98% मांगें मानीं तो फिर क्यों नहीं थमा रांची का छात्र आंदोलन? CBI जांच पर फंसा पेच

Published on 10 अग॰ 2026

Jharkhand Student Protest: JPSC-JSSC में गड़बड़ी को लेकर झारखंड में छात्रों का आंदोलन जारी है. छात्र झारखड पब्लिक सर्विस कमीशन ( JPSC) की भर्ती परिक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में 25 जुलाई से आंदोलन कर रहे हैं. वहीं, 2 अगस्त से छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो भूख हड़ताल कर रहे है. छात्रों के प्रदर्शन के बीच JPSC के तीन सदस्यों का इस्तीफा हो गया. लेकिन इसके बाद भी छात्रों का आंदोलन जारी है. सरकार ने दावा किया है कि उन्होंने आंदोलनकारी छात्रों की 98 फीसदी मांगें मान ली गई हैं. 

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अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए है छात्र

सोमवार यानी कि आज छात्रों ने विधानसभा का घेराव करने का ऐलान किया है. वहीं, सरकार ने छात्रों से विधानसभा मार्च स्थगित करने की अपील की है. सरकार लगातार छात्रों का आंदोलन खत्म करने और देवेंद्र नाथ महतो का अनशन तुड़वाने की कोशिश कर रही है. इसी दौरान सरकार ने रविवार को छात्रों से छठे दौर की बातचीत भी की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला. सरकार ने कथित नियमितताओं की CBI जांच की मांग को छोड़कर आंदोलनकारी छात्रों की बाकी सभी मांगों को मान लिया है. वहीं, छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी सभी मांग पूरी नहीं हो जाती जब तक आंदोलन जारी रहेगा.

सरकार ने CBI जांच छोड़कर मानी सारी मांगें

छात्रों और सरकार के बीच रविवार के दिन छठे दौर की बातचीत हुई. बातचीत के बाद उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि सरकार ने छात्रों की 98 फीसदी मांगों की मान लिया हैं, लेकिन JSSC-CGL परीक्षा की CBI जांच मांग को मानने की स्थिति में नहीं है, क्योंकि यह परीक्षा को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में आयोजित किया गया था. छात्रों के साथ  हमारी सकारात्मक बातचीत हुई है. अब उन्हें तय करना है कि आंदोलन वापस लेना है या नहीं. वहीं, कुमार ने परीक्षा में गड़बड़ी से जुड़े मामले की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान करते हुए कहा कि ऐसे मामले में चार्जशीट 90 दिनों के भीतर दाखिल की जाएगी. सुदिव्य कुमार कुमार ने आगे कहा, 'परीक्षा में सुधार से जुड़े सुझाव देने के लिए IIT-ISM धनबाद, IIM रांची और XLRI जमशेदपुर के विशेषज्ञों को लेकर एक समिति भी बनाई जाएगी.'

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बड़ी संख्या में मार्च में पहुंच रहे छात्र

JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच की तरफ से 10 मार्च को विधानसभा मार्च का ऐलान किया है. मंच की ओर से सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया गया कि मार्च सुबह के समय 9 बजे से शुरू होगा, जो कि पुराना विधानसभा ग्राउंड से शुरू होकर नए विधानसभा ग्राउंड तक जाएगा. इस ऐलान के बाद से ही अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में छात्र रांची पहुंच रहे हैं. छात्र बस, ट्रेन और अन्य वाहनों के जरिए रांची पहुचं रहे हैं. छात्रों की इस मूवमेंट ने झारखंड प्रशासन की चिंता को बढ़ा दिया है. प्रशासन की तरफ से कोशिश की जा रही है कि कम से कम संख्या में छात्र रांची पहुंचें. छात्रों को रांची पहुंचने से रोकने के लिए रास्ते में जगह-जगह बसों और अन्य वाहनों की जांच की जा रही है. 

🚨 छात्रों से अपील 🚨

सुनो भाई लोग , डर ऐसा हो कि JSSC भी भंग हो जाए

📌 पुराना विधानसभा ग्राउंड से नया विधानसभा घेराव.. pic.twitter.com/Pcv7f8L2Nl

— JPSC JSSC REFORM MANCH (@JPSCreformanch) August 9, 2026

CBI जांच की मांग पर अड़े छात्र

छात्र नेता रवींद्र पासवान ने राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के बाद कहा कि हमारी ज्यादातर मांगों को मान लिया गया हैं, जिनमें से एक 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द किया जाना भी शामिल है. हालांकि छात्र नेता का कहना है कि जब तक CBI जांच की हमारी मांग को पूरा नहीं कर लिया जाता, जब तक हम कोई समझौत नहीं करेंगे. हम 10 अगस्त तक अपनी योजना के तहत झारखंड विधानसभा की ओर मार्च करेंगे. 

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JPSC के तीनों सदस्यों ने दिया इस्तीफा 

JPSC के तीनों सदस्यों ने रविवार को अपने पदों से इस्तीफा दे दिया. राजभवन की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, गवर्नर संतोष कुमार गंगवार ने अनिमा हंसदा, अजिता भट्टाचार्य,  और जमाल अहमद के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं.कथित अनियमितताओं की जांच कर रही CID ने पूछताछ के लिए इन तीनों को बुलाया था. अधिकारियों ने बताया कि JMM नेता सुप्रियो भट्टाचार्य की पत्नी अजिता भट्टाचार्य से 10 अगस्त को, अहमद से 12 अगस्त को और हंसदा से 14 अगस्त को पूछताछ की जाएगी. सितंबर 2021 में इन तीनों सदस्यों की नियुक्ति की गई थी. 

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