Bhind Sahayak Sachiv Kidnap: भिंड में 5 लाख के लेनदेन विवाद में सहायक सचिव का अपहरण, 13 घंटे बंधक बनाकर पीटा, FIR दर्ज

Published on 6 अग॰ 2026

Bhind Sahayak Sachiv Kidnap: मध्य प्रदेश के भिंड जिले में 5 लाख रुपये के लेनदेन के विवाद ने सनसनीखेज मोड़ ले लिया। बदमाशों ने एक सहकारी संस्था के सहायक सचिव का कथित तौर पर अपहरण कर करीब 13 घंटे तक बंधक बनाए रखा। इस दौरान उन्हें दबोह और आलमपुर क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर घुमाया गया और बेसबॉल बैट, प्लास्टिक पाइप, लात-घूंसों व थप्पड़ों से बेरहमी से पीटा गया।

मारपीट के दौरान पीड़ित बेहोश हो गए। होश में आने पर आरोपियों ने पिस्टल दिखाकर जान से मारने की धमकी दी और उनसे तीन चेक, पांच कोरे कागज तथा 200-200 रुपये के दो स्टाम्प पेपर पर जबरन हस्ताक्षर करा लिए। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने चार नामजद समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

5 लाख के लेनदेन से शुरू हुआ पूरा विवाद

लहार थाना पुलिस के अनुसार, फरियादी विनोद सिंह राजावत (43) बगियापुरा के निवासी हैं और मछंड सेवा सहकारी संस्था में सहायक सचिव के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि ग्राम रुरई निवासी अजीत सिंह चौहान के साथ पिछले करीब एक वर्ष से पैसों का लेनदेन चल रहा था।

विनोद के मुताबिक, करीब एक सप्ताह पहले अजीत सिंह ने उन्हें 5 लाख रुपये नकद लौटाए थे। मंगलवार सुबह अजीत ने शेष हिसाब-किताब करने और अपने पिता से मुलाकात कराने के बहाने उन्हें लहार बुलाया।

घर पहुंचते ही शुरू हुई मारपीट

विनोद अपनी कार से लहार के लिए निकले और रास्ते में बंथरी निवासी अभिनंदन सिंह को भी साथ ले लिया। आरोप है कि जैसे ही वे अजीत सिंह के घर पहुंचे, वहां पहले से मौजूद पवन गुप्ता और वीर प्रताप सिंह उर्फ वीरू ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद आरोपी उन्हें उनकी ही कार में बैठाकर वहां से ले गए।

दबोह और आलमपुर में घुमाकर की बेरहमी से पिटाई

पीड़ित का आरोप है कि कार में अजीत सिंह ड्राइविंग सीट पर बैठा था, जबकि अन्य आरोपी भी वाहन में मौजूद थे। पूरे रास्ते बेसबॉल बैट, प्लास्टिक पाइप, लात-घूंसों और थप्पड़ों से उनकी लगातार पिटाई की गई। हमले में उनके हाथ, पैर, पीठ, सिर और शरीर के कई हिस्सों पर गंभीर चोटें आईं।

बेहोशी के बाद पिस्टल की नोक पर कराए हस्ताक्षर

मारपीट के दौरान विनोद आलमपुर पहुंचने से पहले ही बेहोश हो गए। होश आने पर आरोपियों ने पिस्टल दिखाकर जान से मारने की धमकी दी और उनसे तीन चेक, पांच खाली कागज तथा दो स्टाम्प पेपर पर जबरन हस्ताक्षर करा लिए। साथ ही घटना की जानकारी किसी को देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी।

रात 11 बजे परिजन पहुंचे, तब मिली राहत

पीड़ित के अनुसार, शाम को शैलेष उपाध्याय आलमपुर पहुंचे, जिसके बाद वे लहार लौटने लगे। आरोप है कि मिहोना पार करते ही अजीत सिंह, वीरू और दो अन्य लोगों ने एक बार फिर उनके साथ मारपीट की। रात करीब 11 बजे परिजन मौके पर पहुंचे, जिसके बाद वे आरोपियों के चंगुल से मुक्त हो सके।

मेडिकल में चोटों की पुष्टि, पुलिस ने दर्ज किया केस

बुधवार सुबह पुलिस ने विनोद सिंह का मेडिकल परीक्षण कराया। रिपोर्ट में शरीर के कई हिस्सों पर चोट, लाल-नीले निशान और दाहिने हाथ में सूजन की पुष्टि हुई है।

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