नेपाल के करनाली हाईवे पर सफर करना काफी मुश्किल है. कहीं सड़क बहुत संकरी है, तो कहीं तीखे मोड़ और गहरी खाई हैं. नेपाल के करनाली प्रांत में मौजूद यह हाईवे दूर-दराज के इलाकों को जोड़ता है. लेकिन यहां सड़क हादसों का खतरा भी बहुत ज्यादा है. करनाली प्रांत पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2014-15 से अब तक इस हाईवे पर हुए हादसों में 917 लोगों की मौत हो चुकी है. करनाली प्रांत में होने वाले कुल सड़क हादसों में करीब 56 फीसदी हादसे इसी हाईवे पर होते हैं.
इस सड़क पर सफर करने वाले लोगों को खराब रास्तों, खतरनाक मोड़ों और लैंडस्लाइड जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. बारिश के समय पहाड़ों से मिट्टी और पत्थर गिरने के कारण कई बार रास्ता बंद हो जाता है. इसके बावजूद स्थानीय लोगों के लिए यह सड़क बहुत जरूरी है, क्योंकि इसी रास्ते से वे अस्पताल, बाजार और दूसरे शहरों तक पहुंचते हैं.
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करनाली हाईवे का सुर्खेत से जुमला तक का मुख्य हिस्सा करीब 232 किलोमीटर लंबा है. यह सड़क सुर्खेत, दैलेख, कालिकोट और जुमला जैसे इलाकों को जोड़ती है. इस रास्ते से मुगु जैसे दूर-दराज के इलाकों तक पहुंचने में भी मदद मिलती है. पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए यह सड़क आने-जाने का एक जरूरी रास्ता है.
लेकिन सड़क की खराब हालत के कारण यहां सफर में काफी समय लगता है. रिपोर्ट के मुताबिक, जिस दूरी को तय करने में करीब 6 घंटे लगने चाहिए, उसे पूरा करने में कई बार 24 घंटे तक लग जाते हैं. सड़क के कई हिस्से इतने संकरे हैं कि दो गाड़ियों का एक साथ निकलना भी मुश्किल होता है.
सड़क की खराब हालत से बढ़ता है हादसों का खतरा
करनाली हाईवे पर हादसों की एक बड़ी वजह सड़क की खराब हालत है. कई जगह सड़क टूट चुकी है और उस पर गड्ढे हैं. इससे गाड़ी चलाना मुश्किल हो जाता है. सड़क की मरम्मत पर पैसा खर्च होने के बाद भी कई हिस्सों की हालत खराब बनी हुई है.
रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2019-20 में विश्व बैंक की मदद से सुर्खेत से जुमला तक सड़क की मरम्मत की गई थी. इस काम पर करीब 1 अरब नेपाली रुपये खर्च किए गए. इसके बावजूद बाद में सड़क पर बिछाई गई ऊपरी परत का करीब 80 फीसदी हिस्सा उखड़ गया. पिछले तीन वित्त वर्षों में हाईवे की मरम्मत पर करीब 67 करोड़ नेपाली रुपये खर्च किए गए.
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लैंडस्लाइड से बार-बार बंद होता है रास्ता
करनाली हाईवे पर बारिश के दौरान पहाड़ों से मिट्टी और पत्थर गिरने का खतरा बढ़ जाता है. इससे सड़क बंद हो जाती है और यात्रियों को परेशानी होती है. कई बार रास्ता खोलने के लिए बड़ी मशीनों की मदद लेनी पड़ती है सितंबर 2026 में भी लैंडस्लाइड के कारण हाईवे के कई हिस्सों पर गाड़ियों की आवाजाही रोकनी पड़ी थी. सड़क से मलबा हटाने के लिए मशीनें लगाई थीं. रास्ता खुलने के बाद भी दोबारा लैंडस्लाइड होने का खतरा बना रहता है.
One wrong move and……….that’s why it’s called Death Valley in Nepal. https://t.co/Nwfnpgij36
— Harsh Goenka (@hvgoenka) October 25, 2026
917 मौतों की वजह क्या है?
करनाली प्रांत पुलिस के मुताबिक, वित्त वर्ष 2014-15 से अब तक इस हाईवे पर हादसों में 917 लोगों की मौत हो चुकी है. पिछले तीन साल में ही 111 लोगों की जान गई और 309 लोग घायल हुए. पुलिस के मुताबिक, सड़क की खराब हालत, संकरे रास्ते, पुराने वाहन, गाड़ियों में ज्यादा लोगों को बैठाना और तेज रफ्तार हादसों की बड़ी वजहें हैं. कई मोड़ों पर सामने से आ रही गाड़ी को समय पर देख पाना भी मुश्किल होता है. ऐसे में छोटी सी गलती भी बड़े हादसे की वजह बन सकती है.
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सड़क को सुरक्षित बनाना क्यों जरूरी है?
करनाली हाईवे नेपाल के दूर-दराज के इलाकों को जोड़ता है. इसी रास्ते से लोग अस्पताल, बाजार और दूसरी जरूरी जगहों तक पहुंचते हैं. इसलिए इस सड़क को बंद रखना आसान नहीं है. लेकिन यहां हादसों को कम करने के लिए सड़क की समय पर मरम्मत, खतरनाक मोड़ों पर सुरक्षा के इंतजाम और सही ट्रैफिक संकेत जरूरी हैं. कुल मिलाकर, करनाली हाईवे पर संकरी सड़क, गहरी खाई और लैंडस्लाइड का खतरा सफर को मुश्किल बनाते हैं. यहां लोगों की जान बचाने के लिए सड़क की हालत सुधारने के साथ-साथ सुरक्षा के बेहतर इंतजाम करना भी जरूरी है.
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