Bihar Crime News : नेहा के बाद अब मीना कुमारी! राजधानी एक्सप्रेस के AC-2 कोच में बैठी थी युवती, बैग खुला तो निकला 7 लाख का गांजा

Published on 14 सित॰ 2026

गया : बिहार में हाल के दिनों में महिला तस्करों और मादक पदार्थों से जुड़े मामलों ने पुलिस की चिंता बढ़ाई है। समस्तीपुर के चर्चित नेहा झा शराबकांड के बाद अब गया जंक्शन से सामने आया एक और मामला चर्चा में है। यहां रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने एक युवती को कथित तौर पर गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। युवती की पहचान मीना कुमारी के रूप में बताई जा रही है।

जानकारी के मुताबिक, मीना कुमारी भुवनेश्वर-तेजस राजधानी एक्सप्रेस के AC-2 टियर कोच में सफर कर रही थी। ट्रेन के गया जंक्शन पहुंचने के बाद आरपीएफ की टीम ने जांच के दौरान उसे संदिग्ध परिस्थितियों में पकड़ा। इसके बाद उसके पास मौजूद बैग की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान बैग से गांजा बरामद होने की बात सामने आई है।

बताया जा रहा है कि बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 7 लाख रुपये है। इतनी बड़ी मात्रा में गांजा बरामद होने के बाद आरपीएफ ने मीना कुमारी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। अब जांच का सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर यह गांजा उसके पास पहुंचा कैसे और इसे लेकर वह कहां जा रही थी?

AC-2 कोच में सफर, बैग में लाखों का गांजा!

गया जंक्शन पर हुई कार्रवाई ने रेलवे के जरिए मादक पदार्थों की कथित तस्करी को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि युवती राजधानी एक्सप्रेस के AC-2 टियर कोच में सफर कर रही थी। ऐसे में जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या वह अकेले ही गांजा लेकर यात्रा कर रही थी या फिर इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था।

आरपीएफ की पूछताछ में गांजे के स्रोत और संभावित गंतव्य को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि मीना कुमारी के संपर्क में कौन-कौन लोग थे और क्या इससे पहले भी इस तरह की कोई खेप रेलवे के माध्यम से भेजी गई थी। हालांकि, अभी तक जांच के स्तर पर ऐसी किसी बात की पुष्टि नहीं हुई है कि इस मामले में कोई बड़ा तस्करी गिरोह सीधे तौर पर शामिल है। इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

नेहा झा शराबकांड के बाद फिर महिला तस्करी पर सवाल

इस मामले को लेकर बिहार में एक बार फिर यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या तस्कर अब महिलाओं को भी अपने नेटवर्क में इस्तेमाल कर रहे हैं। हाल ही में नेहा झा शराबकांड को लेकर बिहार में काफी चर्चा हुई थी, जिसमें एक युवती के शराब से जुड़े मामले ने कई सवाल खड़े किए थे। उसी पृष्ठभूमि में गया जंक्शन से सामने आया मीना कुमारी का मामला लोगों का ध्यान खींच रहा है।

हालांकि, मीना कुमारी और नेहा झा के मामलों के बीच किसी सीधे संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। दोनों घटनाएं अलग-अलग हैं और इनके बीच कोई कनेक्शन होने की बात फिलहाल जांच एजेंसियों की ओर से सामने नहीं आई है। लेकिन दोनों मामलों में एक समान चर्चा यह जरूर है कि महिला के जरिए प्रतिबंधित पदार्थों की आवाजाही किस तरह की जा रही है और इसके पीछे असली नेटवर्क कौन है।

कहां से आया गांजा, किसे देना था?

आरपीएफ के सामने अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल गांजे की सप्लाई चेन को लेकर है। यदि बरामद खेप की कीमत करीब 7 लाख रुपये आंकी गई है, तो जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश करेंगी कि इसे किसने मीना कुमारी तक पहुंचाया था और ट्रेन में किस जगह से इसे लोड किया गया।

इसके अलावा यह भी पता लगाया जाएगा कि क्या युवती को किसी खास व्यक्ति तक यह खेप पहुंचानी थी। मोबाइल फोन, यात्रा संबंधी जानकारी और संपर्कों की जांच से मामले में आगे की कड़ियां जुड़ने की उम्मीद है। फिलहाल आरपीएफ ने मीना कुमारी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। बरामद गांजे की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह मामला केवल एक युवती द्वारा गांजा ले जाने तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है।

रिपोर्ट: नितम् राज