Anger Control: आपको भी बात-बात पर आता है गुस्सा? इन असरदार तरीकों से करें कंट्रोल| Navbharat Live

Published on 23 जुल॰ 2026

Updated On: Jul 23, 2026 | 08:28 AM IST

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सार

Anger Management: गुस्सा आना सामान्य है, लेकिन अगर छोटी-छोटी बातों पर बार-बार गुस्सा आने लगे और उस पर काबू न रहे, तो यह मानसिक, शारीरिक और सामाजिक जीवन पर नकारात्मक असर डाल सकता है।

Anger control tips how to manage anger naturally in hindi

गुस्सा (फोटो.सोशल मीडिया)

विस्तार

Anger Control Tips: प्यार, खुशी, रोना, हंसना की तरह ही गुस्सा होना भी एक स्वाभाविक भावना है, लेकिन जब यह बार-बार और बिना किसी कंट्रोल के होने लगे, तो यह समस्या बन जाती है।

इसका असर न सिर्फ रिश्तों पर बल्कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। यदि समय रहते गुस्से को संभालना सीख लिया जाए तो तनाव कम होता है और निर्णय लेने की क्षमता भी बेहतर होती है।

गुस्सा आने पर तुरंत क्या करें?

अगर आपको महसूस हो कि आपका गुस्सा बढ़ रहा है, तो रिएक्ट करने से पहले कुछ सेकंड के लिए रुक जाएं। तुरंत प्रतिक्रिया देने की बजाय 10 तक गिनें और गहरी सांस लें। इससे दिमाग को शांत होने का समय मिलता है और आक्रोश में आकर गलत प्रतिक्रिया देने से बच जाते हैं।

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अपनी बात शांत तरीके से रखें

गुस्सा शांत होने के बाद अपनी बात स्पष्ट और सम्मानजनक तरीके से कहें। चिल्लाने या अपशब्दों का इस्तेमाल करने से समस्या और बढ़ सकती है। अपनी भावनाओं को बिना किसी पर हमला किए व्यक्त करना बेहतर तरीका माना जाता है।

गुस्से की वजह को जानें

हर बार गुस्सा आने के पीछे कोई न कोई कारण होता है, जैसे तनाव, थकान, निराशा या गलतफहमी। अगर आप अपने ट्रिगर्स को पहचान लेंगे, तो भविष्य में उन परिस्थितियों को बेहतर तरीके से संभाल पाएंगे। आपको आभास होगा कि कहां आपको रूकना है।

नियमित व्यायाम कर सकता है मदद

रोजाना वॉक, योग, स्ट्रेचिंग या कोई भी शारीरिक गतिविधि तनाव कम करने में मदद करती है। तनाव कम होने से गुस्सा भी कम आता है। गुस्सा हमारे भीतर की ही किसी दबी हुई भावना की प्रतिक्रिया होती है। एक्सरसाइज से शरीर में ऐसे हॉर्मोन निकलते हैं, जो मूड बेहतर बनाते हैं और गुस्से की तीव्रता को कम कर सकते हैं।

माफ करना सीखें

हर छोटी बात को दिल से लगाने की आदत गुस्से को बढ़ा सकती है। दूसरों की गलतियों को समझने और माफ करने की कोशिश करने से मानसिक शांति बनी रहती है और रिश्ते भी मजबूत होते हैं। माफ करने से आपके खुद का बोझ हल्का होता है और आप मानसिक शांति पाते हैं।

पर्याप्त नींद और संतुलित दिनचर्या रखें

कम नींद, अत्यधिक काम का दबाव और लगातार तनाव भी चिड़चिड़ापन बढ़ा सकते हैं। रोज 7–8 घंटे की नींद, संतुलित आहार, प्रणायाम और नियमित दिनचर्या अपनाने से आपका आपके इमोशन पर बेहतर कंट्रोल होता है।

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कब लें विशेषज्ञ की मदद?

अगर गुस्से की वजह से बार-बार रिश्ते खराब हो रहे हों, काम प्रभावित हो रहा हो या आपका व्यवहार हिंसक हो रहा है, तो मनोवैज्ञानिक या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है। सही काउंसलिंग और थेरेपी से एंगर मैनेजमेंट किया जा सकता है।

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