'मनन मिश्रा जी, खतरे की घंटी बज रही'; BCI अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग पर सीजेपी का तंज

Published on 22 अग॰ 2026

Aug 22, 2026 04:56 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

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सौरव दास ने मनन मिश्रा पर वित्तीय फैसलों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि BCI के भीतर से ही उनके नेतृत्व पर सवाल उठना गंभीर संकेत है। दास ने मिश्रा पर तंज कसते हुए कहा, 'मनन मिश्रा जी, खतरे की घंटियां बज रही हैं।'

CJP Saurav Das digs Manan Mishra ji alarms are ringing as BCI Co-Chair resignation demand

मनन मिश्रा और सौरव दास।

बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा के इस्तीफे की मांग और तेज हो गई है। BCI के सह-अध्यक्ष और सीनियर वकील वाईआर सदाशिव रेड्डी ने मिश्रा के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि वकीलों के संगठन को इससे बेहतर नेतृत्व मिलना चाहिए। उनके इस रुख का कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने स्वागत किया है। सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने शुक्रवार को कहा कि मनन मिश्रा के इस्तीफे की मांग तेज होती जा रही है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि अब BCI के सह-अध्यक्ष ने भी मिश्रा से इस्तीफा देने को कहा है और इसके पीछे वकीलों के हित का हवाला दिया है।

सौरव दास ने मनन मिश्रा पर वित्तीय फैसलों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि BCI के भीतर से ही उनके नेतृत्व पर सवाल उठना गंभीर संकेत है। दास ने मिश्रा पर तंज कसते हुए कहा, 'मनन मिश्रा जी, खतरे की घंटियां बज रही हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि लीगल कॉकरोच जवाबदेही सुनिश्चित करेंगे। CJP की यह टिप्पणी उस विवाद के बीच आई है, जिसमें संगठन ने वकीलों के लिए लीगल कॉकरोच शब्द का इस्तेमाल किया था। इसके जवाब में BCI अध्यक्ष मनन मिश्रा ने CJP को चेतावनी देते हुए कहा कि आगे से वकीलों के लिए इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। वकील समाज का सम्मानित और बेहद बुद्धिमान वर्ग हैं।

मनन मिश्रा के कार्यकाल को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

इस बीच मनन मिश्रा के BCI अध्यक्ष के रूप में कार्यकाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी कानूनी चुनौती दी गई है। वकील योगमाया एमजी की ओर से दायर याचिका में दावा किया गया कि मिश्रा का लंबे समय तक लगातार अध्यक्ष पद पर बने रहना BCI के नियमों के तहत नहीं है। याचिका में BCI नियमों के नियम 12(2) का हवाला देते हुए कहा गया कि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का कार्यकाल 2 वर्ष का होता है या सदस्यता समाप्त होने तक, जो भी पहले हो। याचिकाकर्ता का तर्क है कि किसी प्रशासनिक नोटिफिकेशन के जरिए नियमों में निर्धारित अवधि से आगे कार्यकाल नहीं बढ़ाया जा सकता।

याचिका में अप्रैल 2025 की उस राजपत्र अधिसूचना को भी चुनौती दी गई है, जिसके जरिए मनन मिश्रा का कार्यकाल 2030 तक बढ़ाया गया है। याचिका के अनुसार मिश्रा का BCI अध्यक्ष के रूप में कार्यकाल 2012 से जुड़ा है। हालांकि उन्होंने 2014 में कुछ समय के लिए पद छोड़ा था, लेकिन उसी साल नवंबर में दोबारा अध्यक्ष बने और इसके बाद लगातार पद पर बने रहे। मार्च 2025 में वह एक बार फिर निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए। याचिकाकर्ता ने इसे उनका लगातार सातवां कार्यकाल बताया है।