धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से AISF में खुशी की लहर: बेगूसराय के हड़ताली चौक पर मनाया जश्न, अब दर्ज FIR वापस लेने-मुआवजे की मांग - Begusarai News

Published on 25 जुल॰ 2026

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आते ही देशभर के आंदोलनकारी छात्रों और छात्र संगठनों में भारी उत्साह और जश्न का माहौल है। ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन (AISF) के कार्यकर्ताओं ने बेगूसराय जिला मुख्यालय स्थित हड़ताली चौक पर

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इस दौरान कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को लाल गुलाल लगाया, आतिशबाजी की और मिठाइयां बांटकर इसे छात्रों और युवाओं के लंबे संघर्ष की ऐतिहासिक विजय बताया। चौराहे पर घंटों तक इंकलाबी नारों, पटाखों की गूंज और ढोल-नगाड़ों के साथ छात्रों का प्रदर्शन और जश्न चलता रहा।

जो हिटलर की चाल चलेगा, वह हिटलर की मौत मरेगा

मौके पर मौजूद AISF के राष्ट्रीय सचिव अमीन हमजा ने भी कार्यकर्ताओं के साथ जश्न मनाया। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को मोदी सरकार की सबसे बड़ी विफलता और छात्रों के संघर्ष का प्रतिफल बताया। उन्होंने कहा कि हमारा सीधा और स्पष्ट नारा रहा है जो हिटलर की चाल चलेगा, वह हिटलर की मौत मरेगा।

जब से धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा मंत्री बने थे, तब से तमाम तरह की प्रतियोगी परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर धांधली और भ्रष्टाचार हो रहा था। NEET जैसी देश की सबसे प्रतिष्ठित और महत्वपूर्ण परीक्षाओं में सेटिंग-गेटिंग के आधार पर पर्चे लीक किए जा रहे थे। सरकार इस पर लंबे समय तक चुप्पी साधे रही, लेकिन दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर कोलकाता, ओडिशा और बिहार तक छात्रों ने जो एकता और संघर्ष दिखाया, उसने सरकार को मजबूर कर दिया।

एफआईआर वापस ले, पीड़ितों को मिले मुआवजा

उन्होंने कहा कि आंदोलन तब तक पूरी तरह समाप्त नहीं होगा, जब तक छात्रों पर हुए अन्याय का हिसाब नहीं मिल जाता है। आंदोलन के दौरान बेगूसराय, बिहार और देश के अन्य हिस्सों में जिन सैकड़ों निर्दोष छात्रों और युवा कार्यकर्ताओं पर राजनीतिक दुर्भावना से एफआईआर दर्ज की गई है, उन्हें बिना शर्त वापस लिया जाए।

पत्रकारों से बात करते अमीन हमजा।

पत्रकारों से बात करते अमीन हमजा।

अमीन हमजा ने कहा कि राज्य सरकार, केंद्रीय गृह मंत्रालय और स्थानीय प्रशासन छात्रों पर दर्ज मुकदमे जल्द रद्द नहीं करता है, तो फिर बड़े आंदोलन की शुरुआत होगी। प्रदर्शनों और पुलिस कार्रवाई के दौरान जितने भी छात्र घायल हुए हैं या जिन छात्रों की जान गई है, उनके परिजनों को सरकार की ओर से तत्काल उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए। जिससे की उनके परिवार वाले संभाल सकें और उनके भाई-बहन आगे पढ़ाई कर सकें।

जिलाध्यक्ष अमरेश कुमार ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हम जैसे युवाओं और छात्रों के लिए अत्यंत खुशी का क्षण है। देश जल रहा था, प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली हो रही थी, छात्र सड़कों पर उतर आए थे। लेकिन सरकार गहरी नींद में सोई हुई थी। आज जब देश का छात्र-नौजवान एकजुट हुआ, तब सरकार को घुटने टेकने पड़े और धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा।

जब-जब इस देश का छात्र और नौजवान जागता है, तब-तब सत्ता और देश की नींव हिल जाती है। NEET परीक्षा में धांधली कर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया, पूरे देश को आंदोलित कर दिया था। यह जीत साबित करती है कि जनविरोधी और छात्र विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष कभी व्यर्थ नहीं जाता।

उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि जो भी नेता या मंत्री छात्रों के भविष्य के साथ ऐसा 'कुकृत्य' या भ्रष्टाचार करेंगे, उन्हें तुरंत बर्खास्त या निष्कासित किया जाना चाहिए। अन्यथा छात्र आंदोलन और उग्र रूप लेगा। मौके पर राष्ट्रीय परिषद सदस्य कैसर रेहान, विपीन कुमार, अंकित सिंह माया, श्याम कुमार, शाहरूख इकबाल, सोनू कुमार, सन्नी कुमार एवं जगन्नाथ सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।