मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय समीक्षा में 735 किलोमीटर लंबी बिहार-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था का मूल्यांकन किया गया। निष्कर्षों में 194 एसएसबी सीमा पोस्ट, 70 पुलिस स्टेशन, नशीले पदार्थों की जब्ती, अवैध आव्रजन विरोधी कार्रवाई, साइबर अपराध के उपाय और सीमावर्ती जिलों में दूरसंचार और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत प्रगति शामिल है।
By Oneindia Staff
Published: Monday, August 17, 2026, 23:31 [IST]
बिहार में भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा, सीमावर्ती अपराध, आतंकवाद, नशीले पदार्थों की तस्करी और आर्थिक सुरक्षा को लेकर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। गृह विभाग की ओर से आयोजित इस बैठक में राज्य के सात सीमावर्ती जिलों—पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज—की सुरक्षा व्यवस्था एवं संस्थागत तंत्र की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि बिहार की 735 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल सीमा पर 194 सशस्त्र सीमा बल (SSB) बॉर्डर आउट पोस्ट (BOP) और 70 सक्रिय पुलिस स्टेशन कार्यरत हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में अपराध और नशीले पदार्थों की तस्करी पर भी कार्रवाई की समीक्षा की गई।
हाल के आंकड़ों के अनुसार, सीमावर्ती जिलों में 20,625 किलोग्राम गांजा, 61.85 किलोग्राम चरस और 1,98,656 नशीली गोलियां सहित अन्य मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं। इस मामले में 1,023 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि PIT-NDPS के तहत 42 प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए हैं।
अवैध विदेशी नागरिकों और साइबर अपराध पर भी नजर
सीमावर्ती क्षेत्रों में चिन्हित 80 अवैध विदेशी नागरिकों के खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई की गई है। इसके अलावा फर्जी आधार से जुड़े 40 मामले, सिमबॉक्स फ्रॉड के 2 मामले और साइबर अपराध के 423 मामले दर्ज किए गए हैं। बैठक में वित्तीय और आर्थिक सुरक्षा से जुड़े उपायों की भी समीक्षा की गई।
राज्य में 1,281 बैंक शाखाओं और उप-निबंधक कार्यालयों में वैधानिक नियमों के अनुपालन का जायजा लिया गया है। नकली नोटों की पहचान के लिए 1,429 काउंटरफेइट मनी डिटेक्टर मशीनें स्थापित की जा चुकी हैं।
152 सीमावर्ती गांवों में 1,105 परियोजनाओं की अनुशंसा
सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। व्हाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत सीमावर्ती 152 गांवों में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 256.13 करोड़ रुपये की लागत से 1,105 परियोजनाओं की अनुशंसा की गई है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने इन परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और सीमावर्ती गांवों में टेलीकॉम कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
24 घंटे सघन गश्त के निर्देश
मुख्य सचिव ने सीमा पर तैनात 194 SSB BOP और 70 स्थानीय पुलिस थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया। उन्होंने सीमा क्षेत्र में 24 घंटे सघन गश्त और चौकसी सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी के खिलाफ पुलिस एवं उत्पाद विभाग को जीरो-टॉलरेंस नीति अपनाने और PIT-NDPS कानून का प्रभावी इस्तेमाल करने को कहा।
साइबर और वित्तीय अपराधों के खिलाफ संयुक्त अभियान
बैठक में जाली आधार, सिमबॉक्स फ्रॉड और शेल कंपनियों से जुड़े वित्तीय नेटवर्क पर भी कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने आर्थिक अपराध इकाई (EOU) और जिला पुलिस को ऐसे नेटवर्क के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाने को कहा। सभी बैंक शाखाओं, विशेष रूप से सहकारी बैंकों में फेक नोट डिटेक्शन मशीनों की 100 प्रतिशत कार्यशीलता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने व्हाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II के तहत स्वीकृत सभी 1,105 परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में संचार और टेलीकॉम सुविधाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया। सीमा सुरक्षा के साथ-साथ सीमावर्ती इलाकों के विकास और बेहतर कनेक्टिविटी को राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है।
Read more about: