Ayushman Card होने के बाद भी अस्पताल ने इलाज से किया मना और मांगे पैसे तो तुरंत फोन उठाएं… ऐसे करें शिकायत

Published on 26 अग॰ 2026

आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद अगर अस्पताल इलाज से मना करता है या पैसे मांगता है, तो शिकायत दर्ज की जा सकती है। जानें क्या है ऑनलाइन शिकायत करने का तरीका।

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Hospital Denied Ayushman Card Asked for Money Here is How to Complain

आयुष्मान कार्ड देश के करोड़ों लोगों के लिए इलाज के खर्च का बोझ कम करने वाली अहम सरकारी स्वास्थ्य सुविधा है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) के तहत पात्र लाभार्थियों को लिस्टेड हॉस्पिटल में योजना के दायरे में आने वाला इलाज कैशलेस तरीके से लेने की सुविधा दी जाती है। लेकिन कई बार लोगों को अस्पताल में पहुंचने के बाद समस्या का सामना करना पड़ता है। अस्पताल आयुष्मान कार्ड स्वीकार नहीं करता, इलाज देने से मना कर देता है या योजना के तहत कवर होने वाली सेवा के लिए पैसे मांगता है। ऐसे में मरीज या उसके परिवार को चुप बैठने की जरूरत नहीं है।

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आयुष्मान कार्ड होने पर अस्पताल इलाज से मना करे तो क्या करें?

सबसे पहले अस्पताल में मौजूद Ayushman Mitra या संबंधित कर्मचारी से बात करें। अगर समस्या वहीं हल नहीं होती और अस्पताल इलाज देने से इनकार करता है, योजना के तहत आने वाले इलाज के लिए पैसे मांगता है या सेवा को लेकर कोई गंभीर शिकायत है, तो आप PM-JAY में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। NHA के आधिकारिक दिशानिर्देशों के मुताबिक beneficiary शिकायतें हेल्पलाइन, ऑनलाइन पोर्टल और संबंधित अधिकारियों के माध्यम से दर्ज करा सकता है।

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14555 पर फोन करके करें शिकायत

Ayushman Bharat PM-JAY का टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14555 है। NHA के अनुसार इस नंबर का इस्तेमाल योजना से जुड़ी जानकारी और शिकायतों के लिए किया जा सकता है। फोन करते समय अपनी समस्या साफ-साफ बताएं। उदाहरण के लिए कहें कि आपके पास Ayushman card है, आप किस अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे, अस्पताल ने किस बात से इनकार किया और क्या आपसे पैसे मांगे गए। शिकायत दर्ज करने के लिए अस्पताल का नाम, मरीज की जानकारी और घटना से जुड़ी जरूरी जानकारी अपने पास रखें। जितनी साफ जानकारी देंगे, उतना ही शिकायत को सही जगह भेजने में मदद मिलेगी।

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ऑनलाइन शिकायत भी कर सकते हैं

फोन के अलावा Ayushman Bharat PM-JAY के Central Grievance Redressal Management System (CGRMS) के जरिए ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है। ऑनलाइन शिकायत करते समय आपको अपनी समस्या से जुड़ी जानकारी भरनी होती है। इसमें अस्पताल का नाम और शिकायत की डिटेल देना उपयोगी रहेगा। अगर आपके पास इलाज से जुड़े दस्तावेज, बिल या दूसरे सबूत हैं, तो उन्हें संभालकर रखना भी बेहतर है।

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शिकायत दर्ज होने के बाद क्या मिलेगा

शिकायत दर्ज होने के बाद grievance system में उसका रिकॉर्ड बनाया जाता है। NHA के अनुसार grievance system शिकायत को एक Unique Grievance Number (UGN) देता है और इसकी जानकारी SMS के जरिए भी भेजी जा सकती है। इस नंबर को संभालकर रखें। आगे शिकायत से जुड़ी जानकारी लेते समय यह आपके काम आएगा। यानी शिकायत करने के बाद सिर्फ फोन काट देना ही आखिरी कदम नहीं है। आपके पास शिकायत का नंबर होना जरूरी है, ताकि जरूरत पड़ने पर उसी शिकायत के बारे में जानकारी ली जा सके।

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शिकायत करते समय ये जानकारी तैयार रखें

शिकायत करने से पहले कुछ जरूरी जानकारी अपने पास रखने से प्रक्रिया आसान हो सकती है। जैसे मरीज का नाम, Ayushman card/beneficiary से जुड़ी जानकारी, अस्पताल का नाम, इलाज की तारीख और अस्पताल में सामने आई समस्या। अगर अस्पताल ने पैसे मांगे हैं तो कितनी रकम मांगी गई, किस सेवा के लिए मांगी गई और क्या कोई बिल या रसीद दी गई यह जानकारी भी शिकायत में बताना उपयोगी रहेगा। अगर इलाज से मना किया गया है तो अस्पताल का नाम और यह भी बताएं कि कौन-सी सेवा या इलाज लेने के लिए गए थे।

Ayushman Card kaam ki baat

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