मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ AI मिशन, डेटा सेंटर पार्क, स्टार्टअप प्रोत्साहन और डिजिटल गवर्नेंस के जरिए देश का अग्रणी AI राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
AI आधारित विकास की दिशा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (AI-Generated Image)
- Published: 21 Jul 2026, 05:08 PM IST
- Last Updated: 21 Jul 2026, 05:14 PM IST
रायपुर। छत्तीसगढ़ अब केवल खनिज संसाधनों वाले राज्य की पहचान तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि एआई (Artificial Intelligence) के क्षेत्र में देश का अग्रणी डिजिटल राज्य बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने ऐसा व्यापक AI विजन तैयार किया है, जिसमें युवाओं के कौशल विकास, उच्च तकनीकी रोजगार, स्टार्टअप इकोसिस्टम, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और सुशासन को एक साथ जोड़कर भविष्य की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव रखी जा रही है।
एआई और डिजिटल सुशासन को नई गति
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की समीक्षा बैठक में प्रदेश में एआई आधारित सुशासन, कौशल विकास, रोजगार सृजन, स्टार्टअप इकोसिस्टम और डिजिटल नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और प्रशासन में एआई के प्रभावी उपयोग से नागरिकों को बेहतर, तेज़ और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ ही मोबाइल नेटवर्क विस्तार, भारतनेट फेज-3, सेवा सेतु, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, डेटा लैब्स सहित विभिन्न डिजिटल परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए।

स्कूल शिक्षा में AI की शुरुआत
भविष्य की पीढ़ी को नई तकनीकों के अनुरूप तैयार करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने Google India के साथ समझौता कर AI सक्षम शिक्षा अभियान शुरू किया है। इस पहल के पहले चरण में रायपुर संभाग के 200 से अधिक सरकारी शिक्षकों को Google for Education Tools के माध्यम से AI आधारित शिक्षण तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे आधुनिक तकनीक की मदद से विद्यार्थियों को बेहतर और भविष्य उन्मुख शिक्षा प्रदान कर सकें।
मुख्यमंत्री IT Fellowship
राज्य सरकार ने IIIT नवा रायपुर के सहयोग से मुख्यमंत्री IT Fellowship की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम के तहत चार बैचों में कुल 100 प्रतिभाशाली स्थानीय छात्रों का चयन किया जा रहा है। चयनित विद्यार्थियों को AI एवं डेटा साइंस में M.Tech की पढ़ाई कराई जा रही है, जिसके लिए सरकार उन्हें प्रतिमाह ₹50,000 का स्टाइपेंड, 100 प्रतिशत ट्यूशन फीस माफी और राज्य सरकार की लाइव परियोजनाओं पर काम करने का अवसर उपलब्ध करा रही है। इससे विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के साथ-साथ उद्योग और प्रशासन दोनों क्षेत्रों का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त होगा।
AI और Data Science में करियर का सुनहरा अवसर!
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के युवाओं को अत्याधुनिक तकनीकी शिक्षा और नवाचार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल।
भविष्य की तकनीक सीखिए, नवाचार का हिस्सा बनिए और अपने सपनों को नई उड़ान दीजिए।… pic.twitter.com/fFOf4IzhN5
— CMO Chhattisgarh (@ChhattisgarhCMO) July 1, 2026
स्टार्टअप इकोसिस्टम को मिल रहा बड़ा वित्तीय सहयोग
राज्य सरकार ने वर्ष 2030 तक 5,000 से अधिक स्टार्टअप विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए 100 करोड़ रुपये का Startup Capital Fund स्थापित किया गया है। नई स्टार्टअप नीति के तहत IT और AI क्षेत्र में निवेश करने वाली कंपनियों को 50 प्रतिशत तक की फिक्स्ड कैपिटल सब्सिडी (अधिकतम ₹450 करोड़), अनुसंधान एवं विकास उपकरणों की खरीद पर 20 प्रतिशत तक (अधिकतम ₹3 करोड़) की सब्सिडी तथा शत-प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी छूट प्रदान की जा रही है। इसके अलावा, जो स्टार्टअप राज्य के स्थानीय युवाओं के लिए 10 या उससे अधिक तकनीकी रोजगार सृजित करेंगे, उन्हें ₹10 लाख तक का वित्तीय प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। इन प्रयासों का उद्देश्य राज्य में नवाचार, निवेश और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है।
AI Data Center Park दे रहा नई औद्योगिक पहचान
नवा रायपुर अटल नगर में लगभग 13.5 एकड़ क्षेत्र में एक हजार करोड़ रुपये के प्रारंभिक निवेश से देश का पहला समर्पित AI Data Center Park विकसित किया जा रहा है। यह अत्याधुनिक डेटा सेंटर पार्क 100,000 से अधिक हाई-परफॉर्मेंस GPU और 80 मेगावाट की शुरुआती पावर क्षमता से लैस होगा, जिससे बड़े AI और Generative AI मॉडल्स की ट्रेनिंग तथा हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग को बढ़ावा मिलेगा। परियोजना के पूर्ण रूप से शुरू होने पर राज्य में लगभग 2,000 प्रत्यक्ष उच्च तकनीकी रोजगार सृजित होने की संभावना है, जिससे छत्तीसगढ़ AI उद्योग के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर सकेगा।

