बीसीसीआई ने आयु धोखाधड़ी के चलते भारत के अंडर-19 स्पिनर रोहित यादव को 2 साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। सीएबी ने भी 64 अन्य खिलाड़ियों पर कार्रवाई की है।
बीसीसीआई ने आयु धोखाधड़ी के चलते भारत के अंडर-19 स्पिनर रोहित यादव को 2 साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया है।
- Published: 04 Sep 2026, 02:20 PM IST
- Last Updated: 04 Sep 2026, 02:20 PM IST
BCCI Action: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने आयु धोखाधड़ी (Age Fraud) के एक बड़े मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए भारत की अंडर-19 टीम के लेग स्पिनर रोहित यादव पर दो साल का प्रतिबंध लगा दिया है। बता दें कि रोहित यादव हाल ही में जुलाई के महीने में भारतीय अंडर-19 टीम के श्रीलंका दौरे पर गए दल का हिस्सा रहे थे। इस खुलासे के बाद से क्रिकेट गलियारों में हड़कंप मच गया है।
यह पूरा मामला तब सामने आया जब क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) ने अपने खिलाड़ियों के लिए एक प्री-सीजन डॉक्यूमेंटेशन ड्राइव (दस्तावेजी अभियान) का आयोजन किया। सितंबर के आखिर में भारत की अंडर-19 टीम को पांच एकदिवसीय और तीन मल्टी-डे (बहुदिवसीय) मैचों के लिए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलना था, लेकिन इस खुलासे के बाद रोहित यादव को आगामी मैचों के लिए चुनी गई स्क्वाड से बाहर कर दिया गया है।
घरेलू क्रिकेट में बंगाल का प्रतिनिधित्व करने वाले रोहित यादव को लेकर सीएबी (CAB) ने बताया कि उनकी उम्र में 27 महीने की विसंगति पाई गई है। यह बैन तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है, और बीसीसीआई से जुड़ी सभी राज्य इकाइयों को भी इस कड़े फैसले की आधिकारिक सूचना दे दी गई है।
रवि कुमार समेत बंगाल के 64 अन्य खिलाड़ियों पर भी शिकंजा
सिर्फ रोहित यादव ही नहीं, बल्कि सीएबी ने आयु से जुड़ी गड़बड़ी के मामले में 64 अन्य खिलाड़ियों पर भी कड़ा प्रतिबंध लगाया है। इस लंबी फेहरिस्त में सबसे चर्चित नाम बाएं हाथ के तेज गेंदबाज रवि कुमार का है। रवि कुमार साल 2022 में अंडर-19 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रह चुके हैं। उसी साल उन्होंने बंगाल के लिए सीनियर टीम में भी डेब्यू किया था, हालांकि उन्होंने अपना आखिरी मैच 2023 में खेला था।
इस बैन के हिस्से के रूप में, उनके डेब्यू से लेकर 2025-26 सीजन तक के सभी रिकॉर्ड्स को अमान्य (अस्वीकृत) घोषित कर दिया गया है। 'क्रिकइन्फो' की रिपोर्ट के अनुसार, रवि कुमार की उम्र में 40 महीने तक की भारी गड़बड़ी पाई गई है।
आयु धोखाधड़ी के खिलाफ बीसीसीआई का सख्त रुख
गौरतलब है कि पिछले कई सालों से बीसीसीआई घरेलू क्रिकेट में लगातार बढ़ रहे आयु धोखाधड़ी के मामलों पर लगाम कसने के लिए कड़े कदम उठा रहा है। इस दिशा में साल 2020 में बोर्ड ने एक आम माफी योजना (Amnesty Scheme) का प्रस्ताव रखा था, जिसके तहत सजा के कुछ नियम तय किए गए थे।
इस योजना के तहत खिलाड़ियों को यह छूट दी गई थी कि वे अपनी उम्र से जुड़ी गड़बड़ियों की खुद रिपोर्ट करके निलंबन से बच सकते थे। हालांकि, ऐसा न करने पर और पकड़े जाने की स्थिति में खिलाड़ियों पर सख्त बैन लगाने का प्रावधान रखा गया है।
इसके अलावा, आयु सत्यापन की मौजूदा प्रक्रिया के तहत अब अंडर-19 खिलाड़ियों के लिए अपने जन्म प्रमाण पत्र के साथ-साथ अधिक से अधिक शैक्षणिक दस्तावेज जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है।