899 करोड़ के बैंक फ्रॉड में ED की बड़ी कार्रवाई, 11 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल

Published on 7 अग॰ 2026

बैंक से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है. ED के बेंगलुरु जोनल ऑफिस ने 31 जुलाई 2026 को बेंगलुरु की प्रधान सिटी सिविल एवं सेशन कोर्ट में 11 आरोपियों और कंपनियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत (Prosecution Complaint) दाखिल की थी. मामला दीपक केबल (इंडिया) लिमिटेड (DCIL) से जुड़ा है.

आरोप है कि कंपनी के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर के. वेंकटेश्वरा राव और अन्य आरोपियों ने बैंकों से कर्ज लेने के लिए कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड और कारोबार को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया. इसके बाद फर्जी बिक्री और खरीद के लेन-देन के जरिए बैंक से मिले पैसों को इधर-उधर किया गया.

SBI को 899 करोड़ और PNB को 147 करोड़ का नुकसान

ED ने यह जांच CBI की ओर से दर्ज FIR के आधार पर शुरू की थी. SBI की शिकायत में आरोप लगाया गया था कि DCIL और उसके तत्कालीन MD व अन्य निदेशकों की गतिविधियों से बैंक को करीब 899.35 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ. इसमें ब्याज और कानूनी खर्च भी शामिल हैं.

इसके अलावा PNB ने भी CBI में शिकायत दर्ज कराई थी. इस मामले में करीब 147.93 करोड़ रुपए के सार्वजनिक धन को नुकसान पहुंचाने का आरोप है. इसके बाद इस मामले को भी ED की मनी लॉन्ड्रिंग जांच में शामिल किया गया.

बिना माल भेजे करोड़ों के लेन-देन का आरोप

जांच में ED को पता चला कि DCIL एल्युमिनियम कंडक्टर और बिजली ट्रांसमिशन से जुड़े कारोबार में थी. कंपनी ने बैंकों के कंसोर्टियम से कर्ज और क्रेडिट सुविधाएं बढ़वाईं. आरोप है कि इसके लिए कंपनी ने अपने रिकॉर्ड और वित्तीय आंकड़ों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया.

ED के मुताबिक, कंपनी ने कुछ संबंधित और दूसरी कंपनियों के साथ कथित तौर पर फर्जी बिक्री और खरीद के लेन-देन किए. इन सौदों में वास्तव में सामान की कोई आवाजाही नहीं हुई, लेकिन कागजों पर लेन-देन दिखाया गया.

जांच एजेंसी का आरोप है कि इस तरह हासिल किए गए अपराध से जुड़े पैसों को कंपनी के प्रमोटरों और निदेशकों के निजी खातों, संबंधित कंपनियों के खातों में भेजा गया. इसी पैसे से कई अचल संपत्तियां खरीदी गईं. इसके अलावा निजी इक्विटी निवेशकों के शेयर वापस खरीदने में भी रकम का इस्तेमाल किए जाने का आरोप है.

51.28 करोड़ की संपत्ति अटैच

ED ने इस मामले में करीब 51.28 करोड़ रुपए की संपत्तियां अस्थायी तौर पर अटैच की हैं. इनमें आरोपियों के नाम पर मौजूद अचल संपत्तियां शामिल हैं. यह कार्रवाई 30 जुलाई 2026 को जारी प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के तहत की गई है. हालांकि, इस अटैचमेंट की पुष्टि अभी PMLA की एडजुकेटिंग अथॉरिटी, नई दिल्ली के सामने लंबित है.

पहले से जेल में पूर्व MD

मामले में DCIL के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर के. वेंकटेश्वरा राव को ED ने 2 जून 2026 को PMLA के तहत गिरफ्तार किया था. वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं. ED ने इस मामले में कंपनियों और उनके पदाधिकारियों समेत कुल 11 आरोपियों को अभियोजन शिकायत में आरोपी बनाया है. एजेंसी ने कहा है कि मामले में आगे की जांच अभी जारी है.

जितेन्द्र कुमार शर्मा

जितेन्द्र कुमार शर्मा

साल 2002 से क्राइम और इन्वेस्टिगेशन रिपोर्टिंग का अनुभव। नवभारत टाइम्स, अमर उजाला, शाह टाइम्स के अलावा टीवी मीडिया में BAG Films के नामी शो सनसनी और रेड अलर्ट में काम किया। उसके बाद न्यूज 24, इंडिया टीवी में सेवाए दी और टीवी 9 भारतवर्ष के साथ सफर जारी है।

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