दुर्ग-भिलाई35 मिनट पहले
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दुर्ग जिले के भिलाई नगर थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का मामला सामने आया है। यहां एक स्कूल स्टाफ को साइबर ठग ने उनकी पत्नी की बीमा पॉलिसी का दूसरा प्रीमियम जमा करने के नाम पर अपने जाल में फंसा लिया। आरोपी ने पहले फोन पर पॉलिसी से जुड़ी जानकारी बताकर भरोसा जीता।
इसके बाद 1 लाख 7 हजार 455 रुपए का प्रीमियम जमा करने की बात कही और D2C कोड से करीब 18 हजार रुपए कम भुगतान होने का झांसा दिया। इसके बाद WhatsApp पर पेमेंट लिंक भेजकर पीड़ित से 89 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए।
मामले में सेक्टर-10 निवासी अनिल कुमार पी. (58) ने भिलाई नगर थाने में लिखित शिकायत दी है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने धारा 318(4) बीएनएस के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ऑफिस में आया फोन, खुद को बताया राहुल शर्मा
पीड़ित ने पुलिस को बताया कि 28 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 1:45 बजे वह डीपीएस स्कूल में अपने कार्यालय में थे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया। फोन करने वाले ने अपना नाम राहुल शर्मा बताया।
उसने अनिल की पत्नी के नाम से चल रही मैक्स लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी की जानकारी दी। आरोपी ने कहा कि पॉलिसी का दूसरा प्रीमियम पेंडिंग है और इसके लिए 1 लाख 7 हजार 455 रुपए जमा करने होंगे। पॉलिसी से संबंधित जानकारी आरोपी को पता होने के कारण अनिल को उस पर भरोसा हो गया।
18 हजार रुपए कम भुगतान का दिया लालच
इसके बाद आरोपी ने ठगी का अगला जाल बिछाया। उसने कहा कि यदि अनिल D2C कोड के जरिए भुगतान करते हैं तो उन्हें करीब 18 हजार रुपए कम देने होंगे।
आरोपी ने कहा कि वह कुछ देर के लिए एक जेन्युइन लिंक उपलब्ध कराएगा, जिसके जरिए भुगतान किया जा सकेगा। इसके बाद WhatsApp पर एक अन्य मोबाइल नंबर से मैक्स लाइफ इंश्योरेंस के नाम से पेमेंट लिंक भेजा गया।
लिंक खोलने के बाद खाते में भेजे 89 हजार
शिकायत के मुताबिक, फोन करने वाला आरोपी अनिल को जिस तरह भुगतान की प्रक्रिया बताता गया, वह उसी तरह करते गए। लिंक खोलकर पॉलिसी नंबर दर्ज किया गया। इसके बाद आरोपी ने एक बैंक खाता नंबर बताया और उसे मैक्स लाइफ इंश्योरेंस कंपनी का बैंक खाता बताया।
पीड़ित के मुताबिक, खाते में कंपनी का नाम सत्यापित होने के बाद उन्होंने अपने Google Pay के जरिए 89 हजार रुपए बताए गए खाते में ट्रांसफर कर दिए। भुगतान के बाद उनके WhatsApp पर पेमेंट की रिसीविंग भी भेजी गई। रसीद मिलने के बाद अनिल को लगा कि उनकी पत्नी की बीमा पॉलिसी का प्रीमियम सफलतापूर्वक जमा हो गया है।
दो दिन तक अपडेट नहीं हुई पॉलिसी
पैसे ट्रांसफर करने के बाद जब करीब दो दिन तक पॉलिसी का ऑनलाइन रिकॉर्ड अपडेट नहीं हुआ, तो अनिल को संदेह हुआ। उन्होंने भुगतान से संबंधित जानकारी की जांच की, तब उन्हें अपने साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी होने का पता चला।
इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत साइबर सेल भिलाई भट्ठी में दर्ज कराई। शिकायत का एकनॉलेजमेंट नंबर भी प्राप्त हुआ। साथ ही उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक में भी ऑनलाइन ठगी की शिकायत दर्ज कराई।
मोबाइल नंबर और बैंक खाते की जांच
पीड़ित की शिकायत पर भिलाई नगर पुलिस ने संबंधित मोबाइल नंबरों और बैंक खाते की जानकारी के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की डिटेल, बैंक खाते और कॉल के जरिए संपर्क करने वाले व्यक्ति की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि 89 हजार रुपए किस खाते में पहुंचे और इस रकम को आगे किन खातों में ट्रांसफर किया गया। साथ ही ठगी में इस्तेमाल मोबाइल नंबरों और WhatsApp अकाउंट की भी जांच की जा रही है। पुलिस की जांच के बाद ही इस साइबर ठगी में शामिल आरोपियों और पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकेगा।
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