Bangladesh News: यूनिवर्सिटी में गोमांस पकाने पर विवाद, नोटिस के विरोध में छात्रों ने गाय काटकर दावत का किया ऐलान

Published on 17 अक्टू॰ 2026

बांग्लादेश की जगन्नाथ यूनिवर्सिटी में गोमांस पकाने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब गाय काटकर दावत आयोजित करने के ऐलान तक पहुंच गया है। 12 अक्टूबर को यूनिवर्सिटी के केंद्रीय मंदिर के पास गोमांस की खिचड़ी बनाने पर कुछ हिंदू छात्रों ने विरोध जताया था। इसके बाद 14 अक्टूबर को प्रशासन ने कैंपस में पशु वध से बचने की अपील करते हुए नोटिस जारी किया।

इस नोटिस के विरोध में मुस्लिम छात्रों के एक समूह ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर को गाय काटकर दावत आयोजित करने की घोषणा की। विवाद बढ़ने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने दूसरा नोटिस जारी कर स्पष्ट किया कि छात्रों को कार्यक्रम आयोजित करने का अधिकार है, लेकिन किसी भी आयोजन से दूसरों की धार्मिक गतिविधियों में बाधा नहीं आनी चाहिए।

मंदिर के पास गोमांस की खिचड़ी बनाने से शुरू हुआ विवाद

12 अक्टूबर को जगन्नाथ यूनिवर्सिटी के इस्लामिक हिस्ट्री एंड कल्चर विभाग के 17वें बैच के छात्रों ने कैंपस में गोमांस की खिचड़ी बनाने का कार्यक्रम रखा था। आयोजन केंद्रीय मंदिर के नजदीक किया जा रहा था, जिस पर कुछ हिंदू छात्रों ने आपत्ति जताई।

मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्य सचिव जॉय साहा ने BBC बांग्ला को बताया कि छात्रों के विरोध के बाद यूनिवर्सिटी के प्रॉक्टर ने हस्तक्षेप किया। इसके बाद खाना बनाने की जगह मंदिर से कुछ दूरी पर कर दी गई।

आयोजकों ने कहा कि उनका किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था। उन्होंने मंदिर के पास रखी ईंटों को वापस रख दिया और खाना बनाने के लिए कैंटीन से लोहे का चूल्हा मंगवाया।

जॉय साहा के मुताबिक, मंदिर समिति की मुख्य आपत्ति ईंटों के इस्तेमाल से ज्यादा मंदिर के इतने करीब खाना बनाने को लेकर थी। घटना के बाद सनातनी छात्रों ने कैंपस में मार्च निकाला। इसके बाद सोशल मीडिया पर भी विवाद बढ़ गया।

प्रशासन ने जारी किया पशु वध से बचने का नोटिस

विवाद के दो दिन बाद, 14 अक्टूबर को यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कैंपस में पशु काटने से बचने की अपील की। नोटिस में सार्वजनिक स्वास्थ्य, साफ-सफाई और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का हवाला दिया गया था।

इसमें ढाका साउथ सिटी कॉर्पोरेशन के नियमों का भी उल्लेख किया गया। बांग्लादेश के पशु वध और मांस गुणवत्ता नियंत्रण कानून, 2011 के तहत निर्धारित बूचड़खानों के बाहर पशु काटने पर कानूनी प्रतिबंध लागू होते हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर जेल या जुर्माने का प्रावधान हो सकता है।

यूनिवर्सिटी के प्रॉक्टर डॉ. एमडी आजम खान ने BBC बांग्ला को बताया कि प्रशासन को कैंपस में पशु वध की योजना की जानकारी मिली थी। दुर्गा पूजा के दौरान किसी नए विवाद से बचने के लिए छात्रों से ऐसा न करने की अपील की गई थी।

नोटिस के विरोध में गाय काटकर दावत का ऐलान

प्रशासन के नोटिस से नाराज छात्रों के एक समूह ने शुक्रवार को गाय काटकर दावत आयोजित करने की घोषणा कर दी। आयोजन समिति के एक सदस्य ने नाम न छापने की शर्त पर BBC बांग्ला को बताया कि छात्र पहले दुर्गा पूजा के बाद कार्यक्रम करने की योजना बना रहे थे। लेकिन नोटिस जारी होने के बाद उन्होंने आयोजन 16 अक्टूबर को ही करने का फैसला किया।

आयोजकों के मुताबिक, कार्यक्रम के लिए चंदा जुटाकर एक गाय खरीदी गई है। सोशल मीडिया पर इसमें शामिल होने के लिए 70 टका की रजिस्ट्रेशन फीस भी रखी गई।

छात्रों ने यह भी कहा कि गाय काटने का कार्यक्रम मंदिर के सामने करने के बजाय आर्ट्स बिल्डिंग के पास खुले मैदान में आयोजित किया जा सकता है।

दूसरे नोटिस में प्रशासन ने स्पष्ट किया अपना रुख

छात्रों के विरोध के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने दूसरा नोटिस जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट की। इसमें कहा गया कि 12 अक्टूबर को खिचड़ी बनाने को लेकर हुआ विवाद प्रॉक्टर के हस्तक्षेप से उसी दिन सुलझ गया था। अगले दिन संबंधित पक्षों के बीच बातचीत से भी मामला निपटा लिया गया था।

प्रशासन ने बताया कि पशु वध से बचने की अपील का उद्देश्य धार्मिक तनाव को बढ़ने से रोकना था। हालांकि, नोटिस से गलतफहमी पैदा हुई, जिसके लिए प्रशासन ने खेद जताया।

दूसरे नोटिस में कहा गया कि छात्रों को कैंपस में पशु वध सहित कार्यक्रम आयोजित करने का अधिकार है। लेकिन किसी भी आयोजन से दूसरे लोगों की धार्मिक गतिविधियों में बाधा नहीं पड़नी चाहिए।

जगन्नाथ यूनिवर्सिटी केंद्रीय छात्र संघ के महासचिव अब्दुल अलीम आरिफ ने BBC बांग्ला को बताया कि इस मुद्दे पर छात्र संघ और प्रशासन के बीच बैठक हुई है। उनके अनुसार, दोनों पक्ष कार्यक्रम आयोजित करने पर सहमत हुए हैं। आरिफ इस्लामी छात्र शिबिर के नेता भी हैं, जो जमात-ए-इस्लामी से जुड़ा छात्र संगठन है।

मंदिर समिति की मांग- धार्मिक गतिविधियों में बाधा न हो

केंद्रीय मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्य सचिव जॉय साहा ने कहा कि समिति को कैंपस में गाय काटे जाने से आपत्ति नहीं है, लेकिन ऐसा आयोजन मंदिर के सामने नहीं होना चाहिए। साथ ही, इससे मंदिर की धार्मिक गतिविधियां प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

प्रॉक्टर डॉ. एमडी आजम खान ने भी छात्रों से संयमित तरीके से कार्यक्रम आयोजित करने की अपील की, ताकि धार्मिक भावनाओं को लेकर कोई नया विवाद पैदा न हो।