Ankit Baliyan Murder: वायरल पोस्ट से लेकर आखिरी फोन कॉल तक, पुलिस के हाथ लगे अहम सुराग!

Published on 27 अग॰ 2026

हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड में वायरल पोस्ट ने नया सवाल खड़ा कर दिया है। हत्या से पहले आई कॉल, कथित हॉटटॉक, हत्या से पहले के वीडियो, वायरल गाने, CCTV और हरियाणा कनेक्शन की जांच में पुलिस अब किस राज तक पहुंचने की कोशिश कर रही है?

शामली: हरियाणवी गायक और यूट्यूबर अंकित बालियान की हत्या के बाद अब जांच सिर्फ हमलावरों की पहचान तक सीमित नहीं है। पुलिस सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पोस्ट में भोलू शाहपुरिया नाम के शख्स ने अंकित बालियान की हत्या की जिम्मेदारी, हत्या से पहले हुई फोन पर बहस, CCTV फुटेज और हरियाणा कनेक्शन समेत कई पहलुओं को खंगाल रही है। हालांकि, वायरल पोस्ट की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस ने भी इसे हत्या की वजह के तौर पर आधिकारिक रूप से स्वीकार नहीं किया है।

वायरल पोस्ट ने बढ़ाया सस्पेंस, क्या गाने को लेकर था विवाद?

हत्या के बाद सोशल मीडिया पर भोलू शाहपुरिया नाम के एक व्यक्ति की कथित पोस्ट वायरल हुई। इसमें अंकित पर दुश्मनों से मिलने और गैंग लीडर से जुड़ी घटना पर गाना बनाने का आरोप लगाते हुए हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया है। पोस्ट में आगे भी कार्रवाई की धमकी जैसी बातें लिखी होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, इस वायरल पोस्ट की पुष्टि asianet news हिंदी भी नहीं करता है। ऐसे में पुलिस के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि पोस्ट वास्तव में किसने की, क्या इसका हत्याकांड से कोई संबंध है और क्या यह हत्या की जिम्मेदारी लेने का वास्तविक दावा है या जांच को भटकाने की कोशिश?

Scroll to load tweet…

हत्या से पहले आई कॉल ने खोले जांच के नए रास्ते

मामले में सबसे अहम सुरागों में से एक वह फोन कॉल बताई जा रही है, जो हत्या से कुछ समय पहले अंकित के जिम में मौजूद रहने के दौरान आई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक फोन पर बातचीत के दौरान अंकित की कॉल करने वाले से कथित तौर पर हॉटटॉक भी हुई। इसके कुछ ही देर बाद अंकित जिम से बाहर निकले। वह अपनी स्कॉर्पियो में बैठने की तैयारी कर रहे थे, तभी पहले से बाहर मौजूद बाइक सवार हमलावरों ने उन पर गोलियां चला दीं। यही घटनाक्रम अब जांचकर्ताओं के लिए अहम बन गया है। कॉल किसकी थी, बातचीत में क्या हुआ और क्या उस बातचीत का हमले से कोई संबंध था? पुलिस इन सवालों के जवाब तलाश रही है।

हमलावर पहले से थे घात में?

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमलावर जिम के बाहर पहले से मौजूद थे। बताया जा रहा है कि हमलावर दो मोटरसाइकिलों पर आए थे और अंकित के बाहर निकलने का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही अंकित अपनी कार में बैठने लगे, हमलावरों ने गाड़ी का दरवाजा खोलकर उन पर फायरिंग शुरू कर दी। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। इस घटनाक्रम ने पुलिस के सामने एक और सवाल खड़ा किया है-क्या अंकित की गतिविधियों की पहले से रेकी की गई थी?