AI आधारित सुशासन
मुख्यमंत्री साय सरकार प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए AI का व्यापक उपयोग कर रही है। इसी दिशा में ई-प्रगति पारस (Project Assessment Review and Analysis System) नामक AI आधारित प्लेटफॉर्म लागू किया गया है, जिसके माध्यम से सरकारी परियोजनाओं और कल्याणकारी योजनाओं की रियल-टाइम निगरानी की जा रही है। यह प्रणाली फाइलों की प्रगति पर नजर रखने के साथ कार्यों में देरी होने पर स्वतः जवाबदेही तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
सेवा सेतु पोर्टल से नागरिक सेवाएं हो रही आसान
राज्य सरकार ने Seva Setu Portal को AI आधारित सुविधाओं से अपग्रेड किया है, जिससे नागरिक सेवाओं को अधिक सरल, तेज और पारदर्शी बनाया जा सके। पोर्टल पर QR आधारित प्रमाणपत्र सत्यापन, DigiLocker इंटीग्रेशन और AI आधारित डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) जैसी सुविधाएं जोड़ी गई हैं। इससे नागरिकों को सरकारी सेवाओं के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और अधिकांश प्रक्रियाएं ऑनलाइन एवं पारदर्शी तरीके से पूरी हो सकेंगी।

कृषि और स्वास्थ्य सेवाओं में AI का विस्तार
राज्य सरकार कृषि और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी AI तकनीक का प्रभावी उपयोग कर रही है। कृषि क्षेत्र में मौसम के सूक्ष्म पूर्वानुमान और Soil Health Card के आंकड़ों का विश्लेषण कर किसानों को बुआई से लेकर फसल प्रबंधन तक वैज्ञानिक सलाह दी जा रही है, जिससे उत्पादन बढ़ाने और लागत कम करने में मदद मिल रही है। वहीं स्वास्थ्य क्षेत्र में विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ इलाकों में AI आधारित पोर्टेबल डायग्नोस्टिक उपकरणों के माध्यम से गंभीर बीमारियों की शुरुआती पहचान और समय पर उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है।
Ease of Doing Business से बढ़ रहा निवेश
राज्य सरकार ने रिस्क-बेस्ड और ट्रस्ट-बेस्ड बिजनेस अप्रूवल सिस्टम लागू कर निवेश प्रक्रिया को अधिक सरल और पारदर्शी बनाया है। नई व्यवस्था के तहत AI और तकनीकी क्षेत्र की कंपनियों को स्व-घोषणा के आधार पर तेजी से आवश्यक अनुमतियां मिल सकेंगी, जिससे उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया आसान होगी। सरकार का मानना है कि इससे घरेलू और वैश्विक निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा, नए उद्योग स्थापित होंगे और राज्य में रोजगार के अवसरों का विस्तार होगा।
हमारा संकल्प है कि छत्तीसगढ़ उद्यम, निवेश और रोजगार के लिए देश का सबसे भरोसेमंद और आकर्षक राज्य बने।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में पारित ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक निवेश-अनुकूल वातावरण, उद्योगों के विस्तार और रोजगार के नए अवसरों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह पहल प्रक्रियाओं को… pic.twitter.com/Nq9CYDryEl
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) July 20, 2026
गांव-गांव तक पहुँच रहा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर
AI आधारित सेवाओं का लाभ राज्य के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सरकार डिजिटल कनेक्टिविटी को लगातार मजबूत कर रही है। BharatNet Phase-3 परियोजना के तहत 4,114 ग्राम पंचायतों तक हाई-स्पीड ऑप्टिकल फाइबर इंटरनेट पहुंचाने का कार्य अंतिम चरण में है। इसके साथ ही दूरस्थ वन क्षेत्रों और मोबाइल नेटवर्क से वंचित इलाकों में लगभग 5,000 नए मोबाइल टावर स्थापित किए जा रहे हैं। यह मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर भविष्य में AI आधारित ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई गति देगा।
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