
सफेद रंग का अजगर पकड़ा गया.
Chhatarpur News: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में एक दुर्लभ दिखने वाले सफेद रंग के अजगर को देखकर लोग हैरान रह गए. बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता रथयात्रा के अंतिम दिन यह अजगर दिखाई दिया. करीब 8 फीट लंबे अजगर को देखकर स्थानीय लोगों ने सर्प पकड़ने वाले को सूचना दी. इसके बाद मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया. अजगर का रंग सामान्य से अलग होने के कारण इसे देखने के लिए लोगों में उत्सुकता रही. इसको पकड़ने वाले ने भी कहा कि उसने पहली बार सफेद रंग का ऐसा अजगर देखा है.
रथयात्रा के अंतिम दिन दिखा सफेद अजगर
छतरपुर में सनातन हिंदू एकता रथयात्रा के अंतिम दिन लोगों की नजर एक सफेद रंग के अजगर पर पड़ी. अजगर करीब 8 फीट लंबा था. उसका असामान्य रंग देखकर लोग हैरान हो गए. स्थानीय लोगों ने बिना उसे नुकसान पहुंचाए सर्प पकड़ने वाले को इसकी जानकारी दी. सूचना मिलने के बाद अजगर को पकड़ने के लिए रेस्क्यू किया गया. अजगर को सुरक्षित पकड़ने के बाद इलाके में इसकी चर्चा होने लगी. लोगों के लिए सफेद रंग का अजगर देखना एक अलग अनुभव था. सर्प पकड़ने वाले ने भी इसे दुर्लभ बताते हुए कहा कि उसने अपने अनुभव में पहली बार इस तरह का सफेद अजगर देखा है.
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क्या अल्बिनो है यह अजगर?
अजगर का रंग सफेद होने के कारण इसे अल्बिनो अजगर बताया जा रहा है. अल्बिनो जीवों में मेलेनिन नामक रंगद्रव्य की कमी होती है. यही रंगद्रव्य त्वचा, बालों और आंखों को रंग देने में अहम भूमिका निभाता है. इसकी कमी के कारण जीवों का रंग सामान्य से काफी हल्का दिखाई दे सकता है. हालांकि, केवल सफेद रंग देखकर किसी जीव को अल्बिनो घोषित नहीं किया जा सकता. इस अजगर के अल्बिनो होने की आधिकारिक पुष्टि के लिए वन्यजीव विशेषज्ञों की जांच जरूरी है.
सांप दिखे तो खुद पकड़ने की कोशिश न करें
वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक, सांप या अजगर दिखाई देने पर उसे पकड़ने या उसके करीब जाने की कोशिश करना खतरनाक हो सकता है. इससे इंसान और वन्यजीव, दोनों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है. ऐसे में लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए और वन विभाग या प्रशिक्षित सर्प रेस्क्यू टीम को सूचना देनी चाहिए.

पवन बिदुआ
पवन बिदुआ की पत्रकारिता की यात्रा वर्ष 2018 में छतरपुर के वी न्यूज़ केबल नेटवर्क से शुरू हुई. इसके बाद पवन ने इंडिया न्यूज़ नेशनल और एमपी–सीजी में जिला ब्यूरो के रूप में लगातार जिम्मेदारियां निभाईं. कोविड काल की संवेदनशील और जोखिमपूर्ण रिपोर्टिंग को जमीनी स्तर पर कवर किया. शिक्षा के रूप में पवन बिदुआ ने डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय से BJMC और पं. मोतीलाल नेहरू विधि महाविद्यालय से LLB पूरी की है.
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