August 10, 2026

न्यूज डेस्क: जम्मू-कश्मीर एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने कुपवाड़ा के लास्टियाल-कलारूस स्टील ब्रिज के निर्माण से जुड़े कथित गबन और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में 10 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। आरोपियों में नौ सरकारी कर्मचारी और एक निजी ठेकेदार शामिल हैं। ACB के मुताबिक, इस मामले में सरकारी खजाने को करीब 7.12 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
चार्जशीट सोमवार को बारामूला स्थित एंटी-करप्शन स्पेशल जज की अदालत में दाखिल की गई। आरोपियों पर सरकारी स्टोर की सामग्री का हिसाब न देने, सिक्योरिटी डिपॉजिट को कथित तौर पर गलत तरीके से जारी कराने, जालसाजी, पद के दुरुपयोग और आपराधिक साजिश जैसे आरोप लगाए गए हैं।
2010 में मिला था पुल निर्माण का ठेका
जांच के अनुसार, लास्टियाल-कलारूस स्टील ब्रिज का निर्माण सितंबर 2010 में निजी ठेकेदार गुलाम मोहि-उद-दीन लोन को सौंपा गया था। काम तीन महीने में पूरा किया जाना था। हालांकि, ठेकेदार ने काम काफी देरी से शुरू किया और प्रोजेक्ट का केवल एक हिस्सा पूरा करने के बाद काम छोड़ दिया। ACB की जांच में सामने आया कि पुल निर्माण के लिए सरकारी स्टोर से जारी सीमेंट, स्टील और अन्य सामग्री का पूरा हिसाब नहीं मिला। करीब 5.63 लाख रुपये की सामग्री वापस नहीं मिलने का आरोप है।
सिक्योरिटी डिपॉजिट जारी करने में भी अनियमितता
जांच एजेंसी के अनुसार, ठेकेदार की करीब 73 हजार रुपये की कॉन्ट्रैक्ट डिपॉजिट रिसिप्ट (CDR) को कथित तौर पर गलत तरीके से जारी कराकर भुनाया गया। इसके लिए विभागीय अधिकारी की ओर से जारी किए गए एक कथित फर्जी पत्र का इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा करीब 81,400 रुपये के बिल डिपॉजिट को जारी करने में भी अनियमितताएं सामने आईं, जबकि विभाग की कुछ देनदारियां अभी बाकी थीं।
ACB का आरोप है कि संबंधित अधिकारियों ने सरकारी सामग्री की सुरक्षा, ठेके की शर्तों को लागू कराने और ठेकेदार से बकाया राशि की वसूली में जरूरी कार्रवाई नहीं की। अधिकारियों और ठेकेदार की कथित मिलीभगत से सरकारी खजाने को कुल 7,12,150 रुपये का नुकसान हुआ।
इन 10 लोगों के खिलाफ दाखिल हुई चार्जशीट
ACB ने जिन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, उनमें PWD (R&B) डिवीजन, कुपवाड़ा के तत्कालीन अधिकारी-कर्मचारी और निजी ठेकेदार शामिल हैं। इनमें दो तत्कालीन एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, दो असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, एक जूनियर इंजीनियर, कैशियर/असिस्टेंट कैशियर और अकाउंट्स से जुड़े अधिकारी शामिल हैं।
आरोपियों में अब्दुल मजीद मलिक, गुलाम रसूल लोन, सेवानिवृत्त मोहम्मद सुल्तान शेख, सेवानिवृत्त इंजीनियर अजीत सिंह चोपड़ा, सेवानिवृत्त इंजीनियर नजीर अहमद शाह, सेवानिवृत्त इंजीनियर अब्दुल रशीद डार, इंजीनियर मंजूर अहमद सुमजी, सेवानिवृत्त गुलाम कादिर भट, अब्दुल हामिद डार और निजी ठेकेदार गुलाम मोहि-उद-दीन लोन शामिल हैं।
जांच के बाद दाखिल हुई चार्जशीट
ACB के मुताबिक, यह मामला तत्कालीन विजिलेंस ऑर्गनाइजेशन कश्मीर की ओपन वेरिफिकेशन से शुरू हुआ था। जांच के दौरान मौखिक, दस्तावेजी, वैज्ञानिक और अन्य साक्ष्य जुटाए गए। सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए जरूरी सक्षम मंजूरी भी प्राप्त की गई। सभी 10 आरोपियों को चार्जशीट के साथ बारामूला की विशेष अदालत में पेश किया गया। अदालत के निर्देश पर जरूरी जमानत और श्योरिटी बॉन्ड जमा करने के बाद सभी आरोपियों को जमानत दे दी गई। मामले की अगली सुनवाई 25 नवंबर 2026 को होगी।
📍 Location: Srinagar (Srinagar)