरेंद्र मोदी के प्रति उनका समर्थन आगे भी जारी रहेगा।
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