अमेजन इंडिया ने भारतीय रेलवे के साथ साझेदारी बढ़ाई है। वह वेस्टर्न DFC पर माल ढुलाई करने वाली पहली ई-कॉमर्स कंपनी बनी है। इससे दिल्ली-मुंबई जैसे शहरों में त्योहारों के दौरान तेज, विश्वसनीय और पर्यावरण-अनुकूल डिलीवरी सुनिश्चित होगी।
नई दिल्ली: त्योहारों का सीजन शुरू हो चुका है और ऐसे में ग्राहकों तक तेजी से और टिकाऊ तरीके से सामान पहुंचाने के लिए ई-कॉमर्स दिग्गज 'अमेजन इंडिया' ने भारतीय रेलवे के साथ अपनी पार्टनरशिप को और मजबूत कर लिया है। कंपनी ने आधिकारिक तौर पर ऐलान किया है कि वह 'डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड' (DFCCIL) के सहयोग से वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (Western DFC) पर अपने माल ढुलाई के काम को बड़े पैमाने पर बढ़ाएगी।
देश की पहली ई-कॉमर्स कंपनी
इस कदम के साथ, अमेजन भारतीय रेलवे की इस लाइन पर नई शुरू की गई 'जॉइंट पार्सल प्रोडक्ट-रैपिड कार्गो सर्विस' (JPR-RCS) ट्रेन का इस्तेमाल करने वाली देश की पहली ई-कॉमर्स कंपनी बन गई है। इससे दिल्ली, अहमदाबाद और सूरत के रास्ते मुंबई, पुणे और गोवा तक बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। कंपनी अब सड़क परिवहन पर अपनी निर्भरता कम करेगी और पर्यावरण के लिए बेहतर रेल नेटवर्क का इस्तेमाल करेगी, जिसमें रोजाना 10 से ज्यादा पार्सल वैन का उपयोग होगा।
100 से ज्यादा शहरों में सप्लाई
साल 2019 में सिर्फ एक ट्रेन से शुरुआत करने के बाद, आज अमेजन 130 रूट्स पर 140 से ज्यादा ट्रेनों के जरिए 100 से ज्यादा शहरों में सामान पहुंचा रही है। इस खास मालगाड़ी को न्यू दादरी रेलवे स्टेशन पर रेलवे बोर्ड के सदस्य (ऑपरेशन और बिजनेस डेवलपमेंट) डॉ. मनोज सिंह और अमेजन इंडिया के ऑपरेशंस डायरेक्टर किशोर लंका ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह डेली ट्रेन सर्विस उत्तर और पश्चिम भारत में सामान की ढुलाई को नई रफ्तार देगी, जिससे दिवाली जैसे आने वाले बड़े त्योहारों में ग्राहकों के ऑर्डर जल्दी पहुंचाए जा सकेंगे।
अमेजन इंडिया के डायरेक्टर किशोर लंका ने कहा, 'हम केंद्र सरकार के 'विकसित भारत, विकसित रेल' विजन के साथ जुड़कर भारतीय रेलवे के साथ काम करने को लेकर बहुत खुश हैं। इस डेडिकेटेड फ्रेट इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल करने से न सिर्फ ट्रांसपोर्ट का खर्च कम होगा, बल्कि हम ग्राहकों को तेज, भरोसेमंद और पर्यावरण के अनुकूल सर्विस दे पाएंगे।'
24 घंटे में 350 से 400 टन माल ढुलाई की व्यवस्था
रेलवे बोर्ड के सदस्य डॉ. मनोज सिंह ने बताया, 'DFC नेटवर्क में रात भर में सामान एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने की क्षमता है। यह सिस्टम 24 घंटे में 350 से 400 टन माल ढो सकता है, जो न केवल बड़ी कंपनियों के लिए बल्कि छोटे और मझोले कारोबारियों के लिए भी एक वरदान साबित होगा।'
उत्तर प्रदेश के न्यू दादरी से मुंबई के पास जेएनपीटी तक लगभग 1,504 किलोमीटर तक फैला यह वेस्टर्न DFC कॉरिडोर, देश के बंदरगाहों और औद्योगिक इलाकों को जोड़ता है, जिससे लॉजिस्टिक्स की लागत में काफी कमी लाने में मदद मिल रही है।