बलरामपुर में 81 लाख के गेहूं गबन की जांच, PCF प्रबंधक का तबादला; सुल्तानपुर भेजे गए

Published on 7 अक्टू॰ 2026

बलरामपुर में करीब 81 लाख रुपये मूल्य के गेहूं के कथित गबन के मामले की जांच के बीच पीसीएफ यानी प्रादेशिक कोऑपरेटिव फेडरेशन के प्रबंधक का तबादला कर दिया गया है। उन्हें बलरामपुर से सुल्तानपुर भेजा गया है। गेहूं की खरीद और भंडारण से जुड़े इस मामले में जांच पहले से चल रही है। प्रबंधक के स्थानांतरण के बाद सहकारिता और खाद्य विभाग से जुड़े अधिकारियों में भी हलचल बढ़ गई है।

मामले में गेहूं की मात्रा और उससे जुड़े रिकॉर्ड में कथित अनियमितताओं की जांच की जा रही है। अधिकारियों की ओर से दस्तावेजों और संबंधित रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि गेहूं की कमी कैसे हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

जानकारी के मुताबिक, मामले में करीब 81 लाख रुपये मूल्य के गेहूं के गबन का आरोप सामने आया है। गेहूं की खरीद, उठान, भंडारण और वितरण से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। जांच में स्टॉक रजिस्टर और मौके पर उपलब्ध गेहूं की मात्रा का मिलान भी किया जा सकता है।

यदि रिकॉर्ड और भौतिक सत्यापन में अंतर मिलता है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जा सकती है। फिलहाल जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

PCF प्रबंधक का तबादला

मामले की जांच के बीच PCF प्रबंधक का स्थानांतरण किया गया है। उन्हें बलरामपुर से सुल्तानपुर भेजा गया है। तबादले को लेकर विभागीय स्तर पर अलग-अलग चर्चाएं हैं, हालांकि स्थानांतरण का आधिकारिक कारण क्या दर्ज किया गया है, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

प्रबंधक के तबादले के बाद अब बलरामपुर में संबंधित विभागीय कार्यों की जिम्मेदारी दूसरे अधिकारी को दी जाएगी। जांच प्रक्रिया को प्रभावित न होने देने के लिए रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच जारी रखी जाएगी।

रिकॉर्ड और स्टॉक की हो रही जांच

गेहूं से जुड़े मामले में जांच टीम खरीद केंद्रों, गोदामों और संबंधित रिकॉर्ड की पड़ताल कर सकती है। गेहूं की वास्तविक उपलब्धता और सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज स्टॉक का मिलान महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

जांच के दौरान गेहूं की खरीद के दस्तावेज, परिवहन से जुड़े रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर और वितरण से संबंधित कागजात देखे जा सकते हैं। इसके अलावा संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों से भी जानकारी ली जा सकती है।

जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी

मामले में अंतिम रूप से जिम्मेदारी जांच पूरी होने के बाद ही तय होगी। यदि जांच में गेहूं की कमी या वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल 81 लाख रुपये मूल्य के गेहूं से जुड़े कथित गबन की जांच जारी है। PCF प्रबंधक के तबादले के बाद मामले को लेकर विभागीय स्तर पर कार्रवाई आगे बढ़ रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।