'केजरीवाल, ताहिर हुसैन के AAP लिंक और दिल्ली दंगों का जवाब दें', CM रेखा गुप्ता का सवाल, साजिश के वक्त कहां थे

Published on 14 जुल॰ 2026

Time Published: Tuesday, July 14, 2026, 18:23 [IST]

साल 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के जख्म एक बार फिर हरे हो गए हैं। आईबी (IB) अधिकारी अंकित शर्मा हत्या के मामले में 13 जुलाई को कड़कड़डूमा कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है। इस फैसले के आते ही दिल्ली की सियासत का पारा चढ़ गया है। इस मामले पर अब दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल पर हमला बोला है।

उन्होंने साफ कहा है कि इस पूरी साजिश के पीछे छिपे चेहरों को दिल्ली की जनता के सामने बेनकाब होना ही पड़ेगा। अदालत से ताहिर हुसैन को दोषी ठहराए जाने के बाद दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सीधे आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह और मनीष सिसोदिया पर हमला बोला।

Rekha Gupta on Tahir Hussai AAP

ताहिर हुसैन के दोषी पाए जाने पर क्या बोलीं CM रेखा गुप्ता?

रेखा गुप्ता ने कहा,

''ताहिर हुसैन दिल्ली और उसके लोगों के खिलाफ जुर्म का दोषी है, उसके कामों से हजारों लोगों को तकलीफ हुई और सैकड़ों जानें गईं। आम आदमी पार्टी के ताहिर हुसैन से लिंक और उसे मिली पॉलिटिकल मदद को देखते हुए, क्या अरविंद केजरीवाल और संजय सिंह जवाब देंगे कि उन्होंने दिल्ली में दंगे भड़काने के ऐसे और कितने काम करवाए हैं? उन दंगों के दौरान जो हुआ, उससे दिल्ली के लोगों को बहुत नुकसान हुआ। उस वक्त हुए नरसंहार, पथराव, तेजाब हमलों और नाले में फेंकी गई लाशों के दर्द को दिल्ली कभी नहीं भूलेगी।''

रेखा गुप्ता ने PTI को दिए इंटरव्यू में कहा,

''दिल्ली दंगों में पत्थरबाजी से लेकर हिंसा की घटनाओं ने राजधानी को झकझोर दिया। आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्या मारे गए, यहां तक कि उन पर एसिड फेंका गया और फिर उन्हें नालियों में फेंक दिया गया। ताहिर हुसैन को कोर्ट का सजा देना सच में उन लोगों को इंसाफ़ देना दिखाता है जिन्होंने उन कामों में अपनी जान गंवाई। ताहिर हुसैन, केजरीवाल, संजय सिंह, और मनीष सिसोदिया सभी दिल्ली के लोगों के प्रति पॉलिटिकल जिम्मेदारी लेते हैं। उस समय साजिश रची गई थी। दिल्ली के लोग उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे।''

कड़कड़डूमा कोर्ट के फैसले की अहम बातें

दिल्ली दंगे मामले की सुनवाई दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट में चल रही थी। 13 जुलाई को एडिशनल सेशंस जज परवीन सिंह ने इस मामले में अपना अंतिम फैसला सुनाया।

दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस लंबी कानूनी लड़ाई में अभियोजन पक्ष (प्रॉसीक्यूशन) की ओर से कुल 110 गवाह पेश किए गए थे। कोर्ट ने इनमें से 91 गवाहों के बयानों और पुख्ता सबूतों को परखा। कोर्ट ने ताहिर हुसैन के साथ नाजिम, कासिम, जावेद और अनस को गंभीर धाराओं में दोषी पाया है।

इन सभी आरोपियों को हत्या (धारा 302), दंगा भड़काने (धारा 149), घातक हथियारों से दंगा करने (धारा 148), दंगे की सजा (धारा 147), सरकारी आदेश की अवहेलना (धारा 188) और अपहरण (धारा 365) के तहत कसूरवार पाया गया है।

हालांकि कोर्ट ने ताहिर हुसैन को आपराधिक साजिश रचने के आरोप से बरी कर दिया है। इसी मामले में छह अन्य आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी भी किया गया है।