Bihar TRE 4 Exam: अभ्यर्थियों के प्रदर्शन का असर, और पद बढ़े; सरकार ने मानी मांग

Published on 29 अग॰ 2026

बिहार सरकार ने TRE 4.0 में संगीत शिक्षकों के 111 पद बढ़ाए है। इस तरह कुल वैकेंसी 33,385 हो गई है। मंत्री तिवारी ने बीपीएससी को संशोधित मांगपत्र भेजने की बात कही।

बिहार में शिक्षक भर्ती को लेकर छात्रों का गुस्सा थमा नहीं था कि सरकार ने एक और बड़ा दांव खेल दिया है। संगीत विषय की सीटें बढ़ाकर सम्राट चौधरी की सरकार ने साफ संकेत दे दिया है कि अभ्यर्थियों की नाराजगी को हल्के में नहीं लिया जाएगा। पटना में बीते कई दिनों से TRE अभ्यर्थी सड़कों पर उतरे हुए थे, और गुरुवार को जब सरकार ने उनकी बड़ी मांगें मान लीं, तो लगा कि आंदोलन थम जाएगा। लेकिन संगीत शिक्षक बनने का सपना देख रहे युवाओं का धरना खत्म नहीं हुआ था, वे सीधे शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के आवास तक जा पहुंचे। और अब नतीजा सामने है कि 111 नए पद जोड़े जा चुके हैं।

दरअसल TRE-4 के तहत संगीत विषय के लिए शुरू में सिर्फ दो पद अधिसूचित किए गए थे, जो अभ्यर्थियों को बिल्कुल रास नहीं आया। इसी को लेकर उन्होंने मंत्री के घर के बाहर देशभक्ति गीत गाते हुए प्रदर्शन किया और मांग रखी कि सीटें बढ़ाई जाएं। मंत्री तिवारी ने खुद अभ्यर्थियों से मुलाकात की और भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी चिंताओं को गंभीरता से लेगी। कुछ ही दिनों बाद यह भरोसा हकीकत में बदल गया, जब शिक्षा विभाग ने संगीत विषय में 111 पदों की बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया।

शिक्षक रिक्तियों के बढ़े आंकड़े

इस बढ़ोतरी के साथ ही अब कक्षा 9 और 10 के लिए संगीत शिक्षकों की कुल रिक्तियां भी सम्मानजनक आंकड़े पर पहुंच गई हैं। सबसे बड़ी बात यह रही कि इसके साथ TRE 4.0 के तहत कुल शिक्षक वैकेंसी का आंकड़ा भी 33,385 तक जा पहुंचा है, जो पहले 33,274 पर था। शिक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि जल्द ही इस संशोधित मांगपत्र को बिहार लोक सेवा आयोग यानी BPSC के पास भेजा जाएगा, ताकि आगे की प्रक्रिया बिना देरी के शुरू हो सके।

मंत्री तिवारी ने अपने बयान में कहा, "जरूरी विषयों में सीटें बढ़ाई गई हैं। हमने संगीत विषय के लिए सिर्फ दो वैकेंसी अधिसूचित की थीं, जिसके बाद हमें कई ज्ञापन मिले और हमने 111 पद बढ़ा दिए।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि आगे चलकर संबंधित अधिकारी पहले ही कुल वैकेंसी की जानकारी सार्वजनिक करेंगे, ताकि इंतजाम समय रहते किए जा सकें और अभ्यर्थियों को बाद में असमंजस का सामना न करना पड़े।

गौरतलब है कि गुरुवार यानी 27 अगस्त को बिहार सरकार ने छात्रों की कई अहम मांगों पर मुहर लगाई थी। सबसे बड़ा फैसला यही रहा कि BPSC TRE की परीक्षा अब एक ही चरण में कराई जाएगी, जिसकी मांग लंबे समय से अभ्यर्थी उठा रहे थे। इसके अलावा सरकार ने पटना हाईकोर्ट के एक जज की अध्यक्षता में एक समिति बनाने का भी एलान किया, जो भर्ती परीक्षाओं के संचालन से जुड़े मसलों की जांच करेगी।

सरकार ने क्या दिया आश्वासन

लाइब्रेरियन पदों की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर भी सरकार ने आश्वासन दिया है कि जल्द से जल्द भर्ती शुरू करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। वहीं सरकारी नौकरी के इच्छुक युवाओं के लिए उम्र सीमा में छूट का मुद्दा भी अब एक उच्चस्तरीय समिति के पास भेजा गया है, जो सरकारी प्रावधानों के अनुरूप इस पर विचार करेगी।

इस पूरे घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए मंत्री तिवारी ने भावुक अंदाज़ में कहा, "हमारे छात्र बिहार का भविष्य हैं। हम उनकी हर वाजिब मांग को पूरा करेंगे। बातचीत के दरवाजे खुले हैं। अब उन्हें आंदोलन के रास्ते पर चलने की जरूरत नहीं पड़ेगी।" यह बयान साफ दिखाता है कि सरकार फिलहाल टकराव नहीं, बल्कि संवाद के जरिए मामला सुलझाना चाहती है।

बहरहाल, संगीत शिक्षकों के लिए बढ़ी सीटें भले ही छोटा फैसला लगें, लेकिन अभ्यर्थियों के लिए यह बड़ी राहत की खबर है। अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि BPSC कब तक संशोधित अधियाचना के आधार पर आगे की प्रक्रिया शुरू करता है, और आने वाले दिनों में कुल वैकेंसी में और कितना इजाफा होता है।