बैरागीवाला में खेत में पानी छोड़ने को लेकर हुए खूनी संघर्ष और विनोद कुमार की हत्या के मामले में देहरादून पुलिस ने फरार आरोपी यूनुस को हरिद्वार से दबोच लिया है। पुलिस इस मामले में पहले ही मुख्य आरोपी समेत 9 लोगों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है।
देहरादून, 5 अगस्त 2026 (दून हॉराइज़न)।
Bairagiwala Murder Case : देहरादून पुलिस ने सहसपुर थाना क्षेत्र के बैरागीवाला हत्याकांड में फरार चल रहे एक और आरोपी को धर दबोचा है। एसएसपी के निर्देश पर गठित टीम ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मुखबिर की सटीक सूचना पर आरोपी यूनुस को हरिद्वार के बुग्गावाला क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी 4 अगस्त 2026 को की गई।
पकड़ा गया आरोपी यूनुस स्वर्गीय महबूब का बेटा है और वह मूल रूप से बैरागीवाला का ही रहने वाला है। घटना के बाद से ही वह पुलिस की पकड़ से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। पुलिस की अलग-अलग टीमें उसके सभी संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही थीं।
यह पूरा मामला 13 जून 2026 की शाम का है। सहसपुर कोतवाली क्षेत्र के बैरागीवाला गांव में खेत में पानी छोड़ने को लेकर दो पक्षों के बीच अचानक विवाद गहरा गया था। यह विवाद इतना बढ़ा कि एक पक्ष के 30 से 40 लोगों ने दूसरे पक्ष पर जानलेवा हमला कर दिया।
इस हिंसक हमले में भगवत प्रसाद के तीन बेटों अशोक कुमार, विनोद कुमार और राजेश कुमार को बुरी तरह पीटा गया। लाठी-डंडों से हुए इस हमले में तीनों भाई गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े।
ग्रामीणों ने आनन-फानन में तीनों घायलों को इलाज के लिए लेहमन अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में गंभीर रूप से घायल विनोद कुमार ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि दोनों पक्षों के बीच खेत के पानी को लेकर पिछले दो-तीन दिनों से लगातार बहस हो रही थी। दोनों परिवारों के बीच पहले से भी आपसी रंजिश चल रही थी।
मृतक विनोद के भाई अशोक कुमार की तहरीर पर सहसपुर कोतवाली में हत्या और बलवा समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103, 109, 191(2) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है।
इस मामले में पुलिस पहले ही मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेज चुकी है। यूनुस की गिरफ्तारी से पहले कुल 9 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी थी।
जेल भेजे गए आरोपियों में 28 वर्षीय रज्जाक, 22 वर्षीय जावेद और 24 वर्षीय अमन शामिल हैं, जो मासूम के बेटे हैं। आरोपी यूनुस के दो बेटों 24 वर्षीय सलमान और आजम को भी पुलिस पहले ही पकड़ चुकी है।
इनके साथ ही 27 वर्षीय शहबाज, 32 वर्षीय इन्तजार और 21 वर्षीय सावेज को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था। लखनवाला निवासी 58 वर्षीय इम्तियाज को भी पुलिस ने इस खूनी संघर्ष में शामिल होने के आरोप में दबोचा था।
मामले में प्रकाश में आए अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस की सुरागरसी और पतारसी का काम जारी है। फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने अपने मुखबिर तंत्र को पूरी तरह सक्रिय रखा हुआ है।
यूनुस को पकड़ने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक अशोक कुमार और हेड कांस्टेबल त्रेपन सिंह शामिल रहे। उनके साथ सिपाही बृजपाल सिंह, कुलदीप और एसओजी देहात के जितेंद्र कुमार ने भी इस गिरफ्तारी में अहम भूमिका निभाई।