सपनों का 'रील लाइफ' री-क्रिएशन: रील का खौफनाक रियल सच

अंकित बालियान की हत्या ने उनके ही ब्लॉकबस्टर हरियाणवी हिट गाने 'भरी कोर्ट में गोली मारेंगे मेरी जान' की याद दिला दी है। जिस गन-कल्चर और रफ-एंड-टफ मिजाज को उन्होंने अपने संगीत और म्यूजिक वीडियोज में पेश किया था, वही हिंसा उनके असल जीवन का दुखद अंत बन गई। हत्या की खबर फैलते ही बंटीखेड़ा गांव के सैकड़ों ग्रामीणों और समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित भीड़ ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शव को सड़क पर रखकर दिल्ली-मुजफ्फरनगर हाईवे पर चक्का जाम कर दिया और हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।

Scroll to load tweet…

घटनास्थल से मिले खोखे, CCTV और तकनीकी जांच तेज

पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कारतूस के खोखे बरामद किए हैं। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इसके अलावा पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के जरिए हमलावरों की आवाजाही और उनकी पहचान का पता लगाने की कोशिश कर रही है। पुलिस अधीक्षक एम.पी. सिंह के अनुसार, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गई हैं और मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच में शामली के साथ-साथ हरियाणा के बदमाशों का संभावित कनेक्शन भी खंगाला जा रहा है।

Scroll to load tweet…

पुरानी रंजिश या पंचायत चुनाव कनेक्शन?

हत्या की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। हालांकि पुलिस ने जांच का दायरा कई संभावित एंगल तक बढ़ाया है। इनमें पुरानी रंजिश और आगामी पंचायत चुनावों से संभावित संबंध भी शामिल है। बालियान सिर्फ संगीत से जुड़े कलाकार नहीं थे। वह स्थानीय स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर पॉडकास्ट तथा व्लॉगिंग भी करते थे। हत्याकांड के पीछे चुनावी प्रतिद्वंद्विता से भी जुड़ती दिख रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, अंकित बालियान आगामी जिला पंचायत चुनाव में वार्ड प्रत्याशी के रूप में उतरने की पुरजोर तैयारी कर रहे थे। स्थानीय राजनीति में उनकी बढ़ती लोकप्रियता और जनसंपर्क अभियान ने उनके विरोधियों में खलबली मचा रखी थी। पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या उनकी राजनीतिक बढ़त और चुनावी दावेदारी की वजह से ही विरोधियों ने उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश रची।

Scroll to load tweet…

2023 का मुकदमा भी जांच में शामिल

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक जुलाई 2023 में शामली के लिलौन बाईपास पर अंकित के स्वागत समारोह के बाद निकाले गए जुलूस को लेकर उनके समेत 14 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। आरोप था कि कार्यक्रम के लिए प्रशासनिक अनुमति नहीं ली गई थी और रोड शो के दौरान नियमों का उल्लंघन हुआ था। हालांकि, इस पुराने मुकदमे को हत्या से जोड़ना अभी जल्दबाजी होगी। पुलिस फिलहाल सभी संभावित कड़ियों की जांच कर रही है।

Scroll to load tweet…

लाखों की डिजिटल फैन फॉलोइंग, अब हर सुराग पर नजर

अंकित बालियान सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय थे। उनके YouTube चैनल पर 3.66 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर बताए जाते हैं। उनके कई म्यूजिक वीडियो में हथियार, SUV और दबंग अंदाज नजर आता था। अब उनकी हत्या के बाद पुलिस की जांच का फोकस सिर्फ वायरल पोस्ट तक सीमित नहीं है। फोन कॉल, CCTV, घटनास्थल से मिले फोरेंसिक सबूत, हमलावरों की गतिविधियां और संभावित हरियाणा कनेक्शन-इन सभी कड़ियों को जोड़ने की कोशिश हो रही है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वायरल पोस्ट हत्या की असली वजह की ओर इशारा कर रही है, या फिर हत्याकांड के पीछे कोई ऐसी कहानी है जिसका खुलासा पुलिस की अगली जांच में होगा?